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अद्वितीय सचिन


अद्वितीय सचिन

यह इत्तेफाक नहीं बल्कि ऊपर वाले की मर्ज़ी है कि 15 नवंबर 1989 को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले सचिन तेंदुलकर पूरे 24 साल बाद 14 नवंबर 2013 को अपने क्रिकेट करियर का आखरी मैच खेलने के लिए मैदान में उतरेंगे| क्रिकेट के इतिहास में अपने अद्भुत खेल से रिकार्ड्स का कीर्तिमान खड़ा करने वाले सचिन महज़ 16 साल की उम्र में मैदान पर आये थे| तब से लेकर आज तक सचिन भारतीय क्रिकेट टीम की 4 पीढ़ियों के साथ क्रिकेट खेल चुके है और आज भी कई युवा पीढ़ियों की प्रेरणा है|

आइये देखते है कैसे सचिन ने अपने इस सफ़र को ऐतिहासिक बनाया|

24 अप्रैल 1973 को मुंबई के एक मराठी परिवार में जन्मे सचिन रमेश तेंदुलकर का नाम ‘सचिन’ उनके पिता रमेश तेंदुलकर ने रखा था| सचिन के पिता रमेश तेंदुलकर ने सचिन के लिए यह नाम मशहूर संगीतकार सचिन देव बर्मन के नाम से प्रेरित होकर चुना था|

सचिन की सूर्य राशि वृषभ है| इस राशि के व्यक्ति अपने सम्पूर्ण जीवन में अपने लक्ष्य को लेकर बहुत ही दृढ़ और सजग होते है| सचिन का स्वामी अंक 6 (2+4=6) है| अंक 6 के व्यक्ति अपने जीवन काल में निर्धारित लक्ष्यों को पाने के लिए आतुर होते है| इस अंक के व्यक्ति प्रतिभावान होते है|

अपने जीवन के शुरूआती दौर में सचिन काफी शरारती मिजाज़ के थे| सचिन का पसंदीदा खेल क्रिकेट नहीं बल्कि टेनिस था| बचपन से ही सचिन भूतपूर्व टेनिस विश्व चैंपियन जॉन मेकएन्रो के बहुत बड़े फेन थे| क्रिकेट की ओर सचिन का रुझान उनके बड़े भाई अजित तेंदुलकर के ज़रिये हुआ| 1984 में अजित तेंदुलकर ने सचिन को क्रिकेट से रूबरू कराया| रमाकांत अचरेकर की छत्रछाया में सचिन एक बेहतरीन क्रिकेटर के रूप में उभरे|

1987 में 14 साल की उम्र में अपने स्कूल और क्लब क्रिकेट में दिलचस्पी दिखने के बाद सचिन एम.आर.एफ पेस अकादमी गए जहाँ प्रसिध ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ डेनिस लिली ने एक गेंदबाज़ के रूप में सचिन को नकार दिया था और उन्हें अपनी बल्लेबाज़ी की ओर ध्यान देने की सलाह दी|

1988 में विनोद काम्बली और सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट के किसी भी प्रकार के संस्करण में 664 रनों की सबसे बड़ी साझेदारी कायम की| यह रिकॉर्ड करीब 18 साल बाद हैदराबाद में अंडर-13 के दो बल्लेबाजों द्वारा साल 2006 में तोडा गया था|

सचिन तेंदुलकर ने 16 साल, 205 दिन की उम्र में कराची में पाकिस्तान के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय स्तर में टेस्ट डेब्यू किया| उस समय भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान क्रिस श्रीकांत थे| भले ही सचिन ने अपने डेब्यू टेस्ट मैच में सिर्फ 15 रन ही बनाए थे, पर उनकी कला को सराहा गया और आगे चलकर उसी सीरीज में उन्होनें अर्धशतक लगाया| सन 1990 में सचिन ने इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 119 रन बनाए जो उनका पहला अंतर्राष्ट्रीय शतक था| 1992 में सचिन 1000 रन बनाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज़ बने| थर्ड अंपायर के ज़रिये आउट होने वाले भी सचिन पहले बल्लेबाज़ है| अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय मैचों में अपना पहला शतक लगाने के लिए इस अद्वितीय बल्लेबाज़ को 79 मैच तक का इंतज़ार करना पड़ेगा| 1994 में सचिन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय शतक लगाया|

