महाशिवरात्रि 2022



महाशिवरात्रि पर्व तिथि व मुहूर्त 2022

महाशिवरात्रि 2022

1 मार्च

निशिथ काल पूजा- 24:08 से 24:58

पारण का समय- 06:49 के पश्चात (2 मार्च)

चतुर्दशी तिथि आरंभ- 03:15 (1 मार्च)

चतुर्दशी तिथि समाप्त- 00:59 (2 मार्च)

महाशिवरात्रि 2023

18 फरवरी

निशिथ काल पूजा- 24:09 से 25:00

पारण का समय- 07:00 से 15:22 (19 फरवरी)

चतुर्दशी तिथि आरंभ- 20:01 (18 फरवरी)

चतुर्दशी तिथि समाप्त- 16:17 (19 फरवरी)

महाशिवरात्रि 2024

8 मार्च

निशिथ काल पूजा- 24:06 से 24:56

पारण का समय- 06:41 से 15:26 (9 मार्च)

चतुर्दशी तिथि आरंभ- 21:57 (8 मार्च)

चतुर्दशी तिथि समाप्त- 18:17 (9 मार्च)

महाशिवरात्रि 2025

26 फरवरी

निशिथ काल पूजा- 24:08 से 24:58

पारण का समय- 06:52 से 08:54 (27 फरवरी)

चतुर्दशी तिथि आरंभ- 11:07 (26 फरवरी)

चतुर्दशी तिथि समाप्त- 08:54 (27 फरवरी)

महाशिवरात्रि 2026

15 फरवरी

निशिथ काल पूजा- 24:09 से 25:00

पारण का समय- 07:02 से 15:21 (16 फरवरी)

चतुर्दशी तिथि आरंभ- 17:04 (15 फरवरी)

चतुर्दशी तिथि समाप्त- 17:33 (16 फरवरी)

शिव यानि कल्याणकारी, शिव यानि बाबा भोलेनाथ, शिव यानि शिवशंकर, शिवशम्भू, शिवजी, नीलकंठ, रूद्र आदि। हिंदू देवी-देवताओं में भगवान शिव शंकर सबसे लोकप्रिय देवता हैं, वे देवों के देव महादेव हैं तो असुरों के राजा भी उनके उपासक रहे। आज भी दुनिया भर में हिंदू धर्म के मानने वालों के लिये भगवान शिव पूज्य हैं।

इनकी लोकप्रियता का कारण है इनकी सरलता। इनकी पूजा आराधना की विधि बहुत सरल मानी जाती है। माना जाता है कि शिव को यदि सच्चे मन से याद कर लिया जाये तो शिव प्रसन्न हो जाते हैं। उनकी पूजा में भी ज्यादा ताम-झाम की जरुरत नहीं होती। ये केवल जलाभिषेक, बिल्वपत्रों को चढ़ाने और रात्रि भर इनका जागरण करने मात्र से मेहरबान हो जाते हैं।

वैसे तो हर सप्ताह सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना का दिन माना जाता है। हर महीने में मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है लेकिन साल में शिवरात्रि का मुख्य पर्व जिसे व्यापक रुप से देश भर में मनाया जाता है दो बार आता है। एक फाल्गुन के महीने में तो दूसरा श्रावण मास में। फाल्गुन के महीने की शिवरात्रि को तो महाशिवरात्रि कहा जाता है। इसे फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालु कावड़ के जरिये गंगाजल भी लेकर आते हैं जिससे भगवान शिव को स्नान करवाया जाता हैं। 

पर्व को और खास बनाने के लिये गाइडेंस लें इंडिया के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर्स से।

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