पर्व एवं त्यौहार 2026

पर्व एवं त्यौहार 2026

भारत को त्यौहारों की भूमि भी कहा जाता है जो शुभ तिथि पर विभिन्न धर्मों के लोगों को एक साथ मिलकर जश्न मनाने का अवसर प्रदान करता है। भारत एक विविधताओं वाला देश है जहाँ हमें धर्म, संस्कृति, भाषाएं और त्यौहारों की विविधताओं देखने को मिलती है जो इस देश की खुबसूरती में चार चाँद लगाती हैं। त्यौहार 2026(Festival 2026) "अनेकता में एकता" की भावना को दर्शाने का एक सर्वश्रेष्ठ तरीका है।

हमारा देश को तीर्थों की भूमि कहा गया है और प्राचीनकाल से ही पर्व निरंतर मनाये जा रहे हैं। हमेशा से ही त्यौहार(festival) अपने प्रियजनों से मेल-मिलाप का माध्यम रहा हैं। इसलिए भारत सहित विश्व के अन्य देशो में सभी प्रकार के त्यौहारों को बड़े प्रेम के साथ मनाया जाता है। यह एक ऐसा देश है जहाँ हर दिन एक त्यौहार होता है।

आज का पर्व-त्यौहार

01 Oct 2026 ( गुरुवार ) आष्युज कृष्ण, पंचमी - 12:36:33
सूर्य उदय चंद्र उदय
bell icon 6:18:19 - 18:14:28 bell icon 21:40:28 - 10:53:0
तिथि पंचमी
नक्षत्र रोहिणी
पक्ष कृष्ण
राशि वृषभ
कुण्डली कन्या

भारतीय त्यौहार

रोहिणी व्रत
रोहिणी व्रत
Thursday, October 1, 2026
Paksha:कृष्ण
Tithi:पंचमी
षष्ठी श्राद्ध
षष्ठी श्राद्ध
Thursday, October 1, 2026
Paksha:कृष्ण
Tithi:पंचमी
सप्तमी श्राद्ध
सप्तमी श्राद्ध
Friday, October 2, 2026
Paksha:कृष्ण
Tithi:सप्तमी
गाँधी जयन्ती
गाँधी जयन्ती
Friday, October 2, 2026
Paksha:कृष्ण
Tithi:सप्तमी
कालाष्टमी
कालाष्टमी
Saturday, October 3, 2026
Paksha:कृष्ण
Tithi:अष्टमी
महालक्ष्मी व्रत पूर्ण
महालक्ष्मी व्रत पूर्ण
Saturday, October 3, 2026
Paksha:कृष्ण
Tithi:अष्टमी

आज का पर्व-त्यौहार

01 Oct 2026 ( गुरुवार ) आष्युज कृष्ण, पंचमी - 12:36:33
सूर्य उदय चंद्र उदय
bell icon 6:18:19 - 18:14:28 bell icon 21:40:28 - 10:53:0
तिथि पंचमी
नक्षत्र रोहिणी
पक्ष कृष्ण
राशि वृषभ
कुण्डली कन्या

