पर्व एवं त्यौहार 2026

पर्व एवं त्यौहार 2026

भारत को त्यौहारों की भूमि भी कहा जाता है जो शुभ तिथि पर विभिन्न धर्मों के लोगों को एक साथ मिलकर जश्न मनाने का अवसर प्रदान करता है। भारत एक विविधताओं वाला देश है जहाँ हमें धर्म, संस्कृति, भाषाएं और त्यौहारों की विविधताओं देखने को मिलती है जो इस देश की खुबसूरती में चार चाँद लगाती हैं। त्यौहार 2026(Festival 2026) "अनेकता में एकता" की भावना को दर्शाने का एक सर्वश्रेष्ठ तरीका है।

हमारा देश को तीर्थों की भूमि कहा गया है और प्राचीनकाल से ही पर्व निरंतर मनाये जा रहे हैं। हमेशा से ही त्यौहार(festival) अपने प्रियजनों से मेल-मिलाप का माध्यम रहा हैं। इसलिए भारत सहित विश्व के अन्य देशो में सभी प्रकार के त्यौहारों को बड़े प्रेम के साथ मनाया जाता है। यह एक ऐसा देश है जहाँ हर दिन एक त्यौहार होता है।

आज का पर्व-त्यौहार

06 May 2026 ( बुधवार ) ज्येष्ठ कृष्ण, पंचमी - 10:15:54
सूर्य उदय चंद्र उदय
bell icon 5:50:30 - 18:56:40 bell icon 23:9:30 - 8:56:46
तिथि पंचमी
नक्षत्र मूल
पक्ष कृष्ण
राशि धनु
कुण्डली मेष

भारतीय त्यौहार

रबीन्द्रनाथ टैगोर जयन्ती
रबीन्द्रनाथ टैगोर जयन्ती
Thursday, May 7, 2026
Paksha:कृष्ण
Tithi:षष्ठी
कालाष्टमी
कालाष्टमी
Saturday, May 9, 2026
Paksha:कृष्ण
Tithi:सप्तमी
हनुमान जयन्ती *तेलुगू
हनुमान जयन्ती *तेलुगू
Tuesday, May 12, 2026
Paksha:कृष्ण
Tithi:दशमी
अपरा एकादशी
अपरा एकादशी
Wednesday, May 13, 2026
Paksha:कृष्ण
Tithi:एकादशी
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत
Thursday, May 14, 2026
Paksha:कृष्ण
Tithi:त्रयोदशी
वृषभ संक्रान्ति
वृषभ संक्रान्ति
Friday, May 15, 2026
Paksha:कृष्ण
Tithi:चतुर्दशी

आज का पर्व-त्यौहार

06 May 2026 ( बुधवार ) ज्येष्ठ कृष्ण, पंचमी - 10:15:54
सूर्य उदय चंद्र उदय
bell icon 5:50:30 - 18:56:40 bell icon 23:9:30 - 8:56:46
तिथि पंचमी
नक्षत्र मूल
पक्ष कृष्ण
राशि धनु
कुण्डली मेष

