कुंडली मिलान - Kundli Milan

कुंडली मिलान (Kundli Milan) हिंदू विवाह परंपरा के अनुसार सफल वैवाहिक जीवन के लिये बहुत आवश्यक माना जाता है। मान्यता है कि यदि जातक और जातिका की जन्मकुंडली मैच हो रही है, कुंडली में गुण मिलान (Gun Milan) हो रहे हैं तो उनके वैवाहिक जीवन का सफर भी अच्छा रहेगा। एस्ट्रोयोगी के इस पेज पर आप अष्टकूट पद्धति से जन्म तिथि व नाम के अनुसार अपनी कुंडली मिलान रिपोर्ट देख सकते हैं।


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कुंडली मिलान (Kundli Milan in Hindi)

कुंडली मिलान (Kundli Milan in Hindi) क्या होता है? कुंडली क्यों मिलाई जाती है? शायद यह आपको बताने की आवश्यकता नहीं है लेकिन फिर भी जो अभी तक कुंडली या कुंडली मिलान के बारे में नहीं जानते वह भी जान सकें इसके लिये बता रहे हैं कि कुंडली मिलान का अर्थ है दो कुंडलियों की आपस में तुलना करना। इसे अंग्रेजी में Kundli Matching भी कहते हैं। आपने देखा होगा जब भी घर में शादी की बात चलती है, विशेषकर हिंदू परिवारों में तो पंडित जी से लड़का-लड़की की कुंडली जरुर मिलवाई जाती है। दोनों की कुंडली मिलाकर गुण-दोष देखे जाते हैं और अनुमान लगाया जाता है कि विवाह के पश्चात दोनों का वैवाहिक जीवन कैसा रहेगा। यदि गुणों का मिलन हो जाता है तो रिश्ता मंजूर कर लिया जाता है यदि किसी तरह की दिक्कत होती है तो पहले उसके समाधान का प्रयास किया जाता है अन्यथा लड़का-लड़की के लिये अन्य विकल्प तलाशा जाता है। तो कुंडली मिलान का यही अर्थ है कि आपकी व आपके पार्टनर की कुंडली में कितने गुण हैं जो एक दूसरे की कुंडली से मेल खाते हैं। या आप दोनों की कुंडलियों के अनुसार कोई विशेष दोष हैं जो आगाह कर रहे हैं कि विवाह के पश्चात आपका दांपत्य जीवन सुखमय नहीं रहेगा। कुंडली का मिलान करने का एकमात्र उददेश्य आपके लिये सही पार्टनर का चुनाव करना होता है।

कुंडली मिलान या गुण मिलान
कुंडली मिलान को गुण मिलान भी कहते हैं। दरअसल कुंडली में मौजूद गुणों का मिलान किया जाता है इसलिये इसे गुण मिलान कहते हैं। कुंडली में कुल गुणों की संख्या 36 मानी जाती है। आपकी व आपके पार्टनर की कुंडली में यदि 36 में से 18 गुण यानि 50% गुणों का मिलाप हो जाता है ज्योतिषाचार्यों द्वारा विवाह की अनुमति दी जाती है।

कुंडली मिलान व मांगलिक दोष
कुंडली मिलान में गुणों का मिलान तो किया ही जाता है आपस में जितने ज्यादा गुण मिलेंगें दोनों का वैवाहिक जीवन उतना ही बेहतर रहेगा। लेकिन यदि कुंडली में दोष हैं तो उनका निवारण भी आवश्यक है। यदि इन दोषों को नज़रंदाज कर विवाह संपन्न कराया जाता है तो ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार दांपत्य जीवन में कलह रहती है। कुंडली मिलान में सबसे अहम बात यह भी देखी जाती है कि जातक की कुंडली में मांगलिक दोष तो नहीं है। क्योंकि यदि कुंडली में मांगलिक दोष है तो किसी ऐसे जातक से ही विवाह करवाना उचित समझा जाता है जो मांगलिक दोष से पीड़ित हो।

क्या कुंडली मिलान सिर्फ विवाह के लिये होता है?
कुंडली मिलाने का तात्पर्य है दो कुंडलियों में सामंजस्य को देखना फिर वह किसी लाइफ पार्टनर के साथ हो सकता है या फिर आप चाहें तो व्यावसायिक पार्टनर के साथ भी तुलना कर सकते हैं। किसी अन्य परिजन, दोस्त आदि से भी अपनी कुंडली मिला सकते हैं। व्यक्ति ही नहीं बल्कि किसी स्थान विशेष की कुंडली से अपनी कुंडली मिलाकर भी आप जान सकते हैं कि उक्त जगह आपके लिये सही रहेगी या नहीं।

कैसे होता है कुंडली मिलान
कुंडली मिलान विद्वान ज्योतिषाचार्यों द्वारा किया जाता है। जिस प्रकार स्वर्णकार ही धातु की अच्छे से तुलना कर उसमें रति भर का फर्क निकालकर खरे व खोटे माल को अलग कर सकता है उसी प्रकार विषय का जानकार ज्योतिषी ही कुंडली का अच्छे से मिलान कर सकता है। इसमें दोनों कुंडलियों की ग्रह दशा का आकलन कर उनके स्वभाव को देखा जाता है, उनकी रुचियों को देखा जाता है कुल मिलाकर दोनों कुंडलियों के गुण दोष मिलाये जाते हैं।

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