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रक्षाबंधन - इस बार हैं यह शुभ योग


रक्षाबंधन - इस बार हैं यह शुभ योग

वर्ष 2016 में रक्षा बंधन 18 अगस्त, बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। भारत में यह त्यौहार भाई-बहन के अटूट प्रेम को समर्पित है और इस त्यौहार का प्रचलन सदियों पुराना बताया गया है। इस दिन बहने अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधती हैं और भाई अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए अपना स्नेहाभाव दर्शाते हैं।


सूर्योदय से पहले समाप्त हो जायेगी भद्रा


पिछले तीन सालों से भद्रा की नजर रक्षा बंधन के इस पावन पर्व को लगी हुई थी जिस कारण दोपहर तक भाई की कलाई सूनी रहती थी लेकिन इस बार भद्रा सूर्योदय से पहले की समाप्त हो रही है जिस कारण प्रात: काल में भी रक्षा बंधन का संस्कार किया जा सकता है। भद्रा को चूंकि शुभ कार्य के लिये अशुभ माना जाता है इसलिये भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त होने से इस बार रक्षाबंधन का यह पावन पर्व और भी भाग्यशाली हो गया है।


क्या है भद्रा


शास्त्रों की मान्यता के अनुसार भद्रा का संबंध सूर्य और शनि से होता है। हिन्दू धर्म शास्त्रों में, भद्रा भगवान सूर्य देव की पुत्री और शनिदेव की बहन है। शनि की तरह ही इसका स्वभाव भी क्रूर बताया गया है। इस उग्र स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए ही भगवान ब्रह्मा ने उसे कालगणना या पंचाग के एक प्रमुख अंग करण में स्थान दिया। जहां उसका नाम विष्टी करण रखा गया। भद्रा की स्थिति में कुछ शुभ कार्यों, यात्रा और उत्पादन आदि कार्यों को निषेध माना गया। लेकिन इस बार भद्रा का साया इस त्यौहार पर नहीं पड़ेगा इसलिये प्रात: काल से ही रक्षाबंधन अनुष्ठान किया जा सकेगा।


इसलिये भी खास है इस बार रक्षाबंधन


रक्षाबंधन का यह पवित्र त्यौहार इस बार बृहस्पतिवार को होगा जोकि इसके खास होने कि एक वजह है। आप सोचते होगे कि बृहस्पतिवार से रक्षाबंधन का क्या नाता है तो आपको बतादें कि रक्षाबंधन के संबंध में यह मान्यता जुड़ी हुई है कि देवताओं के गुरु बृहस्पति ने ही देवराज इंद्र को असुरों पर विजय पाने के लिये रक्षा बंधन का सुझाव दिया था जिसके बाद इस त्यौहार को मनाने का चलन शुरु हुआ इसलिये बृहस्पतिवार के दिन यह त्यौहार होने से और भी भाग्यशाली हो जाता है।


शुभ महूर्त

रक्षा बंधन तिथि        :      18 अगस्त 2016, बृहस्पतिवार

अनुष्टान समय         :      05:55 से 14:56

अपराह्न मुहूर्त          :      13:46 से 14:56

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ      :      सांय 16:27 बजे, 17 अगस्त 2016

पूर्णिमा तिथि समाप्त     :      दोपहर बाद 14:56 बजे, 18 अगस्त 2016

भद्रा समय             :      भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त हो रही है।


एस्ट्रोयोगी की तरफ से सभी पाठकों को रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएं और हम आशा करते है कि आप के बीच यूँही प्रेम, स्नेह बना रहें|


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