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भारत खेल 2017 - खेलों के लिये कैसा है 2017


भारत खेल 2017 - खेलों के लिये कैसा है 2017

नव वर्ष को लेकर सबके मन में उत्सुकुता होती है। व्यक्तिगत से लेकर पूरे जगत तक लिये हम जान लेना चाहते हैं कि आने वाला समय कैसा रहने वाला है, सामान्य है तो बेहतर कैसे हो, बेहतर है तो और बेहतर कैसे करें और यदि समय कठिनाइयों भरा है तो उसका इंतजाम क्या किया जाये। यही प्रश्न देश व समाज के हालातों के बारे में भी होते हैं। हर कोई जानना चाहता है भारत के लिये नया साल कैसा रहेगा। भारत में रहने वाले विभिन्न क्षेत्रों पर आने वाले समय में क्या प्रभाव पड़ेगा। राजनीति हो या व्यापार, मनोरंजन हो या खेल अपनी-अपनी रूचि के अनुसार हम जानना चाहते हैं उन के लिये यह नया साल क्या खास लेकर आ रहा है। तो इसी कड़ी में एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्य आपको बता रहे हैं कि खेल व खिलाड़ियों के लिये 2017 कैसा रहेगा।

शुरुआती दो महीने हैं खिलाड़ियों के लिये कठिन

वर्ष 2017 की शुरुआत कन्या लग्न और मकर राशि में होगी। खेलों के लिये कारक ग्रह शनि व मंगल माने जाते हैं जो कि वर्षारंभ के समय परस्पर एक दूसरे की राशि में हैं। इसका संकेत है कि शुरुआती दो महीनों का समय खिलाड़ियों के लिये कठिनाइयों भरा हो सकता है। लेकिन शनि व मंगल के स्थान परिवर्तन और चंद्रमा की महादशा रहने से नई प्रतिभाओं का उदय भी खेल जगत में होने की पूरी संभावना है।

इस समय की मेहनत भविष्य में लायेगी रंग

काफी समय से कठिन परिश्रम कर रहे खिलाड़ियों को मार्च के बाद से अनुकूल परिणाम मिलने के योग बन रहे हैं। जो खिलाड़ी भविष्य में अपने आपको शिखर में देखना चाहते हैं उन्हें अभी से तैयारियों में जुटने की आवश्यकता है। यह समय तैयारी के लिहाज से काफी सकारात्मक है इस समय की आपकी मेहनत भविष्य में रंग जरुर लेकर आयेगी, दरअसल साल 2017 की राशि शनि की राशि है और शनिदेव खिलाड़ियों में झूझारुपन और लड़ने की क्षमता का विकास करते हैं। लंबे समय से खेल से दूर रहने वाले खिलाड़ी भी 2017 में स्वर्णिम समय की उम्मीद कर सकते हैं।

सिंह व कुंभ राशि के खिलाड़ी रहें सावधान

खिलाड़ियों को उनकी मेहनत का फल तो मिलेगा लेकिन मेहनत यानि कि मैदान पर अपने खेल का अभ्यास करते समय आपको सचेत रहने की भी आवश्यकता होगी। दरअसल शुक्र व मंगल ग्रह नववर्ष के आगमन के समय एक साथ होंगे जोकि खिलाड़ियों के चोटिल होने की ओर भी संकेत कर रहे हैं। यदि आपने अभ्यास के दौरान किसी भी तरह की सावधानी नहीं बरती तो आपके लिये यह ग्रह किसी बड़ी चोट का कारण बन सकते हैं जिससे हो सकता है आपकी भावी योजनाओं पर भी पानी फिर जाये। जिन खिलाड़ियों की राशि सिंह व कुंभ हैं वे खिलाड़ी तो विशेष रूप से सचेत रहें।

 

भारत में खेलों के लिये कैसा है 2017


अगर भारत की कुंडली के अनुसार देखा जाये तो फरवरी 2017 में चंद्रमा के साथ राहू की अंतर्दशा शुरु हो जायेगी जो कि 10 अगस्त 2018 तक रहेगी। जबकि वर्ष 2017 की कुंडली में चंद्रमा की महादशा में गुरु का अंतर और राहू का प्रत्यंतर रहेगा यह दशा दोनों कुंडलियों के अनुसार बहुत अनुकूल तो नहीं है लेकिन वर्ष कुंडली में चंद्र गुरु तथा भारतीय खिलाड़ियों की राशि के हिसाब से 2017 फलदायी हो सकता है। इस योग से भारत को किसी खेल में नायकत्व का पद मिल सकता है। हालांकि इस समय में खिलाड़ियों को उच्च मनोबल बनाये रखना होगा क्योंकि यही उन्हें 2017 में सफलता  दिला सकता है।

अक्तूबर महीने में अंडर-17 फुटबाल विश्वकप की मेजबानी भारत कर रहा है। इस समय भारत की कुंडलीनुसार चंद्रमा की महादशा में राहू का अंतर और बुध का प्रत्यंतर रहेगा जो कि दिसबंर के आखिर सप्ताह के आरंभ तक बना रहेगा। वहीं वर्ष कुंडली में चंद्रमा की दशा में शनि का अंतर बना रहेगा। शनि जो कि वर्ष कुंडली का राशि स्वामी है। खेल जगत में शनि भारत की नई प्रतिभाओं को उभारने का मौका दे सकता है। फिफा अंडर -17 कप में भारत को हार मिले या जीत लेकिन भविष्य में इसका भारत को बहुत अच्छा लाभ मिलने के आसार हैं।

कुल मिलाकर भारत में खेल व खिलाड़ियों के लिये 2017 एक उत्तम वर्ष रहने के आसार हैं।


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