बैसाखी त्योहार न केवल खुशियों और समृद्धि का संदेश देता है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे को भी मजबूत करता है। सिख धर्म में भी बैसाखी का विशेष स्थान है, क्योंकि इसी दिन खालसा पंथ की स्थापना हुई थी। इस अवसर पर लोग गुरुद्वारों में मत्था टेकते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और मेले व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते हैं।
बैसाखी मुहुर्त
बैसाखी मुहुर्त
हर साल 14 अप्रैल को ही पड़ती है। हालांकि, भारतीय सौर पंचांग के आधार पर कभी-कभी इसकी तिथि में हल्का परिवर्तन देखने को मिलता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 14 अप्रैल को ही मनाया जाएगा।
बैसाखी का पर्व: 14 अप्रैल 2026, मंगलवार
बैसाखी संक्रांति का समय: रात 9:15 बजे
1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। इस दिन लोग गुरुद्वारों में जाकर अरदास करते हैं और सेवा करते हैं। हिंदू धर्म में बैसाखी को नए साल और फसल कटाई के पर्व के रूप में मनाया जाता है। किसान अपनी मेहनत की खुशी मनाते हैं और भगवान का धन्यवाद करते हैं। इस दिन दान-पुण्य और स्नान का भी बहुत महत्व माना जाता है।
बैसाखी का त्योहार खुशियों और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यह समय रबी की फसल पकने का होता है, इसलिए किसान अपनी मेहनत के सफल होने पर जश्न मनाते हैं। खेतों में सुनहरी फसल देखकर लोग नाच-गाना करते हैं और एक-दूसरे को बधाई देते हैं। कई जगहों पर मेलों का आयोजन होता है, जहाँ लोग पारंपरिक कपड़े पहनकर भांगड़ा और गिद्धा करते हैं। बैसाखी को प्रकृति के प्रति आभार जताने का दिन भी माना जाता है, क्योंकि यह हमें अन्न और जीवन देता है। इस दिन लोग परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खुशी बाँटते हैं और नए साल की शुरुआत उत्साह के साथ करते हैं।
बैसाखी का त्योहार पूरे उत्साह और खुशी के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और साफ-सुथरे कपड़े पहनते हैं। सिख समुदाय के लोग गुरुद्वारे जाकर अरदास करते हैं, कीर्तन सुनते हैं और लंगर में सेवा करते हैं। जगह-जगह नगर कीर्तन भी निकाले जाते हैं, जिसमें लोग भक्ति और जोश के साथ शामिल होते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अपनी फसल की खुशी में नाच-गाना करते हैं। भांगड़ा और गिद्धा जैसे लोक नृत्य इस दिन खास होते हैं। मेलों का आयोजन होता है, जहाँ लोग झूले, खेल और स्वादिष्ट खाने का आनंद लेते हैं। परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर लोग इस दिन को हंसी-खुशी और उत्सव के रूप में मनाते हैं।
बैसाखी 2026 आपके जीवन में खुशियों की बहार लाए, हर दिन नया उत्साह और सफलता लेकर आए।
इस पावन पर्व पर आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं।
आपकी मेहनत रंग लाए और जीवन में तरक्की की नई राहें खुलें। शुभ बैसाखी 2026।
बैसाखी का यह त्योहार आपके जीवन को खुशियों और प्यार से भर दे।
आपके खेतों की तरह आपका जीवन भी खुशियों से लहलहाता रहे। बैसाखी की बधाई।
हर दिन नई उम्मीदें और नई सफलताएं लेकर आए। बैसाखी 2026 की शुभकामनाएं।
इस खास दिन पर आपके सभी सपने पूरे हों और जीवन में खुशहाली बनी रहे।
बैसाखी का त्योहार आपके परिवार में खुशियां और मिठास लेकर आए।
आपके जीवन में हमेशा उन्नति और समृद्धि बनी रहे। बैसाखी की ढेरों शुभकामनाएं।
बैसाखी 2026 आपके लिए सफलता, स्वास्थ्य और खुशियों का संदेश लेकर आए।
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| दिनाँक | Sunday, 03 May 2026 |
| तिथि | कृष्ण द्वितीया |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| सूर्योदय | 5:39:15 |
| सूर्यास्त | 18:58:3 |
| चन्द्रोदय | 20:42:51 |
| नक्षत्र | विशाखा |
| नक्षत्र समाप्ति समय | 7 : 10 : 53 |
| योग | वरीयान |
| योग समाप्ति समय | 22 : 27 : 13 |
| करण I | तैतिल |
| सूर्यराशि | मेष |
| चन्द्रराशि | वृश्चिक |
| राहुकाल | 17:18:12 to 18:58:03 |