Skip Navigation Links
टी-20 विश्वकप 2016 – 27 मार्च को भिड़ेंगें भारत-ऑस्ट्रेलिया


टी-20 विश्वकप 2016 – 27 मार्च को भिड़ेंगें भारत-ऑस्ट्रेलिया

टी-20 विश्वकप 2016 में भारत की शुरुआत बेशक हार से हुई लेकिन इस हार से सबक लेकर भारत ने पाकिस्तान पर विश्वकप में अपना विजय अभियान जारी रखा है। बांग्लादेश से तो हार की कगार पर जाकर उनकी जीत को भारत ने अपनी झोली में डाल लिया। ये खिलाड़ियों की मेहनत, उनके प्रयास और कप्तान की रणनीतियां तो हैं ही साथ ही इन हालातों में भाग्य पर भरोसा करने को हम मजबूर हो जाते हैं। क्या पता एन मौके पर कौनसा ग्रह आपका साथ दे और कौनसा आपको मात दे। 27 मार्च को ऑस्ट्रेलिया के साथ होने वाला मैच भारत के लिये करो या मरो की स्थिति वाला होगा। इसलिये आइये जानते हैं एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्य क्या कहते हैं भारत व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान की कुंडली के अनुसार किस पर रहेंगें सितारे मेहरबान। सबसे पहले जानते हैं भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के बारे में-


 नाम: महेन्द्र सिंह धोनी

जन्म तिथि: 7 जुलाई 1981

जन्म समय: 11:15:00

जन्म स्थान: रांची


उपरोक्त विवरण के अनुसार महेन्द्र सिंह का जन्म कन्या लग्न में हुआ व उनकी चंद्र राशि भी कन्या है। इस समय इन पर राहू की महादशा चल रही है व अतंर्दशा में शुक्र विराजमान है। प्रत्यंतर दशा में बृहस्पति है।

इनकी कुंडली के अनुसार इस लग्न में राहू का परिणाम खेल के प्रति अच्छा रहता है लेकिन शुक्र और बृहस्पति का साथ होना अच्छे संकेत नहीं दे रहा बल्कि ऐसी स्थिति में कई बार बनती बात भी बिगड़ जाती है। इस लग्न में बृहस्पति का परिणाम सकारात्मक नहीं माना जाता। कई बार इससे विरोधी टीम को भी लाभ मिल जाता है। महेंद्र सिंह धोनी के लिये बृहस्पति और शुक्र का यह योग जून तक रहेगा ऐसे में यह समय उनके लिये संघर्षों का समय है। हालांकि कड़े संघर्ष के बाद परिणाम भी सकारात्मक मिलने के आसार हैं। वहीं 27 मार्च को इनके लिये चंद्रमा भी दूसरा होगा तो मंगल 9वें घर में बैठा है। कुल मिलाकर यह स्थिति भी बहुत ज्यादा अच्छी तो नहीं कही जा सकती लेकिन एक मजबूत चुनौति देने की क्षमता को जरुर दिखलाती है। कुल मिलाकर धोनी के लिये यही कहा जा सकता है कि जो कर्मठ होते हैं, मेहनती होते हैं और सबको साथ लेकर चलने का हुनर जानते हैं वे भाग्य को बदलने की ताकत रखते हैं।


ये तो था भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के ग्रहों का हाल आइये अब एक नजर डालते हैं ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ के सितारों पर।


नाम: स्टीवन स्मिथ

जन्म तिथि: 2 जून 1989

जन्म समय: 12:00:00

जन्म स्थान: सिडनी, ऑस्ट्रेलिया

इस विवरण के अनुसार स्टीवन स्मिथ का जन्म सिंह लग्न में हुआ व चंद्र राशि मेष है। इस समय इन पर राशि स्वामी मंगल की महादशा चल रही है व अंतर्दशा में चंद्रमा विद्यामान हैं। प्रत्यंतर दशा में शुक्र विराजमान है। इस समय इनका मंगल ग्यारहवां है जिसे बहुत ही शुभ फलदायी माना जाता है। विशेषकर खेल के मैदान में भाग्य और कर्मेश मंगल इनके लिये सकारात्मक संकेत दे रहा है।


खेल के नजरिये से बात की जाये तो ऑस्ट्रेलिया और भारत की स्थिति लगभग एक जैसी है। इस विश्वकप में दोनों ही न्यूजीलैंड के हाथों मात खा चुके हैं। लेकिन न तो टी-20 मैचों में भारत के हाथों अपने ही घर में 3-0 से मात खाने के गम को ऑस्ट्रेलिया भूला होगा और न ही भारत उस जीत के जश्न को। एक और जहां ऑस्ट्रेलिया टी-20 विश्वकप में भारत को हराकर बदला लेना चाहेगा तो वहीं भारत भी अपने घर में ही विश्वकप को रखने के लिये जी जान से खेलेगा। कुल मिलाकर मुकाबला टक्कर का होगा। हालांकि ग्रहों की दशा के अनुसार पलड़ा स्टीवन स्मिथ का भारी है लेकिन संघर्ष के बाद जीत अपनी झोली में डालना शायद महेन्द्र सिंह धोनी का भाग्य बन गया है।




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

गुरु चाण्डाल दोष – कैसे बनता है गुरु चांडाल योग व क्या हैं उपाय

गुरु चाण्डाल दोष –...

ज्योतिषशास्त्र कुंडली के अनुसार हमारे भविष्य का पूर्वानुमान लगाता है। इसके लिये ज्योतिषशास्त्री अध्ययन करते हैं ग्रहों की दशाओं का। इन दशाओं ...

और पढ़ें...
चैत्र मास - पर्व व त्यौहार

चैत्र मास - पर्व व...

चैत्र मास का हिंदू धर्म में धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से बहुत अधिक महत्व है। क्योंकि फाल्गुन और चैत्र ये दो मास प्रकृति के बहुत ही खूबसूरत मा...

और पढ़ें...
फाल्गुन – फाल्गुन मास के व्रत व त्यौहार

फाल्गुन – फाल्गुन ...

फाल्गुन यह मास हिंदू पंचाग का आखिरी महीना होता है इसके पश्चता हिंदू नववर्ष का आरंभ होता है। हिंदू पंचाग के बारह महीनों में पहला महीना चैत्र क...

और पढ़ें...
राहू देता है चौंकाने वाले परिणाम

राहू देता है चौंका...

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सभी जातकों का भूत वर्तमान व भविष्य जातक की जन्मकुंडली में ग्रहों की दशाओं से प्रभावित होता है। इसी प्रभाव के कारण कु...

और पढ़ें...
फाल्गुन अमावस्या – क्यों खास है इस वर्ष फाल्गुनी अमावस्या

फाल्गुन अमावस्या –...

फाल्गुन मास जो कि अल्हड़पन और मस्ती के लिये जाना जाता है और हिंदू वर्ष का अंतिम मास है। फाल्गुन माह में पड़ने वाली अमावस्या ही फाल्गुन या कहे...

और पढ़ें...