Skip Navigation Links
जानिये, राशि के अनुसार धन प्राप्ति के मंत्र


जानिये, राशि के अनुसार धन प्राप्ति के मंत्र

आज जिस युग में हम जी रहे हैं, वहां धन अर्थात पैसा एक मौलिक आवश्यकता बन चुका है।  तभी तो बोला जाता है कि “बाप बड़ा ना भईया, सबसे बड़ा रुपईया।” आपने कभी कल्पना की है कि अगर आपकी जेब में पैसा ना हो, आपका बैंक अकाउंट बैलेंस खत्म हो, तब आपका क्या होगा? यह बात सोचने भर से ही हमें डर लगता है।  इसी डर के कारण कई लोग धन प्राप्ति के लिए कई प्रकार के जादू-टोटकों को अपनाते हैं।  लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे धर्मों और शास्त्रों में भी धन प्राप्ति के लिए उपाय उपस्थित हैं? हर व्यक्ति की एक चन्द्र राशि होती है और हर चन्द्र राशि का एक ‘स्वामी-ग्रह’ होता है, और हर ग्रह का एक इष्टदेव निश्चित है।  अगर हम अपने इष्टदेव को प्रसन्न कर लेते हैं तो हमारी व्यापारिक एवं वित्तीय समस्याओं का अंत हो सकता है।   


तो आइये जानते हैं अपनी राशि के इष्टदेव को और उनको प्रसन्न करने वाले मंत्र को, ताकि हमारे जीवन में धन संबंधित समस्याओं का अंत हो सके-



मेष- मेष राशि का स्वामी मंगल ग्रह है।  जीवन में आ रहीं, सभी तरह की समस्याओं के लिए अगर भगवान हनुमान जी की आराधना की जाए तो यह काफी मददगार साबित हो सकती है।  

मन्त्र- ॐ हनुमते नमः का जाप नित्य रोज करने से, आर्थिक और वित्तीय क्षेत्र में लाभ प्राप्त होता है।


वृष- वृष राशि का स्वामी ग्रह शुक्र माना जाता है।  वृष जातकों को धन संबंधित सभी तरह की समस्याओं के अंत के लिए माँ दुर्गा की पूजा करना लाभदायक साबित हो सकता है।

मंत्र- ॐ दुर्गादेव्यै नम: के जाप से वित्तीय समस्याओं का अंत होता है।


मिथुन- मिथुन राशि का स्वामी ग्रह बुध है और मिथुन राशि के जातकों को भगवान गणेश जी की पूजा करने से प्रसिद्धी प्राप्त हो सकती है।

मंत्र- ॐ गं गणपते नमः के जाप से नौकरी और व्यवसाय में आ रही परेशानियों का अंत होता है।


कर्क- चंद्रमा ग्रह, कर्क राशि का स्वामी होता है।  ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा पर भगवान शिव का राज है।  इसलिए अगर कर्क राशि के जातकों को धन संबंधित लाभ प्राप्त करना है तो भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।  

मंत्र- ॐ नमः शिवाय मन्त्र का नित्य रोज जाप फलदायक साबित होता है।


सिंह- सिंह राशि का स्वामी ग्रह सूर्य है।  सिंह राशि के जातकों को भगवान सूर्य की पूजा करने से और नित्य प्रति अर्ग चढ़ाने से ऊर्जा प्राप्त होती है।

मंत्र- ॐ सुर्यायें नमः का जाप करने से लाभ प्राप्त होता है।


कन्या- कन्या राशि का स्वामी बुध ग्रह माना जाता है।  इस राशि के जातकों को भगवान गणेश जी की पूजा से शीघ्र ही धन सम्बंधित समस्याओं में लाभ प्राप्त होता है।

मंत्र- ॐ गं गणपते नमः मन्त्र का जाप प्रतिदिन सुबह-शाम करने से लाभ प्राप्त होता है।