अन्य त्यौहार

हिंदू कैलेंडर

bell icon
bell icon
bell icon
वैशाख - ज्येष्ठ
bell icon5:56:39 bell icon15:11:52
एकादशी 18:52:39
27 एकादशी
bell iconसिंह 3:8:55
bell iconपू. फाल्गुनी 21:20:28
bell icon5:55:55 bell icon16:5:4
द्वादशी 18:53:5
28 द्वादशी
bell iconकन्या 3:40:56
bell iconउ. फाल्गुनी 22:38:36
bell icon5:55:10 bell icon16:57:40
त्रयोदशी 18:53:30
29 त्रयोदशी
bell iconकन्या 4:12:8
bell iconहस्त 00:18:30
bell icon5:54:29 bell icon17:50:32
चतुर्दशी 18:53:58
30 चतुर्दशी
bell iconकन्या 4:43:48
bell iconहस्त 02:18:35
bell icon5:53:46 bell icon18:44:15
पूर्णिमा 18:54:23
1 पूर्णिमा
bell iconतुला 5:17:6
bell iconचित्रा 04:36:43
bell icon5:53:5 bell icon19:38:56
प्रथमा 18:54:50
2 प्रथमा
bell iconतुला 5:53:6
bell iconस्वाति 07:10:47
bell icon5:52:26 bell icon20:34:3
द्वितीया 18:55:18
3 द्वितीया
bell iconवृश्चिक 6:32:48
bell iconविशाखा 09:58:8
bell icon5:51:46 bell icon21:28:27
तृतीया 18:55:45
4 तृतीया
bell iconवृश्चिक 7:16:43
bell iconअनुराधा 12:55:34
bell icon5:51:9 bell icon22:20:42
चतुर्थी 18:56:13
5 चतुर्थी
bell iconवृश्चिक 8:4:54
bell iconज्येष्ठा 12:55:39
bell icon5:50:30 bell icon23:9:30
पंचमी 18:56:40
6 पंचमी
bell iconधनु 8:56:46
bell iconमूल 15:54:10
bell icon5:49:54 bell icon23:54:9
षष्ठी 18:57:7
7 षष्ठी
bell iconधनु 9:51:3
bell iconपू. षाढ़ा 18:46:9
bell icon5:49:19 bell icon0:34:45
षष्ठी 18:57:36
8 षष्ठी
bell iconमकर 10:46:27
bell iconउ. षाढ़ा 21:20:56
bell icon5:48:45 bell icon0:34:45
सप्तमी 18:58:2
9 सप्तमी
bell iconमकर 11:41:57
bell iconश्रवण 23:25:24
bell icon5:48:11 bell icon1:11:56
अष्टमी 18:58:31
10 अष्टमी
bell iconमकर 12:37:12
bell iconधनिष्ठा 00:51:40
bell icon5:47:39 bell icon1:46:43
नवमी 18:59:3
11 नवमी
bell iconकुंभ 13:32:25
bell iconधनिष्ठा 01:29:34
bell icon5:47:9 bell icon2:20:18
दशमी 18:59:28
12 दशमी
bell iconकुंभ 14:28:27
bell iconशतभिषा 01:18:1
bell icon5:46:38 bell icon2:54:4
एकादशी 18:59:55
13 एकादशी
bell iconमीन 15:26:21
bell iconपू. भाद्रपद 00:18:17
bell icon5:46:10 bell icon3:29:32
त्रयोदशी 19:0:24
14 त्रयोदशी
bell iconमीन 16:27:24
bell iconरेवती 22:29:41
bell icon5:45:43 bell icon4:8:26
चतुर्दशी 19:0:52
15 चतुर्दशी
bell iconमेष 17:32:37
bell iconअश्विनि 20:15:20
bell icon5:45:15 bell icon4:52:43
अमावस्या 19:1:21
16 शनि जयन्ती
bell iconमेष 18:42:1
bell iconभरणी 17:30:59
bell icon5:44:50 bell icon5:44:8
प्रथमा 19:1:51
17 प्रथमा
bell iconवृषभ 19:53:54
bell iconकृतिका 14:33:9
bell icon5:44:26 bell icon6:43:30
द्वितीया 19:2:19
18 द्वितीया
bell iconवृषभ 21:4:24
bell iconमृगशिरा 08:42:53
bell icon5:44:2 bell icon7:49:34
तृतीया 19:2:48
19 तृतीया
bell iconमिथुन 22:9:10
bell iconमृगशिरा 06:13:0
bell icon5:43:40 bell icon8:58:44
पंचमी 19:3:16
20 पंचमी
bell iconमिथुन 23:5:32
bell iconआर्द्रा 04:13:42
bell icon5:43:19 bell icon10:6:52
षष्ठी 19:3:45
21 षष्ठी
bell iconकर्क 23:53:26
bell iconपुनर्वसु 02:51:43
bell icon5:42:59 bell icon11:11:21
सप्तमी 19:4:13
22 सप्तमी
bell iconकर्क 0:34:22
bell iconपुष्य 02:9:21
bell icon5:42:40 bell icon12:11:27
अष्टमी 19:4:40
23 अष्टमी
bell iconसिंह 0:34:22
bell iconअश्लेषा 02:11:1
bell icon5:42:23 bell icon13:7:50
नवमी 19:5:9
24 नवमी
bell iconसिंह 1:10:21
bell iconमघा 02:52:55
bell icon5:42:6 bell icon14:1:39
दशमी 19:5:36
25 दशमी
bell iconकन्या 1:43:15
bell iconपू. फाल्गुनी 04:10:46
bell icon5:41:51 bell icon14:54:8
एकादशी 19:6:4
26 एकादशी
bell iconकन्या 2:14:38
bell iconउ. फाल्गुनी 05:58:40
bell icon5:41:37 bell icon15:46:30
द्वादशी 19:6:32
27 द्वादशी
bell iconकन्या 2:46:0
bell iconहस्त 08:9:26
bell icon5:41:24 bell icon16:39:28
त्रयोदशी 19:6:59
28 त्रयोदशी
bell iconतुला 3:18:32
bell iconचित्रा 10:38:11
bell icon5:41:11 bell icon17:33:28
चतुर्दशी 19:7:24
29 चतुर्दशी
bell iconतुला 3:53:26
bell iconस्वाति 13:21:8
bell icon5:41:1 bell icon18:28:14
पूर्णिमा 19:7:51
30 पूर्णिमा
bell iconवृश्चिक 4:31:45
bell iconविशाखा 13:21:33
bell icon5:40:51 bell icon19:22:51
पूर्णिमा 19:8:17
31 पूर्णिमा
bell iconवृश्चिक 5:14:13
bell iconअनुराधा 16:12:5
bell icon5:40:43 bell icon20:15:51
प्रथमा 19:8:43
1 प्रथमा
bell iconवृश्चिक 6:1:7
bell iconज्येष्ठा 19:9:34
bell icon5:40:35 bell icon21:5:47
द्वितीया 19:9:9
2 द्वितीया
bell iconधनु 6:51:58
bell iconमूल 22:7:53
bell icon5:40:29 bell icon21:51:41
तृतीया 19:9:34
3 तृतीया
bell iconधनु 7:45:38
bell iconपू. षाढ़ा 01:0:36
bell icon5:40:24 bell icon22:33:17
चतुर्थी 19:10:4
4 चतुर्थी
bell iconमकर 8:40:39
bell iconपू. षाढ़ा 03:42:51
bell icon5:40:20 bell icon23:11:1
पंचमी 19:10:24
5 पंचमी
bell iconमकर 9:35:44
bell iconउ. षाढ़ा 06:4:9
bell icon5:40:18 bell icon23:45:50
षष्ठी 19:10:47
6 षष्ठी
bell iconमकर 10:30:14
bell iconश्रवण 07:56:23
bell icon5:40:16 bell icon0:18:51
सप्तमी 19:11:10
7 सप्तमी
bell iconकुंभ 11:24:14
bell iconधनिष्ठा 09:10:43

