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diwali

दिवाली 2017


दिवाली या कहें दीपावली भारतवर्ष में मनाया जाने वाला हिंदूओं का एक ऐसा पर्व है जिसके बारे में लगभग सब जानते हैं। प्रभु श्री राम की अयोध्या वापसी पर लोगों ने उनका स्वागत घी के दिये जलाकर किया। अमावस्या की काली रात रोशन भी रोशन हो गई। अंधेरा मिट गया उजाला हो गया यानि कि अज्ञानता के अंधकार को समाप्त कर ज्ञान का प्रकाश हर और फैलने लगा। इसलिये दिवाली को प्रकाशोत्सव भी कहा जाता है। दिवाली का त्यौहार जब आता है तो साथ में अनेक त्यौहार लेकर आता है। एक और यह जीवन में ज्ञान रुपी प्रकाश को लाने वाला है तो वहीं सुख-समृद्धि की कामना के लिये भी दिवाली से बढ़कर कोई त्यौहार नहीं होता इसलिये इस अवसर पर लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है। दीपदान, धनतेरस, गोवर्धन पूजा, भैया दूज आदि त्यौहार दिवाली के साथ-साथ ही मनाये जाते हैं। सांस्कृतिक, सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक हर लिहाज से दिवाली बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है। वर्तमान में तो इस त्यौहार ने धार्मिक भेदभाव को भी भुला दिया है और सभी धर्मों के लोग इसे अपने-अपने तरीके से मनाने लगे हैं। हालांकि पूरी दुनिया में दिवाली से मिलते जुलते त्यौहार अलग-अलग नामों से मनाये जाते हैं लेकिन भारतवर्ष में विशेषकर हिंदूओं में दिवाली का त्यौहार बहुत मायने रखता है।

 

दिवाली और लक्ष्मी पूजा

 

माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिये इस दिन को बहुत ही शुभ माना जाता है। घर में सुख-समृद्धि बने रहे और मां लक्ष्मी स्थिर रहें इसके लिये दिनभर मां लक्ष्मी का उपवास रखने के उपरांत सूर्यास्त के पश्चात प्रदोष काल के दौरान स्थिर लग्न (वृषभ लग्न को स्थिर लग्न माना जाता है) में मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिये। लग्न व मुहूर्त का समय स्थान के अनुसार ही देखना चाहिये।



दिवाली पर्व तिथि व मुहूर्त 2017



  • दिवाली 2016

    30 अक्तूबर

    लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 18:27 से 20:09

    प्रदोष काल- 17:33 से 20:09

    वृषभ काल- 18:27 से 20:22

    अमावस्या तिथि आरंभ- 20:40 (29 अक्तूबर)

    अमावस्या तिथि समाप्त- 23:08 (30 अक्तूबर)

  • दिवाली 2017

    19 अक्तूबर

    लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 19:11 से 20:16

    प्रदोष काल- 17:43 से 20:16

    वृषभ काल- 19:11 से 21:06

    अमावस्या तिथि आरंभ- 00:13 (19 अक्तूबर)

    अमावस्या तिथि समाप्त- 00:41 (20 अक्तूबर)

  • दिवाली 2018

    7 नवंबर

    लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 17:57 से 19:53

    प्रदोष काल- 17:27 से 20:06

    वृषभ काल- 17:57 से 19:53

    अमावस्या तिथि आरंभ- 22:27 (06 नवंबर)

    अमावस्या तिथि समाप्त- 21:31 (07 नवंबर)

  • दिवाली 2019

    27 अक्तूबर

    लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 18:42 से 20:11

    प्रदोष काल- 17:36 से 20:11

    वृषभ काल- 18:42 से 20:37

    अमावस्या तिथि आरंभ- 12:23 (27 अक्तूबर)

    अमावस्या तिथि समाप्त- 09:08 (28 अक्तूबर)

  • दिवाली 2020

    14 नवंबर

    लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 17:28 से 19:23

    प्रदोष काल- 17:23 से 20:04

    वृषभ काल- 17:28 से 19:23

    अमावस्या तिथि आरंभ- 14:17 (14 नवंबर)

    अमावस्या तिथि समाप्त- 10:36 (15 नवंबर)

  • दिवाली 2021

    4 नवंबर

    लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 18:08 से 20:04

    प्रदोष काल- 17:29 से 20:07

    वृषभ काल- 18:08 से 20:04

    अमावस्या तिथि आरंभ- 06:02 (04 नवंबर)

    अमावस्या तिथि समाप्त- 02:43 (05 नवंबर)

  • दिवाली 2022

    24 अक्तूबर

    लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 18:52 से 20:13

    प्रदोष काल- 17:38 से 20:13

    वृषभ काल- 18:52 से 20:48

    अमावस्या तिथि आरंभ- 17:26 (24 अक्तूबर)

    अमावस्या तिथि समाप्त- 16:17 (25 अक्तूबर)

  • दिवाली 2023

    12 नवंबर

    लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 17:39 से 19:34

    प्रदोष काल- 17:25 से 20:05

    वृषभ काल- 17:39 से 19:34

    अमावस्या तिथि आरंभ- 14:44 (12 नवंबर)

    अमावस्या तिथि समाप्त- 14:56 (13 नवंबर)

  • दिवाली 2024

    1 नवंबर

    लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 17:31 से 18:16 (*स्थिर लग्न रहित)

    प्रदोष काल- 17:31 से 20:08

    वृषभ काल- 18:19 से 20:05

    अमावस्या तिथि आरंभ- 15:52 (31 अक्तूबर)

    अमावस्या तिथि समाप्त- 18:16 (01 नवंबर)

  • दिवाली 2025

    20 अक्तूबर

    लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 19:07 से 20:15

    प्रदोष काल- 17:42 से 20:15

    वृषभ काल- 19:07 से 21:03

    अमावस्या तिथि आरंभ- 15:44 (20 अक्तूबर)

    अमावस्या तिथि समाप्त- 17:54 (21 अक्तूबर)

  • दिवाली 2026

    08 नवंबर

    लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 17:53 से 19:49

    प्रदोष काल- 17:27 से 20:06

    वृषभ काल- 17:53 से 19:49

    अमावस्या तिथि आरंभ- 11:27 (08 नवंबर)

    अमावस्या तिथि समाप्त- 12:30 (09 नवंबर)


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