Skip Navigation Links
रघुराम राजन हुए राजनीति के शिकार या पड़ी ग्रहों की मार?


रघुराम राजन हुए राजनीति के शिकार या पड़ी ग्रहों की मार?

भारतीय रिजर्व बैंक के 23 वें गवर्नर और प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. रघुराम राजन इन दिनों फिर से चर्चा में हैं। राजन ने हाल ही में घोषणा की है कि वे रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में वे दूसरा कार्यकाल नहीं चाहते। दरअसल बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी राजन का विरोध करते रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरूण जेटली को उन्होंने पत्र लिखकर रघुराम राजन को आरबीआई गवर्नर के रूप में दूसरा कार्यकाल न देने का सुझाव दिया था। इसके बाद रघुराम राजन ने स्वंय ही घोषणा कर दी है कि उनकी दूसरे कार्यकाल में कोई रुचि नहीं है वे सिंतबर 2016 में अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद फिर से शैक्षणिक क्षेत्र में अपनी सेवाएं देंगें। 2008 की आर्थिक मंदी की सटीक भविष्यवाणी करने वाले राजन की कुंडली पर क्या कहना है एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों का कौन से ग्रह हैं जो उन्हें यह सब करने पर मजबूर कर रहे हैं?




नाम: डॉ. रघुराम राजन

जन्म तिथि: 3 फरवरी 1963

जन्म स्थान: भोपाल, मध्यप्रदेश

जन्म समय: 12:00

उपरोक्त विवरण के अनुसार रघुराम राजन का जन्म मेष लग्न में हुआ, उनकी चंद्र राशि वृष है इस समय इन पर शनि की महादशा चल रही है जिसमें अंतर्दशा केतु की है और प्रत्यंतर दशा में मंगल चल रहा है।


मेष लग्न में शनि की दशा को अच्छा नहीं माना जाता लेकिन शनि कुंडली में कार्यक्षेत्र का स्वामी है जो अपने घर में बैठा हुआ है ऐसे में कार्य के लिहाज से इसे बुरा नहीं कहा जा सकता बड़े ओहदे व व्यवसाय के लिये यह भाग्यशाली माना जाता है और अच्छा परिणाम देने वाला होता है। फलस्वरुप हम देख सकते हैं कि राजन के कार्यकाल में उनके द्वारा किये गये कार्यों की सराहना भी हो रही है। कुंडली के अनुसार शनि की कृपा से ही वे इस मुकाम तक पंहुचे भी हैं। लेकिन वर्तमान में शनि के साथ मंगल का आना और गोचर में शनि मंगल का वक्री होना एवं मंगल का कहीं से भी बली अर्थात मजबूत न होना इतना ही नहीं कुंडली में शनि और राहू से ग्रसित होना आजकल इनकी सोच को नकारात्मक बना रहा है। ऐसे में व्यक्ति द्वारा सोचने समझने के बावजूद भी गलत निर्णय लेने की संभावना बनी रहती है। 16 जून से लेकर 8 सितंबर तक का समय इनके लिये शुभ नहीं कहा जा सकता। इसलिये इस दौरान इनके लिये सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावनाएं कम हैं और नकारात्मक परिणाम मिलने की ज्यादा।


वर्ष कुंडली में मंगल का 12वां होना भी इन्हें संकट में डालने का काम कर सकता है। चंद्रमा का लग्न में नीच का होना भी नकारात्मकता की ओर ही ईशारा करता है। डॉ रघुराम राजन की वर्ष कुंडली में इनका चंद्रमा और शनि एक साथ लग्न में बैठे हैं जो विष योग बना रहे हैं चूंकि वर्ष कुंडली में शनि कार्यक्षेत्र को देख रहा है इसलिये यह कार्यक्षेत्र में बाधक बन जाता है।


राजन आरबीआई में अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद फिर से शिकागो विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य शुरु करेंगें। राजन की घोषणा के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी कहा है कि जल्द ही उनके उत्तराधिकारी की घोषणा की जायेगी। ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि राजन को ऐसे में शांत बने रहना चाहिये चूंकि उनकी कुंडली में ग्रहों की दशा फिलहाल ठीक नहीं है।





एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

IPL 2017 – GL vs MI क्या रोहित के सितारे रैना पर पड़ेंगे भारी?

IPL 2017 – GL vs M...

आईपीएल 2017 में अब मुकाबले निर्णायक दौर में हैं। आधे से ज्यादा मैच खेले जा चुके हैं। ऐसे में अब हर मैच में हार जीत टीम के लिये आईपीएल के इस द...

और पढ़ें...
शंकराचार्य जयंती 2017 – आदि शंकराचार्य जिन्होंने हिंदू धर्म को दी एक नई चेतना

शंकराचार्य जयंती 2...

वैशाख मास का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। इस माह में अनेक धार्मिक गुरुओं, संत कवियों सहित स्वयं भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में अवतार धार...

और पढ़ें...
सूरदास जयंती 2017 – सूरदास जिसने जगत को दिखाई श्री कृष्णलीला

सूरदास जयंती 2017 ...

महाकवि सूरदास जिन्होंने जन-जन को भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं से परिचित करवाया। जिन्होंनें जन-जन में वात्सल्य का भाव जगाया। नंदलाल व यशोमति...

और पढ़ें...
IPL 2017 - KKR vs DD गंभीर को ग्रहों का साथ क्या ज़हीर खायेंगे मात?

IPL 2017 - KKR vs ...

IPL 2017 का हर मैच रोमांचकारी साबित हो रहा है हर रोज नये रिकॉर्ड बन रहे हैं पुराने रिकॉर्ड टूट रहे हैं। एस्ट्रोयोगी पर हम मुकाबले से पूर्व टी...

और पढ़ें...
चंद्र ग्रह - कैसे हुआ जन्म पढ़ें पौराणिक कथा

चंद्र ग्रह - कैसे ...

चंद्रमा, चांद, चंद्र, सुधाकर, सुधांशु जैसे अनेक नामों से हम एक ऐसे ग्रह के बारे में जानते हैं जो हमें सूर्य के बाद सबसे करीब दिखाई देता है। स...

और पढ़ें...