अन्य त्यौहार

हिंदू कैलेंडर

bell icon
bell icon
bell icon
आष्युज - कार्तिक
bell icon6:17:19 bell icon19:13:48
द्वितीया 18:17:27
28 द्वितीया
bell iconमेष 7:38:32
bell iconरेवती 09:4:33
bell icon6:17:39 bell icon19:56:23
तृतीया 18:16:26
29 तृतीया
bell iconमेष 8:40:53
bell iconअश्विनि 07:37:1
bell icon6:17:59 bell icon20:45:1
चतुर्थी 18:15:27
30 चतुर्थी
bell iconमेष 9:46:11
bell iconभरणी 06:3:28
bell icon6:18:19 bell icon21:40:28
पंचमी 18:14:28
1 पंचमी
bell iconवृषभ 10:53:0
bell iconकृतिका 04:28:33
bell icon6:18:40 bell icon22:42:5
सप्तमी 18:13:28
2 सप्तमी
bell iconवृषभ 11:58:42
bell iconरोहिणी 02:56:54
bell icon6:19:0 bell icon23:47:33
अष्टमी 18:12:29
3 अष्टमी
bell iconमिथुन 13:0:2
bell iconमृगशिरा 01:30:59
bell icon6:19:22 bell icon0:53:44
नवमी 18:11:32
4 नवमी
bell iconमिथुन 13:54:55
bell iconआर्द्रा 00:15:23
bell icon6:19:43 bell icon0:53:44
दशमी 18:10:34
5 दशमी
bell iconकर्क 14:42:53
bell iconपुष्य 23:10:59
bell icon6:20:5 bell icon1:58:13
एकादशी 18:9:36
6 एकादशी
bell iconकर्क 15:24:56
bell iconअश्लेषा 22:19:27
bell icon6:20:28 bell icon2:59:52
द्वादशी 18:8:40
7 द्वादशी
bell iconसिंह 16:2:33
bell iconमघा 21:42:32
bell icon6:20:50 bell icon3:58:47
त्रयोदशी 18:7:43
8 त्रयोदशी
bell iconसिंह 16:37:20
bell iconपू. फाल्गुनी 21:21:35
bell icon6:21:12 bell icon4:55:45
चतुर्दशी 18:6:47
9 चतुर्दशी
bell iconकन्या 17:10:51
bell iconउ. फाल्गुनी 21:21:31
bell icon6:21:35 bell icon5:51:40
अमावस्या 18:5:51
10 अमावस्या
bell iconकन्या 17:44:24
bell iconहस्त 21:44:47
bell icon6:21:58 bell icon6:47:27
प्रथमा 18:4:58
11 शारदीय नवरात्रि
bell iconतुला 18:19:17
bell iconचित्रा 22:34:55
bell icon6:22:22 bell icon7:43:36
द्वितीया 18:4:2
12 द्वितीया
bell iconतुला 18:56:32
bell iconस्वाति 23:54:38
bell icon6:22:46 bell icon8:40:14
तृतीया 18:3:9
13 तृतीया
bell iconतुला 19:37:8
bell iconविशाखा 01:44:1
bell icon6:23:12 bell icon9:36:45
चतुर्थी 18:2:17
14 चतुर्थी
bell iconवृश्चिक 20:21:37
bell iconविशाखा 04:5:24
bell icon6:23:37 bell icon10:32:4
पंचमी 18:1:24
15 पंचमी
bell iconवृश्चिक 21:10:4
bell iconअनुराधा 06:48:45
bell icon6:24:2 bell icon11:24:50
षष्ठी 18:0:32
16 षष्ठी
bell iconधनु 22:1:40
bell iconज्येष्ठा 09:48:15
bell icon6:24:28 bell icon12:13:50
सप्तमी 17:59:43
17 सप्तमी
bell iconधनु 22:55:28
bell iconमूल 12:49:1
bell icon6:24:54 bell icon12:58:33
अष्टमी 17:58:52
18 अष्टमी
bell iconधनु 23:50:9
bell iconपू. षाढ़ा 12:49:41
bell icon6:25:21 bell icon13:39:6
नवमी 17:58:2
19 नवमी
bell iconमकर 0:44:52
bell iconउ. षाढ़ा 15:39:6
bell icon6:25:48 bell icon14:16:11
नवमी 17:57:14
20 दशहरा
bell iconमकर 0:44:52
bell iconश्रवण 18:3:58
bell icon6:26:15 bell icon14:50:42
दशमी 17:56:27
21 दशमी
bell iconकुंभ 1:39:12
bell iconधनिष्ठा 19:48:28
bell icon6:26:43 bell icon15:23:52
एकादशी 17:55:40
22 एकादशी
bell iconकुंभ 2:33:23
bell iconशतभिषा 20:50:45
bell icon6:27:11 bell icon15:56:56
द्वादशी 17:54:55
23 द्वादशी
bell iconकुंभ 3:28:3
bell iconपू. भाद्रपद 21:3:39
bell icon6:27:41 bell icon16:31:10
त्रयोदशी 17:54:8
24 त्रयोदशी
bell iconमीन 4:24:9
bell iconउ. भाद्रपद 20:33:17
bell icon6:28:10 bell icon17:8:12
पूर्णिमा 17:53:24
25 पूर्णिमा
bell iconमीन 5:22:45
bell iconरेवती 19:19:28
bell icon6:28:40 bell icon17:49:36
प्रथमा 17:52:42
26 प्रथमा
bell iconमेष 6:24:48
bell iconअश्विनि 17:42:9
bell icon6:29:10 bell icon18:37:6
द्वितीया 17:52:1
27 द्वितीया
bell iconमेष 7:30:34
bell iconभरणी 15:40:30
bell icon6:29:41 bell icon19:31:47
तृतीया 17:51:19
28 तृतीया
bell iconवृषभ 8:39:6
bell iconकृतिका 13:27:4
bell icon6:30:11 bell icon20:33:20
चतुर्थी 17:50:38
29 करवा चौथ
bell iconवृषभ 9:47:39
bell iconमृगशिरा 09:5:15
bell icon6:30:44 bell icon21:39:27
पंचमी 17:49:59
30 पंचमी
bell iconमिथुन 10:52:30
bell iconमृगशिरा 07:13:47
bell icon6:31:15 bell icon22:46:43
षष्ठी 17:49:21
31 षष्ठी
bell iconमिथुन 11:50:40
bell iconआर्द्रा 05:41:12
bell icon6:31:49 bell icon23:52:9
सप्तमी 17:48:45
1 सप्तमी
bell iconकर्क 12:41:14
bell iconपुनर्वसु 04:32:33

