निशुल्क रिपोर्ट
 मुख्यपृष्ठ
 राशि मन्डल
 राशिफल
 अंकज्योतिष
 प्रेम
 पर्व त्योहार व्रत
 चौघडिया
  नक्षत्र
 पंचांग
 राशि रत्न
 टैरो
 हस्तरेखा शास्त्र
 
 
मकर राशि में बुध की उल्टी चाल – मतभेदों एवं गलतफहमियों का दौर

12 दिसम्बर 2009

इस साल 26 दिसम्बर 2009 आपके जीवन में बहुत अधिक उथल-पुथल मचा सकता है। और आप के जीवन में इस तरह के तनावपूर्ण दौर के लिए जिम्मेदार है बुध ग्रह का मकर राशि में उल्टी दिशा में चलना!

बुध ग्रह जो कि हर प्रकार के संचार, संचार-साधनों अथवा माध्यमों को नियंत्रित करता है, फिर चाहे ये टेलीफोन, टेलिविजन, इन्टरनेट, डाक-तार आदि हों या फिर आपकी बातचीत। और मकर राशि में बुध के विपरीतगामी होने का अर्थ है – गलतफहमियों की मार।

मकर राशि में बुध की यह वक्रीय चाल लगभग 3 सप्ताह रहेगी और सोचिए कि ये तीन सप्ताह आपके जीवन में न जाने कैसी-कैसी अजीबो-गरीब समस्याएँ लेकर आएँगे। इन तीन हफ्तों में आपका जीवन भौतिक, शारीरिक एवं मानसिक तौर पर बहुत बेचैन और असंतुलित हो जाएगा और आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि आखिर कैसे आपको इन मतभेदों एवं गलतफहमियों से जल्द से जल्द छुटकारा मिले।

दरअसल, कोई ग्रह जब अपनी कक्षा में कुछ ऐसी दिशा की ओर बढ़ता है कि दूर से देखने में प्रतीत होता है कि वह उल्टी दिशा में चल रहा है। तो ग्रह की ऐसी चाल को उल्टी अथवा वक्रीय चाल कहा जाता है।

इस दौर में जब बुध मकर राशि में उल्टी ओर चल रहा होगा तब आपका जीवन तनाव, आंदोलन, बाधाओं एवं अनोखी चिंताओं से बुरी तरह अस्तव्यस्त हो जाएगा। लेकिन हम में से अधिकतर लोग इस बात से अधिक प्रभावित नहीं होंगे बल्कि खुद को बदलते हुए वातावरण एवं परिस्थितियों के अनुसार न ढाल पाने के कारण निराश होंगे। इसलिए बॉस! इस समय आपको अपना ध्यान पूरी तरह से खुद पर ही केन्द्रित करने की बहुत आवश्यकता है, तो जनाब जल्द से जल्द अपने लक्ष्यों के प्रति गंभीर हो जाइए और जरा सोचिए कि आपकी भलाई किस में है – आखिरकार, जैसा देश वैसा भेष!

इस समय गड़े मुर्दे भी उठ खड़े होंगे और पुरानी बाते जो कि अभी तक सुलट नहीं पाई थीं, वे दोबारा आपके सामने आकर आपको चिंता में डाल देंगी। लेकिन यदि आपके जीवन में भी ऐसा ही हो रहा है तो जरा सोचिए कि कहीं ये आपकी आंतरिक व्यवस्था एवं योजनाओं में कमी के कारण तो नहीं।

लेकिन ऐसा भी नहीं है कि बुध ग्रह की मकर राशि में यह चाल सभी के लिए निराशाजनक हो बल्कि कुछ लोगों के लिए तो यह धन-संपति के मामलों में बहुत लाभदायक भी सिद्ध होती है। यह चाल उन लोगों के लिए तो समृद्धि भी लाती है जिनकी कुण्डली में बुध वक्रीय तो है ही किन्तु साथ ही बहुत शुभ जगह पर विधमान है। और यदि पिछले वक्रीय चालों के समय के दौरान कोई मुद्दा उठा था तो बुध की इस वक्रीय चाल में उन मु्द्दों का भी कोई न कोई संतोषजनक हल निकल ही आएगा। बुध की यह वक्रीय चाल जो कि एक खगोलिए परिवर्तन है, अलग-अलग लोगों को अलग-अलग तरह से प्रभावित करती है, जो कि उनकी जन्मकुण्डली के अनुसार होती है।