Delhi- Wednesday, 06 May 2026
दिनाँक Wednesday, 06 May 2026
तिथि कृष्ण पंचमी
वार बुधवार
पक्ष कृष्ण पक्ष
सूर्योदय 5:36:52
सूर्यास्त 18:59:53
चन्द्रोदय 23:19:1
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा
नक्षत्र समाप्ति समय 42 : 46 : 26
योग सिद्ध
योग समाप्ति समय 25 : 12 : 59
करण I कौलव
सूर्यराशि मेष
चन्द्रराशि धनु
राहुकाल 12:18:23 to 13:58:45
आगे देखें

पूजा विधियां

पूजा का किसी भी धार्मिक व्यक्ति के जीवन में बहुत अधिक महत्व होता है। कोई भी व्यक्ति अपने किसी ईष्ट को, अपने किसी देवता को, किसी गुरु को मानता है तो वह उनकी


astrologer

भारतीय त्यौहार और सांस्कृतिक विविधता

भारत एक ऐसा देश है जहाँ कई अलग-अलग संस्कृतियाँ, धर्म और भाषाएँ मिलकर एक राष्ट्र का निर्माण करती हैं। संसार में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। हमारे देश की यह संस्कृति सदियों से दुनिया के लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती आई है। प्रकृति में जिस प्रकार मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिलते हैं, ठीक उसी प्रकार संस्कृति में भी भिन्नता देखने को मिलती है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, गुजरात से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक भारत अनेक प्रकार की लोक संस्कृतियों का मिश्रण हैं। इस विविधता ने ही सम्पूर्ण राष्ट्र को एक सूत्र में बांधा हुआ है। यह एक ऐसा देश है जहां प्रत्येक समुदाय और धर्म के लोग भारतीय कैलेंडर 2026 के अनुसार अपने त्यौहारों के साथ-साथ अन्य धर्म के पर्वों को भी धूमधाम से मनाते हैं। इस प्रकार हर दिन न केवल देश में रहने वाले भारतीयों के लिए बल्कि विदेशों में रहने वालों के लिए भी उत्सव का एक नया दिन है।

भारत के प्रमुख 5 त्यौहार

भारत की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं त्यौहार जो हमारे जीवनशैली का भी अभिन्न अंग हैं। त्योहारों की विविधिता समस्त देशवासियों की एकता का प्रतीक हैं। हर त्यौहार को बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो। हमारे लिए, यह मिलजुल कर आपस में प्रेम एवं खुशियां बाँटने का एक अवसर है क्योंकि हम सब एकसाथ मिलकर त्यौहार मनाते हैं। देश के नागरिक क्रिसमस पर गिरजाघर में जाकर प्रार्थना करते है, वही दिवाली के दौरान अपने घर के आँगन को दीयों से सजाते हैं। होली के रंग से आपसी मनमुटाव को दूर करते हैं जबकि पोंगल की रौनक से पूरा देश जगमगा उठता है, लेकिन हर क्षेत्र के त्योहार की परम्परा अलग है पर इसका मकसद सबको एकजुट करना हैं। प्रत्येक भारतीय त्योहार हमारी बहुसांस्कृतिक भूमि की एकता को दर्शाता है।

2026 के सर्वाधिक महत्वपूर्ण 5 पर्वों एवं त्यौहारों की सूची नीचे प्रदान की जा रही है

