नव

नव वर्ष
bell iconShare

1 जनवरी के मध्यरात्रि 12:00 बजे प्रतिवर्ष हम नया साल मनाते हैं| इस पर्व के अवसर पर हम जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए संकल्प लेते हैं| कुछ नया करने की बात करते हैं| लेकिन क्या आपको पता है कि यह पर्व कब से और क्यों 1 जनवरी को मनाया जाता है| कैसे इसकी शुरुआत हुई?

क्या है न्यू ईयर की कहानी?

हज़ारों साल पहले प्राचीन बेबीलोन में न्यू ईयर की शुरुआत हुई थी| परंतु उस समय नव वर्ष का यह उत्सव 21 मार्च को मनाया जाता था जो कि वसंत के आगमन की तिथि थी| जो हिन्दुओं का नववर्ष है| ग्यारह दिनों तक चलने वाले पर्व के रूप में यह वसंत ऋतु के पहले दिन से शुरू होता था|  इसीलिए सितंबर सातवां, अक्टूबर आठवां, नवम्बर नौवां और दिसंबर दसवां महीना माना जाता था| जैसा कि इनके नामों से स्पष्ट होता है|  यह गणना रोमन कैलेंडर के अनुसार किया जाता था जो सातवीं शताब्दी BC से शुरू हुआ और यह चन्द्रमा के चक्र के मुताबिक था| रोमन कैलेंडर अटकलबाजी के बलबूते बनाया गया था| जो 1 मार्च से शुरू होता था| तब एक साल में 304 दिन और कुल 10 महीने हुआ करते थे| मार्च से लेकर दिसम्बर तक, इन महीनों के नाम इस तरह थे मर्सिअस, एप्रिलिस, मैयास, जूनियस, क़ुइन्तिलिस, सेक्सटिलिस, सेप्टेम्बर, ओक्टोबर, नोवेम्बर, और डिसेम्बर| लेकिन सन 1570 के आसपास पोप ग्रेगरी XIII ने क्रिस्टोफर क्लेवियस को एक नया कैलेंडर बनाने का जिम्मा सौंपा| इस तरह सन 1582 में ग्रेगोरियन कैलेंडर अस्तित्व में आया| तब से पूरी दुनिया में नए साल का उत्सव बदस्तूर 1 जनवरी को मनाया जाता है|

न्यू ईयर पर अमेरिका की बॉल ड्रॉपिंग परंपरा -

वैसे तो विश्व में वर्ष के अंतिम कुछ क्षणों में आतिशबाज़ी करते हुए पुराने साल को विदा और नव वर्ष का स्वागत किया जाता है| परंतु अमेरिका में यह उत्सव अलग तरीके से मनाया जाता है| यहाँ का ‘बॉल ड्रॉपिंग’ दुनिया का सबसे मशहूर बॉल ड्रॉपिंग कार्यक्रम है| यह कार्यक्रम न्यूयॉर्क शहर के टाइम्स स्क्वायर पर न्यू इयर्स ईव की मध्यरात्रि को होता है| इससे पहले डाउनटाउन मैनहट्टन के ट्रिनिटी चर्च के घंटे को सुनने के लिए आधी रात में लोग जमा होते थे| द न्यूयॉर्क टाइम्स ने सन 1904 में जन मानस को आकर्षित करने के लिए न्यूयॉर्क टाइम्स की ईमारत पर जोरदार आतिशबाज़ी की| इससे लोग आकर्षित तो हुए लेकिन पटाखों के कारण सड़कों पर गरम राख़ और पटाखों के टुकड़ों की बरसात हुई| जो कि हानिकारक होने के साथ कचरा जमा होने का भी कारण बना|  इन्हीं वजहों से न्यूयॉर्क पुलिस ने वहां आतिशबाज़ी करने के कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगा दिया| तब न्यूयॉर्क टाइम्स के मालिक एडोल्फ ऑक्स ने अपने चीफ इलेक्ट्रिशियन वॉल्टर पाल्मर को नया रास्ता निकालने के लिए कहा| पाल्मर के डिज़ाइन के आधार पर ऑक्स ने आर्टक्राफ्ट स्ट्रॉस साइन कंपनी को लगभग 318 किलो की लोहे व लकड़ी से निर्मित और 25 वाट के 100 बल्बों से जड़ित बॉल बनाने की जिम्मेदारी दी| इस बॉल को पहली बार इलेक्ट्रिसिटी का उपयोग कर सन 1908 के बॉल ड्रॉपिंग में प्रयोग किया गया|

भारतीय नव वर्ष

ग्रेगोरियन कलैंडर का अनुसरण वैसे तो पूरी दुनिया में हो रहा है लेकिन विभिन्न देशों में वहां की संस्कृति के अनुसार भी नया साल मनाने की परंपरा है। भारत में तो विभिन्न धर्म व संप्रदाय एक साथ रहते हैं। इन धर्मों व संप्रदायों के कैलेंडर भी अलग-अलग हैं अत: इनके नव वर्ष की तिथियां भी अलग-अलग होती हैं। हिंदू नववर्ष की बात करें तो यह चैत्र माह की शुक्ल प्रतिपदा तिथि से आरंभ होता है जो कि अंग्रेजी कैलेंडर वर्ष के अनुसार मार्च-अप्रैल माह में पड़ता है।

bell icon
bell icon
bell icon
मासिक दुर्गाष्टमी
मासिक दुर्गाष्टमी
07 जुलाई 2022
Paksha:शुक्ल
Tithi:अष्टमी
गौरी व्रत प्रारम्भ *गुजरात
गौरी व्रत प्रारम्भ *गुजरात
09 जुलाई 2022
Paksha:शुक्ल
Tithi:एकादशी
ईद-उल-जुहा
ईद-उल-जुहा
10 जुलाई 2022
Paksha:शुक्ल
Tithi:द्वादशी
देवशयनी एकादशी
देवशयनी एकादशी
10 जुलाई 2022
Paksha:शुक्ल
Tithi:द्वादशी
ईद-उल-जुहा
ईद-उल-जुहा
10 जुलाई 2022
Paksha:शुक्ल
Tithi:द्वादशी
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत
11 जुलाई 2022
Paksha:शुक्ल
Tithi:त्रयोदशी

हिंदू कैलेंडर

एस्ट्रो लेख

chat Support Chat now for Support
chat Support Support