गुड फ्राइडे 2020


ईसाई धर्म में गुड फ्राइडे का दिन एक काले दिवस के रूप में दर्ज है|  गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे या ग्रेट फ्राइडे भी कहते हैं| इस दिन ईसा मसीह को मानवीय और प्रेम के संदेश देने के बदले में तत्कालीन धार्मिक कट्टरपंथियों, पाखंडियों ने अपने लिये ख़तरा समझते हुए रोम के शासक से शिकायत कर उन्हें सूली पर चढ़ावा दिया था|  लेकिन ईश्वर के इस पुत्र ने तब भी प्रभु से यही प्रार्थना की कि हे ईश्वर इन्हें माफ करना, इन्हें बोध नहीं है कि ये क्या कर रहे हैं| उन्हीं के बलिदान के उपलक्ष्य में गुड फ्राइडे मनाया जाता है|

क्यों मनाया जाता है गुड फ्राइडे

ईसाई धर्म ग्रंथों के अनुसार जिस दिन ईसा मसीह ने अपने प्राण त्यागे थे| वह दिन शुक्रवार का था और इसी की याद में गुड फ्राइडे मनाया जाता है| परन्तु मान्यता है कि ईसा मसीह अपने मृत्यु के तीन दिन बाद पुन: जीवित हुए थे और उस दिन रविवार था|  तब से इसे ईस्टर सण्डे कहते हैं|

गुड फ्राइडे के दिन ईसाई धर्म को मानने वाले अनुयायी गिरजाघर जाकर प्रभु यीशु के दिए हुए मानवता के सन्देश और उनके बलिदान को याद करते हैं| इस दिन चर्च में घंटा नहीं बजाया जाता बल्कि इसके बदले लकड़ी के खटखटे से आवाज की जाती है| लोग भगवान ईसा मसीह के प्रतीक क्रॉस को चूमकर उन्हें याद करते हैं|  गुड फ्राइडे के दिन दुनिया भर के ईसाई चर्च में सामाजिक व मानव कल्याण कार्यों को बढ़ावा देने के लिए दान दिया जाता है|

भारत में गुड फ्राइडे

भारत एक धर्म निरपेक्ष देश है| यहाँ सभी धर्मों को सामान महत्ता प्राप्त है| चाहे वह अल्पसंख्यक समुदाय का हो या बहुसंख्यक समुदाय का सभी को अपने धर्मानुसार कर्मकांड, अनुष्ठान और पर्व मानाने की स्वतंत्रता है| इसी के चलते देश में कुछ प्रमुख पर्वों के अवसर पर अवकाश निर्धारित किया गया है| भारत में गुड फ्राइडे के उपलक्ष्य में केन्द्रीय छुट्टी के साथ-साथ राज्य स्तरीय अवकाश रहती है, यद्यपि शेयर बाज़ार सामान्यतः बंद रहते हैं|  असम, गोवा और केरल जैसे कुछ राज्यों में ईसाई धर्म को मानने वालों की संख्या बाकि प्रदेशों की अपेक्षा थोड़ी अधिक है। यही कारण है कि इन राज्यों में गुड फ्राइडे, ईस्टर या फिर क्रिसमस जैसे त्यौहारों की रौनक अलग ही होती है।

कैसे होता है गुड फ्राइडे का निर्धारण

गुड फ्राइडे ईस्टर के पहले पड़ने वाला फ्राइडे है, जिसकी गणना पूर्वी ईसाईयत एवं पश्चिमी ईसाईयत में अलग - अलग तरीके से की जाती है| ईस्टर पास्कल पूर्ण चंद्रमा जो 21 मार्च को या उसके बाद की तारीख पर होती है| इसके बाद आने वाले सबसे पहले रविवार को गुड फ्राइडे पड़ता है| पश्चिमी गणना में जोर्जियन कैलेंडर का उपयोग किया जाता है| जबकि पूर्वीय गणना में जुलियन कैलेंडर का, जिसका 21 मार्च जोर्जियन कैलेंडर के 3 अप्रैल से मेल खाता है| पूर्ण चंद्रमा के तारीख को निश्चित करने के तरीके भी अलग होते हैं|

2019 में गुड फ्राइडे पर्व ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 19 अप्रैल दिन शुक्रवार को पड़ेगा| ग्रेगोरियन कैलेंडर को सामान्यतः पूरे विश्व में माना जाता है|

पर्व को और खास बनाने के लिये गाइडेंस लें इंडिया के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर्स से।

गुड फ्राइडे पर्व तिथि व मुहूर्त 2020

गुड फ्राइडे 2020

10अप्रैल

गुड फ्राइडे 2021

2अप्रैल

गुड फ्राइडे 2022

15अप्रैल

गुड फ्राइडे 2023

7अप्रैल

गुड फ्राइडे 2024

29 मार्च

गुड फ्राइडे 2025

18अप्रैल

गुड फ्राइडे 2026

3अप्रैल


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