Delhi- Thursday, 01 October 2026
दिनाँक Thursday, 01 October 2026
तिथि कृष्ण षष्ठी
वार गुरुवार
पक्ष कृष्ण पक्ष
सूर्योदय 6:14:24
सूर्यास्त 18:7:47
चन्द्रोदय 21:19:48
नक्षत्र रोहिणी
नक्षत्र समाप्ति समय 28 : 28 : 42
योग सिद्धि
योग समाप्ति समय 21 : 19 : 20
करण I गर
सूर्यराशि कन्या
चन्द्रराशि वृष
राहुकाल 13:40:16 to 15:09:27
आगे देखें

पूजा विधियां

पूजा का किसी भी धार्मिक व्यक्ति के जीवन में बहुत अधिक महत्व होता है। कोई भी व्यक्ति अपने किसी ईष्ट को, अपने किसी देवता को, किसी गुरु को मानता है तो वह उनकी


astrologer

भारतीय त्यौहार और सांस्कृतिक विविधता

भारत एक ऐसा देश है जहाँ कई अलग-अलग संस्कृतियाँ, धर्म और भाषाएँ मिलकर एक राष्ट्र का निर्माण करती हैं। संसार में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। हमारे देश की यह संस्कृति सदियों से दुनिया के लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती आई है। प्रकृति में जिस प्रकार मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिलते हैं, ठीक उसी प्रकार संस्कृति में भी भिन्नता देखने को मिलती है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, गुजरात से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक भारत अनेक प्रकार की लोक संस्कृतियों का मिश्रण हैं। इस विविधता ने ही सम्पूर्ण राष्ट्र को एक सूत्र में बांधा हुआ है। यह एक ऐसा देश है जहां प्रत्येक समुदाय और धर्म के लोग भारतीय कैलेंडर 2026 के अनुसार अपने त्यौहारों के साथ-साथ अन्य धर्म के पर्वों को भी धूमधाम से मनाते हैं। इस प्रकार हर दिन न केवल देश में रहने वाले भारतीयों के लिए बल्कि विदेशों में रहने वालों के लिए भी उत्सव का एक नया दिन है।

भारत के प्रमुख 5 त्यौहार

भारत की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं त्यौहार जो हमारे जीवनशैली का भी अभिन्न अंग हैं। त्योहारों की विविधिता समस्त देशवासियों की एकता का प्रतीक हैं। हर त्यौहार को बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो। हमारे लिए, यह मिलजुल कर आपस में प्रेम एवं खुशियां बाँटने का एक अवसर है क्योंकि हम सब एकसाथ मिलकर त्यौहार मनाते हैं। देश के नागरिक क्रिसमस पर गिरजाघर में जाकर प्रार्थना करते है, वही दिवाली के दौरान अपने घर के आँगन को दीयों से सजाते हैं। होली के रंग से आपसी मनमुटाव को दूर करते हैं जबकि पोंगल की रौनक से पूरा देश जगमगा उठता है, लेकिन हर क्षेत्र के त्योहार की परम्परा अलग है पर इसका मकसद सबको एकजुट करना हैं। प्रत्येक भारतीय त्योहार हमारी बहुसांस्कृतिक भूमि की एकता को दर्शाता है।

2026 के सर्वाधिक महत्वपूर्ण 5 पर्वों एवं त्यौहारों की सूची नीचे प्रदान की जा रही है

1. दिवाली: हिंदू पंचांग के अनुसार, रोशनी का पर्व दिवाली(Diwali) वर्ष का सबसे बड़ा एवं प्रसिद्ध त्यौहार है जो भारत का सर्वाधिक महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहार है। पूरे देश में उत्साह से मनाई जाने वाली दिवाली का अपना विशेष धार्मिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान राम 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। हिन्दुओं का सबसे प्रमुख त्यौहार होने के बावजूद, इस पर्व को सभी धर्मों के लोगों के द्वारा समान उत्साह के साथ मनाया जाता है।

