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चंद्र ग्रहण 2016


चंद्र ग्रहण 2016

चंद्रग्रहण और सूर्य ग्रहण के बारे में प्राथमिक शिक्षा के दौरान ही विज्ञान की पुस्तकों में जानकारी दी जाती है कि ये एक प्रकार की खगोलीय स्थिति होती हैं। जिनमें चंद्रमा, पृथ्वी के और पृथ्वी, सूर्य के चारों ओर चक्कर काटते हुए जब तीनों एक सीधी रेखा में अवस्थिति होते हैं। जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है और चंद्रमा पृथ्वी की उपछाया से होकर गुजरता है तो उसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है ऐसा केवल पूर्णिमा को ही संभव होता है। इसलिये चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा को ही होता है। वहीं सूर्यग्रहण के दिन सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आता है जो कि अमावस्या को संभव है। ब्रह्मांड में घटने वाली यह घटना है तो खगोलीय लेकिन इसका धार्मिक महत्व भी बहुत है। इसे लेकर आम जन मानस में कई तरह के शकुन-अपशकुन भी व्याप्त हैं। माना जाता है कि सभी बारह राशियों पर ग्रहण का प्रभाव पड़ता है। तो आइये जानते हैं कि 2016 में चंद्र ग्रहण कब लगेगा और राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।


कब है चंद्रग्रहण?

16-17 सितंबर 2016 को चंद्रग्रहण लगेगा जो कि एशिया, ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी अफ्रीका में दिखाई देगा। इसकी कुछ झलक युरोप, दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक और अंटार्कटिका में भी देखी जा सकेगी।


चंद्रग्रहण – किस राशि पर पड़ेगा क्या असर

मेष- चन्द्र ग्रहण के पश्चात मेष व्यक्तियों के व्यापार में वृद्धि आएगी और उनके भाग्य का पक्ष मजबूत होगा। निवेश करने से लाभ प्राप्ति हो सकती है|


वृषभ- वृषभ व्यक्तियों को बेहतर सहयोग मिलेगे और ग्रहण के पश्चात उनकी आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी| कार्यस्थल में भी उन्हें चिंतित होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी| उन्हें पद-प्रतिष्ठा आदि का लाभ भी मिल सकता है|


मिथुन- व्यक्तिगत जीवन में घरेलू मालों में चंद समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है| संभव है कि कार्यस्थल में भी कुछ अड़चने उत्पन्न हो|


कर्क- कर्क राशि को आर्थिक स्तर पर राहत मिलेगी| ऐसे शुभ योग में उनके परिवार में भी शुभ कार्यों के योग बनते दिख रहे हैं|


सिंह- सिंह व्यक्तियों सकारात्मक विचारों के धनि रहेंगे और उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी| पारिवारिक स्तर पर सुखद वातावरण रहेगा|


कन्या- कन्या राशि के व्यक्ति विशेष रूप से ध्यान दे| चूंकि यह ग्रहण कन्या राशि में ही आ रहा है, उन्हें धन निवेश में सावधानी बरतने की आवश्यकता है| घरेलू मामलों में भी तनाव आ सकता है। स्वास्थय की ओर ध्यान दे| रोमांटिक स्तर पर उन्हें इस समय साथी की भावनाओं को समझना होगा और व्यर्थ विवादों से बचना होगा| दांपत्य जीवन में समस्याएँ आ सकती है| निवारण हेतु गणेशजी की पूजा करें|


तुला- तुला व्यक्तियों के लिए वर्तमान में जीवन में नई उमंगें आएंगी। व्यक्तिगत और व्यावसायिक स्तर पर उन्हें खुशियाँ और सफलता प्राप्त होगी।


वृश्चिक- आपको विशेष रूप से नकारात्मक विचारों से बचना होगा। जीवन के हर स्तर पर अपने विरोधियों से सावधान रहें।


धनु- निजी और सामाजिक स्तर पर विवाद होने की आशंका है| इस दौरान विशेषरूप से ग्रहण के दिन किसी को ऋण न दें।


मकर- आपके प्रयास सार्थक होंगे और आप सफलता के करीब जाएंगे| व्यवसायिक तौर पर आपके द्वारा किया गया हर प्रयास सफल होगा।


कुंभ- कुम्भ व्यक्ति सावधान रहें| विरोधी तत्व आपको हानि पहुंचा सकते हैं। इस समय आपका रुख सांसारिक सुखों की ओर अधिक रहेगा|


मीन- मीन व्यक्तियों को किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। अधिक लाभ पाने हेतु किसी ज़रूरतमंद व्यक्ति की मदद करें|


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चन्द्रग्रहण – क्या करें, क्या ना करें


चंद्रग्रहण हो या सूर्यग्रहण एक सवाल हमेशा सामने आता है कि ग्रहण के दिन क्या करें क्या न करें। तो इस बारे में आपको सलाह दी जाती है कि चन्द्र ग्रहण के दिन बुजूर्ग, रोगी एवं बच्चों को छोड़कर घर के बाकि सदस्य भोजन न करें।

गर्भवती स्त्रियोँ को ग्रहण में घर के अंदर ही रहने की सलाह दी जाती है दरअसल माना जाता है कि ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा होता है इसलिये घर में रहकर मंत्रोंच्चारण करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

किसी भी प्रकार के शुभ कार्य ग्रहण के दिन न करें।

अपने मन में दुर्विचारों को न पनपने दें। इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें और अपने आराध्य देव का ध्यान लगायें।

जिन जातकों की कुंडली में शनि की साढ़े साती या ढईया का प्रभाव चल रहा है, वे शनि मंत्र का जाप करें एवं हनुमान चालीसा का पाठ भी अवश्य करें।


जिन जातकों की कुंडली में मांगलिक दोष है, वे इसके निवारण के लिये चंद्रग्रहण के दिन सुंदरकांड का पाठ करें तो इसके सकारात्मक परिणाम मिलेंगें।

आटा, चावल, चीनी, श्वेत वस्त्र, साबुत उड़द की दाल, सतनज, काला तिल, काला वस्त्र आदि किसी गरीब जरुरतमंद को दान करें।

ग्रहों का अशुभ फल समाप्त करने और विशेष मंत्र सिद्धि के लिये इस दिन नवग्रह, गायत्री एवं महामृत्युंजय आदि शुभ मंत्रों का जाप करें दुर्गा चालीसा, विष्णु सहस्त्रनाम, श्रीमदभागवत गीता, गजेंद्र मोक्ष आदि का पाठ भी कर सकते हैं।


किस समय लगेगा सूतक?

16 सितंबर को रात्रि के 10 बजकर 24 मिनट पर सूतक लग जायेगा। रात्रि 12 बजकर 24 मिनट पर ग्रहण अपने चरम पर होगा और रात्रि काल में ही 2 बजकर 23 मिनट पर सूतक समाप्त हो जायेगा।


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