1. दिवाली: हिंदू पंचांग के अनुसार, रोशनी का पर्व दिवाली(Diwali) वर्ष का सबसे बड़ा एवं प्रसिद्ध त्यौहार है जो भारत का सर्वाधिक महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहार है। पूरे देश में उत्साह से मनाई जाने वाली दिवाली का अपना विशेष धार्मिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान राम 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। हिन्दुओं का सबसे प्रमुख त्यौहार होने के बावजूद, इस पर्व को सभी धर्मों के लोगों के द्वारा समान उत्साह के साथ मनाया जाता है।

2. होली: होली को रंगों के त्यौहार के रूप में चिह्नित किया जाता है जो प्रेम एवं सद्भाव का पर्व हैं। यह एक ऐसा त्यौहार है जो विभिन्न धर्मों, क्षेत्रों और संस्कृतियों के लोगों को एक साथ लाता हैं, साथ ही हर कोई मिलकर एक ही नारा लगाता है, "बुरा न मानो होली है!"। पकवान, गाने और नृत्य का संयोजन होली(Holi) के दिन को विशेष बनाता है। यह दिन किसी पुराने रिश्ते की नई शुरुआत करने के सबसे अच्छा होता है।

3. मकर संक्रांति: मकर संक्रांति एक हिन्दू पर्व है जो हिंदू कैलेंडर 2026 के अनुसार, पूरे भारत में जनवरी के महीने में मनाया जाता है। इस दिन मौसम की पहली फसल की कटाई करने की परंपरा है। मकर संक्रांति पर किसान फसल की अच्छी पैदावार के लिए देवताओं और प्रकृति को धन्यवाद देते हैं, साथ ही इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होता है। इस पर्व के नाम में भौगोलिक स्थिति के आधार पर भिन्नता पाई जाती है जो इस प्रकार हैं:

  • दक्षिण भारत में पोंगल
  • असम में बिहू
  • केरल में ओणम
  • गुजरात में उत्तरायण
  • पंजाब में लोहड़ी

4. ईद-उल-फितर: इस्लाम धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्यौहारों में से प्रमुख है ईद-उल-फितर जो पर्व और त्यौहार 2026 की सूची का एक हिस्सा है। यह पर्व मुस्लिम समुदाय के लिए बहुत विशेष होता है क्योंकि वे रमजान के पवित्र माह के बाद अपने महीने भर का उपवास या रोज़ा तोड़ते हैं। यह त्यौहार अनेकता में एकता" का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं जो सभी क्षेत्रों के लोगों को एक साथ मिलकर इफ्तार का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान करता है, साथ ही ये दिन कृतज्ञता, सद्भाव और आनंद से पूर्ण होता है।

5. क्रिसमस:यीशु मसीह के जन्मदिन के रूप में विश्व स्तर पर मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार भारत में भी समान रूप से मनाया जाता है। क्रिसमस के पेड़ पर लाल, सफेद और हरे रंग की सजावट मन को मोह लेती हैं, सभी लोग इस पर्व को बेहद उत्साह से मनाते है। इस दिन केवल ईसाई धर्म के लोग ही चर्च नहीं जाते, बल्कि अन्य धर्मों के लोग भी समान रूप से अपने बच्चों को सांता क्लॉज़ दिखने और प्रार्थना करने के लिए चर्च जाते हैं।

इस प्रकार हमारा देश अलग-अलग परंपराओं वाले विभिन्न पर्वों को धूमधाम से मनाता है जो दुनिया में भारत को सबसे विशिष्ट बनाता हैं। यह एकजुटता की भावना का प्रतीक है और इस दौरान लोग एक-दूसरे के साथ खुशियों और मिठाइयों को प्रेमपूर्वक बांटेते हैं।

भारतीय त्यौहारों 2026 की सूची

देश में मनाए जाने वाले त्यौहारों की सूची काफी लंबी है, लेकिन यह इस बात की तरफ इशारा करती है कि भारतीय किसी भी ऐसे अवसर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं जो उन्हें उत्साह और जश्न का मौका देता है। यहाँ आपको इस वर्ष में आने वाले महत्वपूर्ण पर्व एवं त्यौहार की तिथि एवं मुहूर्त आदि के बारे में जानकारी प्रदान की गई है। पर्व व त्यौहार 2026 (Festival 2026 Date) की तिथियां नीचे देखें:

हिंदू त्योहारों की सूची के साथ-साथ अन्य समुदायों द्वारा मनाए जाने वाले त्योहारों के बारे में अधिक जानने के लिए, या शुभ तिथि के लिए मुहूर्त जानने के लिए, तुरंत एस्ट्रोयोगी के ज्योतिषियों से संपर्क करें!

अन्य त्यौहार


ज्योतिषी से बात करें

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