ग्राहक सेवा
9999 091 091

दीवाली पूजा मंत्र

गोवत्स द्वादशी मन्त्र

अर्घ्य मंत्र

क्षीरोदार्णवसम्भूते सुरासुरनमस्कृते

सर्वदेवमये मातर्गृहाणार्घ्यं नमो नम:

 

मन्त्र अर्थ - समुद्र मन्थन के समय क्षीर सागर से उत्पन्न सुर तथा असुरों द्वारा नमस्कार की गई देवस्वरुपिणी माता, आपको बार-बार नमस्कार है। मेरे द्वारा दिए गए इस अर्घ्य को आप स्वीकार करें।

 

निवेदन मंत्र

सुरभि त्वं जगन्मातर्देवी विष्णुपदे स्थिता

सर्वदेवमये ग्रासं मया दत्तमिदं ग्रस

 

मन्त्र अर्थ - हे जगदम्बे! हे स्वर्गवासिनी देवी! हे सर्वदेवमयी! आप मेरे द्वारा दिए इस अन्न को ग्रहण करें।

प्रार्थना मंत्र

सर्वदेवमये देवि सर्वदेवैरलङ्कृते

मातर्ममाभिलषितं सफलं कुरु नन्दिनि

 

मन्त्र अर्थ - हे समस्त देवताओं द्वारा अलङ्कृत माता! नन्दिनी! मेरा मनोरथ पुर्ण करो।


एस्ट्रो लेख

द्रौपदी मुर्मू या यशवंत सिन्हा, जानिए किसको मिलेगी 2022 में राष्ट्रपति की कुर्सी?

वक्री शनि करेंगे मकर राशि में गोचर, किन राशियों को करेगें प्रभावित

सावन में शिव पूजा से पूरी होगी मनोकामना, बन रहे हैं ये शुभ योग

अखंड सौभाग्य के लिए करें मंगला गौरी व्रत

Chat now for Support
Support