इस तरह जिस राशि में बुध की चाल वक्रीय होती है उस राशि के गुण वाली अन्य राशियाँ भी मकर की तरह ही प्र आत्मचिन्तन की ओर अग्रसर होंगे। आप अपनी राशि से जुड़े मुद्दों एवं समस्याओँ के विषय में अधिक सोचने लग जाते हैं। और मकर के अलावा मेष, कर्क एवं तुला भी इसी प्रकार के चिन्तन में पड़ेंगे।

मकर राशि जो कि शनि द्वारा शासित राशि है, इसमें बुध के वक्रीय होने से आलोचनाएँ, संदेह तथा शंकाएँ पैदा होती हैं। प्रत्येक व्यक्ति दूसरे के राज जानना चाहेगा। और इस प्रकार क्रूरता, स्वार्थ, भेदभाव, तनाव एवं आक्रोश की भावनाएँ मानव-जीवन को बहुत बुरी तरह से प्रभावित कर देंगी। लोग भौतिकवाद एवं धन की ओर आकर्षित होंगे और लोभ भी अपने चरम पर होगा। और हद से अधिक तनाव एवं चिन्ता से आपका स्वास्थ्य विशेषकर आपका पाचन-तन्त्र भी गड़बड़ा सकता है।

इस दौरान शिक्षा, अध्ययन, इलाज एवं मरम्मत, व्यवसायिक सलाह, कार्यालय में आपसी सम्बन्धों एवं सैन्य-सेवाओं आदि पर बहुत बुरा असर पड़ेगा और इन क्षेत्रों से सम्बन्धित संचार-व्यवस्था बहुत अस्तव्यस्त हो जाएगी। साथ ही यह दौर यात्रा, डाक-तार, मुलाकातों में रुकावटें, कागजों का गुम हो जाना आदि मसले पैदा करता है। अपने साथ एक डायरी रखना न भूलें जिसे आप बारम्बार कभी भी देख सकें।


Mercury Retrograde in Capricorn: Expect Miscommunication and Differences
 
 
 

अन्य ऍस्ट्रो-लेख
» अतिशुभ नवरात्रों में रखें समृद्धि की नींव » गणेश चतुर्थी
» “व्हाट्स योर राशी?” » शुभ दीपावली: इस बार करें नई शुरुआत
» नैपच्यून ग्रह (वरुण) की उल्टी चाल: » वृश्चिक राशि में बुध का प्रवेश: बुद्धिमानी का दौर
» कन्या राशि में शनि: विश्लेषण, प्रभाव एवं नियंत्रण » यूरेनस का मार्गीय होना: परिवर्तन का समय...
» क्रिसमस डबल धमाका!! » मकर राशि में बुध की उल्टी चाल
» 2010 में भी महँगाई से राहत नहीं! » वृश्चिक राशि में बुध का प्रवेश
» नए साल 2010 का उपहार! » वर्ष 2010 में भारतीय राजनीति का भविष्य – भाग 1
» सोनिया गाँधी – 2010 में और अधिक मजूबत » वर्ष 2010 में भारतीय राजनीति का भविष्य – भाग 2
» वर्ष 2010 में भारतीय राजनीति का भविष्य – भाग 3 » मार्गीय मंगल: आपकी ऊर्जा के नवीनीकरण का समय
» नवरात्रि पर्व और माता के नौ रूप » मां शैलपुत्री
» भविष्य -गणना – भाग 1 » भविष्य -गणना – भाग 2
» क्रिसमस दान का त्योहार » गीता सार
» मां शैलपुत्री

Copyright Netway India Pvt. Ltd. 2001-2010 all rights reserved.