सन 1995 में सचिन अंजलि मेहता के साथ वैवाहिक सूत्र में बंध गए| अंजलि मेहता जो पेशे से एक डॉक्टर है, दरअसल सचिन से उम्र में 6 साल बड़ी है|

सन 2001 में सचिन तेंदुलकर क्रिकेट जगत के इतिहास में पहले ऐसे बल्लेबाज बने जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 10000 रन पूरे किए| इसी साल सचिन ने एकदिवसीय क्रिकेट में गेंदबाजी में भी कमाल दिखाया और अपना 100वा विकेट लिया|

सचिन के रिकार्ड्स तोड़ने के यह सिलसिला यूँही चलता रहा| साल 2004 में सचिन ने भारत के ही सलामी बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर के 34 टेस्ट शतकों का रिकॉर्ड तोडा| यहाँ तक कि गैरी किर्स्टन और स्टीव वॉघ की तरह सभी टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले देशों के खिलाफ शतक बनाने के रिकॉर्ड को भी सचिन ने अपनी झोली में डाल दिया| 2005 में अपने 122वे मैच में सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 10000 रन पूरे कर एक और कीर्तिमान हासिल किया| 2009 में जहाँ सचिन ने एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 16000 बनाने वाले पहले बल्लेबाज होने के गौरव प्राप्त किया वहीँ उन्होंने वेस्ट इंडीज के सलामी बल्लेबाज़ ब्रायन लारा का भी टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक 11953 रन का रिकॉर्ड तोड़ डाला और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए|

अब जब सचिन के रिकॉर्ड सूची में सिर्फ दो रिकार्ड्स की कमी थी, तो सचिन ने वो भी पूरी कर दी| पहली, 2010 में, जब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मात्र 147 गेंदों में एकदिवसीय क्रिकेट का पहला दोहरा शतक भी सचिन के ही बल्ले से निकला| इस मैच को भारत 153 रनों के भारी अंतर से जीत गया था| दूसरी, सन 2011 में जब सचिन की मौजूदगी में भारत ने क्रिकेट विश्व कप जीता| इस टूर्नामेंट में भी सचिन ने सबसे ज्यादा 482 रन बनाये थे|

सचिन ने अपना ऐतिहासिक 100वा शतक 2012 में बांग्लादेश के खिलाफ बनाया| सचिन ने 114 रन की शतकीय पारी खेली थी| इसी साल दिसम्बर में इस क्रिकेट के भगवान ने एकदिवसीय क्रिकेट की दुनिया से अलविदा कहने का मन बना लिया था| और फिर 2013 में सचिन ने टेस्ट क्रिकेट से भी रिटायर होने का फैसला कर लिया|

वर्तमान में सचिन के नाम निम्नलिखित रिकार्ड्स है|

- एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन – 18426
- एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक – 49
- एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक मैन ऑफ़ द मैच – 62
- एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 10000, 15000, 16000, 17000, 18000 बनाने वाले पहले बल्लेबाज़
- एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक अर्धशतक – 96
- एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में एक साल में सर्वाधिक 1000 रन – 8 बार
- सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट मैच – 200
- टेस्ट अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन – 15847
- टेस्ट अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक – 51

सचिन के रिकार्ड्स की सूची इतनी लम्बी है कि हो सकता है कि सबसे ज्यादा रिकार्ड्स बनाने का रिकॉर्ड भी सचिन के पास हो| भले ही सचिन अपने सुनहरे करियर के आखरी टेस्ट मैच में उतरने को तैयार है, मगर इस काबिल क्रिकेटर का करिश्मा हर किसी के ज़हन में आने वाले कई सालों तक कायम रहेगा|

क्रिकेट के भगवान को एस्ट्रोयोगी की टीम की तरफ से सलाम|

सलाम सचिन!




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