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लग्न राशि की मदद से जानें, अपना स्वभाव


लग्न राशि की मदद से जानें, अपना स्वभाव

हम अक्सर सोचते हैं कि हमारा स्वभाव और व्यवहार कौन निश्चित करता है? क्या हम खुद से अपना स्वभाव चुनते हैं? कई लोग शांत होते हैं, कई बड़े चतुर होते हैं, कई अकेलेपन को पसंद करते हैं तो कुछ सदैव राजा की तरह जीवन जीते हैं। एक प्रश्न हमेशा हमारे दिमाग में चलता है कि आखिर वह कौन से कारक हैं जो इंसान के स्वभाव को तय करते हैं? इन सभी सवालों के जवाब हम ज्योतिष विद्या से प्राप्त कर सकते हैं तो आइये जानते हैं कि इस विषय पर ज्योतिष विद्या क्या कहती है-


हर व्यक्ति की जन्म कुंडली में मुख्य रूप से 12 भाव (हाउस) होते हैं। इनमें से चार प्रमुख भाव होते हैं, प्रथम भाव- लग्न, चतुर्थ- सुख, सप्तम- स्त्री और दशम्- व्यापार।


कुंडली का प्रथम भाव ‘लग्न’ होता है जो व्यक्ति के व्यवहार को तय करता है। एक शिशु के जन्म समय पर 12 राशियों में से एक राशि जन्म के समय पूर्व दिशा में स्थित होती है| यही राशि लग्न राशि होती है।

आइये जानते हैं कि आपकी लग्न राशि, आपके बारें में क्या कहती है-


मेष लग्न- मेष राशि का चिन्ह भेड़ होता है। मेष लग्न के व्यक्ति परिश्रमी होते हैं। धैर्य की इन जातकों में बेहद कमी होती है इसलिए तुरन्त परिणाम न आने पर काम को बीच में ही छो़डने की प्रवृत्ति इनमें अधिक होती है।


वृष लग्न- वृष राशि सूचक बैल होता है। इस लग्न के जातक कठिन कार्यों को बड़ी सरलता से पूरा करते हैं। इन जातकों का छोटा कद और आकर्षक व्यक्तित्व रहता है। स्थिर लग्न होने से वृष लग्न वालों का स्वभाव भी स्थिर होता है।


मिथुन लग्न- मिथुन राशि का चिन्ह स्त्री-पुरूष है। मिथुन लग्न के जातक बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं। किसी और पर विश्वास ना करके अपने पर विश्वास करना, इनका मुख्य और महत्वपूर्ण गुण होता है।


कर्क लग्न- कर्क राशि का चिन्ह केकड़ा होता है। कर्क लग्न के जातक का स्वभाव बेहद जटिल होता है। इनका मुख्य गुण इनकी तेज़ प्रकृति होती है। कर्क लग्न के व्यक्ति अपना कार्य कैसे भी और किसी भी तरह निकाल लेते हैं। लगातार कार्य करना इनका स्वभाव होता है।


सिंह लग्न- सिंह राशि का चिन्ह शेर होता है। सिंह (शेर) जंगल का राजा होता है। इसी प्रकार सिंह लग्न के व्यक्ति भी राजा की तरह जीते हैं। इनका स्वभाव नरम और निडर होता है और समय आने पर यह लोग प्रतिफल अच्छा देते हैं।


कन्या लग्न- कन्या राशि का चिन्ह स्त्री है। शांत स्वभाव इनका मुख्य गुण होता है। कन्या लग्न के जातक सीधे-साधे और ज़मीन से जुड़े हुए रहते हैं। इनके कार्यों की गति भी धीमी रहती है किन्तु अपने लक्ष्य के लिए यह लोग सदैव गंभीर होते हैं।


तुला लग्न- तुला राशि का चिन्ह तराजू है। तुला लग्न के व्यक्ति गंभीर प्रवृति वाले होते हैं। सबको साथ लेकर चलने की प्रवृत्ति होने के कारण सबके साथ एक समान व्यवहार करते हैं। व्यवस्थित जीवन जीना इनका मुख्य गुण होता है।


वृश्चिक लग्न- वृश्चिक राशि का चिन्ह बिच्छु है। किसी के सामने अपनी बातों को ना रखना, अक्सर अपने अनुकूल मौकों की तलाश करना ही इनकी प्रवृत्ति होती है। इनकी वाणी में थोड़ा कड़वापन रहता है। स्वभाव में उग्रता होने के कारण इनकी नेतृत्व शक्ति अच्छी होती है।


धनु लग्न- धनु राशि का चिन्ह जानवर-पुरुष है। धनु लग्न के व्यक्ति अपने कार्य का एक लक्ष्य बनाकर चलते हैं। अपना समय बर्बाद करना इनको बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता है। धनु लग्न के व्यक्ति बुद्धिमान होते हैं। ऎसे व्यक्ति सबसे श्रेष्ठ होते हैं और बहुत ज्ञाता होते हैं। अपने गुणों की वजह से इनका अहंकार बहुत जल्द सामने आ जाता है।


मकर लग्न- मकर राशि का चिन्ह मगरमच्छ है। मकर लग्न वाले जातक बेहद परिश्रमी और कठोर प्रवृत्ति के व्यक्ति होते हैं। किसी और पर ध्यान देने से पहले यह अपना निजी हित देखते हैं। जीवन से आने वाली बाधाओं से घबराते नहीं हैं, बल्कि उनका सामना करते हैं।


कुंभ लग्न- कुम्भ राशि का चिन्ह घड़ा है। दिल के साफ़ और सदैव दूसरों की सोचने वाले कुंभ लग्न के जातक साधु प्रवृत्ति के होते हैं। इनका दिल साफ़ होता है और किसी की चुगली-निंदा करना इनको बिल्कुल नहीं भाता है। सदैव समाज और सर्वहितकारी कार्य करना इनकी पहली पसंद होती है।


मीन लग्न- मीन राशि का चिन्ह दो मछलियों का जोड़ा है। मीन लग्न के जातकों का सूचक मछली होती हैं। मछली की तरह ही इनका स्वभाव होता है यह सदैव स्वतंत्र रहना पसंद करते हैं। धार्मिक गुणों से भरे हुए मीन लग्न के जातक गुरू समान रहते हैं। वाणी में मिठास और बात में गंभीरता होने की वजह से सभी इनकी बातों को ध्यान से सुनते हैं।




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