तुला- तुला राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है।  तुला राशि वालों को देवी लक्ष्मी जी की पूजा लाभदायक मानी जाती है।  अब देवी लक्ष्मी जी तो वैसे भी धन की देवी हैं अतः अगर तुला राशि के जातक देवी लक्ष्मी जी को प्रसन्न कर लें तो धन संबंधित समस्याओं का अंत हो जाता है।

मंत्र-  महा लक्ष्म्यै नमः मंत्र का जाप करने से लक्ष्मी की वृद्धि होती है।


वृश्चिक- वृश्चिक राशि का ग्रह मंगल है।  वृश्चिक राशि वालों के लिए हनुमान जी की पूजा शुभ बताई जाती है।

मंत्र- ॐ हं हनुमते नमः मन्त्र के जाप से शारीरिक पीड़ा और धन संबंधित पीड़ा का अंत होता है।


धनु- धनु राशि ब्रहस्पति ग्रह से संबंध रखती है।  धनु राशि वालों के लिए भगवान विष्णु की पूजा शुभ होती है।  

मंत्र- ॐ श्री विष्णवे नमः मंत्र के नित्य जाप से व्यवसाय में लाभ प्राप्त होता है।  


मकर- मकर राशि का स्वामी शनि है इसलिए शनि या हनुमान जी की पूजा, इन जातकों के लिए शुभ रहती है।  

मंत्र-   शम् शनिश्चराये नम: मन्त्र का जाप करने से बाधा दूर होती है और सुख-शान्ति मिलती है।


कुंभ- कुंभ का स्वामी शनि है।  शनि के गुरु भगवान शंकर माने जाते हैं, इसलिए इस राशि वालों को शनि के साथ-साथ भगवान शंकर की पूजा करनी चाहिए।  

मंत्र- ॐ महामृत्युंजय नमः मन्त्र का जाप नित्य प्रति सुबह शाम 108 बार करने से सभी प्रकार के दुःख दूर होते हैं।


मीन- मीन राशि का स्वामी ब्रहस्पति बताया गया है।  इस राशि के जातकों को भगवान नारायण का ध्यान और मन्त्र जप करने से धन संबंधित समस्याओं में लाभ प्राप्त होता है।

मंत्र- ॐ नारायणा नमः एवं ॐ गुरुवे नमः मन्त्र का जाप शुभ फल प्रदान करता है।




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

मार्गशीर्ष – जानिये मार्गशीर्ष मास के व्रत व त्यौहार

मार्गशीर्ष – जानिय...

चैत्र जहां हिंदू वर्ष का प्रथम मास होता है तो फाल्गुन महीना वर्ष का अंतिम महीना होता है। महीने की गणना चंद्रमा की कलाओं के आधार पर की जाती है...

और पढ़ें...
शनि शिंगणापुर मंदिर

शनि शिंगणापुर मंदि...

जब भी जातक की कुंडली की बात की जाती है तो सबसे पहले उसमें शनि की दशा देखी जाती है। शनि अच्छा है या बूरा यह जातक के भविष्य के लिये बहुत मायने ...

और पढ़ें...
जानिये उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा व पूजा विधि

जानिये उत्पन्ना एक...

एकादशी व्रत कथा व महत्व के बारे में तो सभी जानते हैं। हर मास की कृष्ण व शुक्ल पक्ष को मिलाकर दो एकादशियां आती हैं। यह भी सभी जानते हैं कि इस ...

और पढ़ें...
हिंदू क्यों करते हैं शंख की पूजा

हिंदू क्यों करते ह...

शंख हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र माना जाता है। जैसे इस्लाम में अज़ान देकर अल्लाह या खुदा का आह्वान किया जाता है उसी तरह हिंदूओं में शंख ध्वन...

और पढ़ें...
भैरव जयंती – भैरव कालाष्टमी व्रत व पूजा विधि

भैरव जयंती – भैरव ...

क्या आप जानते हैं कि मार्गशीर्ष मास की कालाष्टमी को कालाष्टमी क्यों कहा जाता है? इसी दिन भैरव जयंती भी मनाई जाती है क्या आप जानते हैं ये भैरव...

और पढ़ें...