Skip Navigation Links
सिद्धार्थ मल्होत्रा - महादशा में बुध काम होंगें शुद्ध


सिद्धार्थ मल्होत्रा - महादशा में बुध काम होंगें शुद्ध

बतौर सहायक निर्देशक बॉलीवुड में कदम रखने वाले सिद्धार्थ मल्होत्रा आज कल बुलंदी पर हैं। मल्होत्रा ने बतौर अभिनेता 2012 में आयी करन जोहर की फिल्म स्टूडैंट ऑफ द इयर से शुरुआत की। फिल्म ने लोगों का समर्थन और तारीफें तो बटौरी ही साथ ही उनके करियर ने भी एक दम तेजी पकड़ी। हंसी तो फंसी, एक विलन के बाद अक्षय कुमार के साथ ब्रदर्स में बॉक्सर के किरदार की भी खूब सराहना हुई। 18 मार्च को उनकी अगली फिल्म कपूर एंड संस भी रीलिज होने जा रही है। 16 जनवरी को सिद्धार्थ मल्हौत्रा 31 साल के हो जाएंगे, ऐसे में आइये जानते हैं कि बॉलीवुड के इस उभरते हुए सितारे के सितारे, क्या कहते हैं ?

यहां क्लिक कर जानें अपना राशिफल

नाम- सिद्धार्थ मल्होत्रा 

जन्म तिथि- 16 जनवरी 1985 

जन्म स्थान- दिल्ली 

इस कुंडली के अनुसार लग्न- वृष, चंद्र राशि- वृश्चिक, नक्षत्र- अनुराधा पहला चरण, महादशा- बुध, अंतर्दशा- बृहस्पति व प्रत्यंतर दशा में शनि है।

सिद्धार्थ मल्होत्रा की इस कुंडली के अनुसार ग्रह इनके पक्ष में हैं। बुध की महादशा व अंतर्दशा में बृहस्पति होने से इन्हें अपने कर्मक्षेत्र में अच्छा प्रतिफल मिलने की संभावना है। शुक्र मंगल के साथ मिलकर आर्थिक रुप से अतिरिक्त लाभ मिलने की ओर ईशारा कर रहा है। वहीं आने वाले समय में शुक्र इनके लिए राजा व बुध मंत्री की भूमिका निभाएंगे जिससे इन्हें कार्यक्षेत्र में ख्याति के साथ धन भी प्राप्त होगा। राहु का वृष राशि में होना भी इनके लिए मेहनत करवाने वाला तो होगा, लेकिन धन का योग भी बना रहा है। हालांकि केतू का कन्या राशि में होना इनके लिए मानसिक रुप से तनाव ला सकता है। इन्हें अपने आंतरिक स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा। चंद्रमा का नीच राशि में होना संकेत करता है कि सबकुछ होने के बावजूद भी ये संतुष्ट नहीं होंगें, जिससे नकारात्मक विचार भी इन पर हावि रह सकते हैं। खास तौर पर 14 मार्च तक का समय इनके लिए काफी कठिन है, इस दौर में इन्हें नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए।

कुल मिलाकर आने वाला समय इनके लिए बहुत अच्छा साबित होगा। एस्ट्रोयोगी की और से इन्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

अन्य लेख पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

अक्षय तृतीया 2017 - अक्षय तृतीया व्रत व पूजा विधि

अक्षय तृतीया 2017 ...

हर वर्ष वैसाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि में जब सूर्य और चन्द्रमा अपने उच्च प्रभाव में होते हैं, और जब उनका तेज सर्वोच्च होता है, उस ति...

और पढ़ें...
वैशाख अमावस्या – बैसाख अमावस्या दिलाती है पितरों को मोक्ष

वैशाख अमावस्या – ब...

अमावस्या चंद्रमास के कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन माना जाता है इसके पश्चात चंद्र दर्शन के साथ ही शुक्ल पक्ष की शुरूआत होती है। पूर्णिमांत पंचांग क...

और पढ़ें...
बृहस्पति ग्रह – कैसे हुआ जन्म और कैसे बने देवगुरु पढ़ें पौराणिक कथा

बृहस्पति ग्रह – कै...

गुरु ग्रह बृहस्पति ज्योतिष शास्त्र में बहुत अहमियत रखते हैं। ये देवताओं के गुरु माने जाते हैं इसी कारण इन्हें गुरु कहा जाता है। राशिचक्र की ध...

और पढ़ें...
बाबा खाटू श्याम - हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा

बाबा खाटू श्याम - ...

निर्धन को धनवान का, निर्बल को बलवान और इंसा को भगवान का सहारा मिलना चाहिये। हिम्मत वाले के हिमायती तो राम बताये ही जाते हैं लेकिन हारे हुए बि...

और पढ़ें...
मेंहदीपुर बालाजी – यहां होती है प्रेतात्माओं की धुलाई

मेंहदीपुर बालाजी –...

मेंहदीपुर बाला जी का नाम तो आपने बहुत सुना होगा। हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली व उत्तरप्रदेश में तो बालाजी के भक्तों की बड़ी तादाद आपको मिल जायेग...

और पढ़ें...