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बुद्ध पूर्णिमा


बुद्ध पूर्णिमा

वैशाख मास की पूर्णिमा को गौतम बुद्ध की जयंती के रूप में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है| इसलिए वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा कहा जाता है| कहते है इसी दिन भगवान बुद्ध को बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी| जहां विश्वभर में बौध धर्म के करोड़ों अनुयायी और प्रचारक है वहीँ उत्तर भारत के हिन्दू धर्मावलंबियों द्वारा बुद्ध को विष्णुजी का नौवा अवतार माना कहा गया है|


शांति की खोज में कपिलवस्तु के राजकुमार सिद्धार्थ 27 वर्ष की उम्र में घर-परिवार, राजपाट आदि छोड़कर चले गए थे| भ्रमण करते हुए सिद्धार्थ काशी के समीप सारनाथ पहुंचे जहाँ उन्होंने धर्म परिवर्तन किया| यहाँ उन्होंने बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचें कठोर तप किया| कठोर तपस्या के बाद सिद्धार्थ को बुद्धत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई और वह महान सन्यासी गौतम बुद्ध के नाम से प्रचलित हुए और अपने ज्ञान से समूचे विश्व को ज्योतिमान किया|


वर्ष 2016 में बुद्ध पूर्णिमा या बुद्ध जयंती 21 मई 2016 को है। इस दिन गौतम बुद्ध की 2578वीं जयंती मनाई जाएगी।


बुद्ध पूर्णिमा के शुभावसर पर मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है| सभी बुद्ध की प्रतिमा का जलाभिषेक करते है और फल, फूल, धुप इत्यादि चढाते हैं| बौध श्रद्धालु इस दिन ज़रुरतमंदों की सहायता करते हैं और कुछ श्रद्धालु इस दिन जानवरों-पक्षियों को भी पिंजरों से मुक्त करते है और विश्वभर में स्वतंत्रता का सन्देश फैलाते हैं|


  • बुद्ध पूर्णिमा तिथि – 21 मई 2016
  • पूर्णिमा तिथि प्रारंभ –  00:41 बजे, 21 मई 2016
  • पूर्णिमा तिथि समाप्ति –  02:44 बजे, 22 मई 2016


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