2. होली: होली को रंगों के त्यौहार के रूप में चिह्नित किया जाता है जो प्रेम एवं सद्भाव का पर्व हैं। यह एक ऐसा त्यौहार है जो विभिन्न धर्मों, क्षेत्रों और संस्कृतियों के लोगों को एक साथ लाता हैं, साथ ही हर कोई मिलकर एक ही नारा लगाता है, "बुरा न मानो होली है!"। पकवान, गाने और नृत्य का संयोजन होली(Holi) के दिन को विशेष बनाता है। यह दिन किसी पुराने रिश्ते की नई शुरुआत करने के सबसे अच्छा होता है।

3. मकर संक्रांति: मकर संक्रांति एक हिन्दू पर्व है जो हिंदू कैलेंडर 2026 के अनुसार, पूरे भारत में जनवरी के महीने में मनाया जाता है। इस दिन मौसम की पहली फसल की कटाई करने की परंपरा है। मकर संक्रांति पर किसान फसल की अच्छी पैदावार के लिए देवताओं और प्रकृति को धन्यवाद देते हैं, साथ ही इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होता है। इस पर्व के नाम में भौगोलिक स्थिति के आधार पर भिन्नता पाई जाती है जो इस प्रकार हैं:

  • दक्षिण भारत में पोंगल
  • असम में बिहू
  • केरल में ओणम
  • गुजरात में उत्तरायण
  • पंजाब में लोहड़ी

4. ईद-उल-फितर: इस्लाम धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्यौहारों में से प्रमुख है ईद-उल-फितर जो पर्व और त्यौहार 2026 की सूची का एक हिस्सा है। यह पर्व मुस्लिम समुदाय के लिए बहुत विशेष होता है क्योंकि वे रमजान के पवित्र माह के बाद अपने महीने भर का उपवास या रोज़ा तोड़ते हैं। यह त्यौहार अनेकता में एकता" का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं जो सभी क्षेत्रों के लोगों को एक साथ मिलकर इफ्तार का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान करता है, साथ ही ये दिन कृतज्ञता, सद्भाव और आनंद से पूर्ण होता है।

5. क्रिसमस:यीशु मसीह के जन्मदिन के रूप में विश्व स्तर पर मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार भारत में भी समान रूप से मनाया जाता है। क्रिसमस के पेड़ पर लाल, सफेद और हरे रंग की सजावट मन को मोह लेती हैं, सभी लोग इस पर्व को बेहद उत्साह से मनाते है। इस दिन केवल ईसाई धर्म के लोग ही चर्च नहीं जाते, बल्कि अन्य धर्मों के लोग भी समान रूप से अपने बच्चों को सांता क्लॉज़ दिखने और प्रार्थना करने के लिए चर्च जाते हैं।

इस प्रकार हमारा देश अलग-अलग परंपराओं वाले विभिन्न पर्वों को धूमधाम से मनाता है जो दुनिया में भारत को सबसे विशिष्ट बनाता हैं। यह एकजुटता की भावना का प्रतीक है और इस दौरान लोग एक-दूसरे के साथ खुशियों और मिठाइयों को प्रेमपूर्वक बांटेते हैं।

भारतीय त्यौहारों 2026 की सूची

देश में मनाए जाने वाले त्यौहारों की सूची काफी लंबी है, लेकिन यह इस बात की तरफ इशारा करती है कि भारतीय किसी भी ऐसे अवसर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं जो उन्हें उत्साह और जश्न का मौका देता है। यहाँ आपको इस वर्ष में आने वाले महत्वपूर्ण पर्व एवं त्यौहार की तिथि एवं मुहूर्त आदि के बारे में जानकारी प्रदान की गई है। पर्व व त्यौहार 2026 (Festival 2026 Date) की तिथियां नीचे देखें:

हिंदू त्योहारों की सूची के साथ-साथ अन्य समुदायों द्वारा मनाए जाने वाले त्योहारों के बारे में अधिक जानने के लिए, या शुभ तिथि के लिए मुहूर्त जानने के लिए, तुरंत एस्ट्रोयोगी के ज्योतिषियों से संपर्क करें!

अन्य त्यौहार


ज्योतिषी से बात करें

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