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इन अतिशुभ नवरात्रों में रखें समृद्धि की नींव
इस वर्ष का सर्वाधिक शुभ समय बस आने ही वाला है, जी हाँ, अश्विनी मास के नवरात्रे ! नव का अर्थ नौ होता है तो रत्रि अर्थात रातें। ये नौ दिन शक्ति रूपा माता के नौ रूपों को समर्पित होते हैं एवं बुराई पर अच्छाई, अँधेरे पर उजाले तथा झूठ पर सच की विजय के प्रतीक माने जाते हैं। इन नौ दिनों के दौरान श्रद्धालु माता का आशीर्वाद पाने के लिए विशेष पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ एवं उपवास का आयोजन करते हैं।
इस वर्ष के नवरात्रों में क्या खास है?
इस वर्ष नवरात्रे 19 से 27 सितम्बर तक चलेंगे। इस बार के नवरात्रे बहुत विशेष हैं क्योंकि ढाई वर्ष के पश्चात शनि सिंह राशि को छोड़कर कन्या राशि में प्रवेश करने जा रहा है, जिससे अभी तक आपको जो भी समस्याएँ हुईं वे अब समाप्त होने ही वाली हैं। यह समय अत्यन्त लाभदायक बदलाव ले कर आ रहा है। तो फिर तैयार हो जाइए और इन नवरात्रों में माता की अराधना करके समृद्धि, धन एवं यश को अपने घर ले आइए। इस के लिए इन नवरात्रों के दौरान पूजा-पाठ आदि का आयोजन करते समय कुछ विशेष यंत्रों को पूजा में शामिल करने से आपको शीघ्रातिशीघ्र सर्वोत्तम लाभ प्राप्त होगा।
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