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आमिर खान – मिस्टर परफेक्शनिस्ट के लिये कैसा रहेगा आगामी साल?


आमिर खान – मिस्टर परफेक्शनिस्ट के लिये कैसा रहेगा आगामी साल?

बॉलीवुड में अभिनय से लेकर प्रोडक्शन और डायरेक्शन तक अगर किसी को परफेक्शन हासिल है तो वह हैं मिस्टर प्रेफेक्शनिस्ट के नाम से विख्यात आमिर खान। पिछले कुछ अरसे से आमिर खान ने फिल्में संख्या के हिसाब से भले बहुत कम की हों लेकिन यदि गुणवत्ता की बात करें तो वह दर्शकों की उम्मीद पर खरे उतरते हैं। अभिनय से लेकर फिल्म के प्रचार के तौर तरीकों तक में आमिर खान ने नये आयाम स्थापित किये हैं। आमिर अपना फिल्मी किरदार ही अच्छे से नहीं निभा रहे बल्कि बतौर इंसान भी सामाजिक जागरुकता में वे सक्रिय रहते हैं। अपनी सपष्ट और बेबाक राय रखने से कई बार उन्हें विवादों का सामना भी करना पड़ता है। आने वाली 14 मार्च को आमिर खान अपना 54वां जन्मदिवस मना रहे हैं। जीवन में अनेक उतार-चढ़ावों का सामना कर आमिर इस मुकाम तक पंहुचे। ज्योतिष के नज़रिये से जानते हैं कि आने वाले समय उनके लिये कैसा रहेगा।


आमिर खान संक्षिप्त जीवन परिचय

आमिर खान का जन्म 14 मार्च 1965 को मुंबई में फिल्म निर्माता ताहिर हुसैन के घर हुआ। इनके चाचा नासिर हुसैन भी फिल्म इंडस्ट्री में बतौर निर्माता-निर्देशक रहे हैं। कह सकते हैं कला के प्रति इनका आकर्षण स्वाभाविक रहा है। एक्टिंग, प्रोडक्शन, डायरेक्शन इन्हें विरासत में मिली है।

आमिर खान अपनी फिल्म दंगल में खिलाड़ियों के एक डायलॉग बोलते हैं कि गोल्ड मेडलिस्ट पेड़ पर नहीं उगते उन्हें बनाना पड़ता है प्यार से, मेहनत से, लगन से। इसी प्रकार आमिर खान ने भी खुद को इस मुकाम पर खड़ा किया है तो काम के प्रति प्यार, उसमें लगने वाली मेहनत और पूरी लगन से अपने किरदार में डूबकर उसे निभाते हुए किया है। वैसे तो आमिर खान ने कैमरे का सामना यादों की बारात फिल्म में बाल कलाकार के रूप में कर लिया था लेकिन उनकी पहली फिल्म जिसमें वे बतौर हीरो दिखाई दिये वह थी होली। लेकिन यह कुछ खास नहीं चली इन्हें जिस फिल्म ने पहचान दिलाई वह थी इनके चाचा नासिर हुसैन के प्रोडक्शन व चचेरे भाई मंसूर के निर्देशन बनी फिल्म कयामत से कयामत तक। इस फिल्म ने आमिर खान व फिल्म की नायिका जूही चावला को स्टार बना दिया। एक बड़ा बदलाव इनके करियर में 1995 में आई राजा हिंदूस्तानी से यह फिल्म भी सुपर-डूपर से भी ऊपर हिट रही। दिल, दिल है कि मानता नहीं, लगान, रंगीला, अर्थ जैसी कमर्सियल और आर्ट फिल्में की जो सफल रही और आमिर खान को उनके अभिनय के लिये तारीफ मिली।

पहली पत्नी रीना दत्ता से तलाक के बाद उन्होंने कुछ समय तक फिल्मों से दूरी बनाए रखी और रीमा दत्ता से आमिर खान का विवाह 1986 में हुआ जो कि 2002 तक चला। इनसे तलाक के बाद 2005 में आमिर ने किरण राव से विवाह किया। इसी समय उनकी फिल्मों में वापसी भी हुई और मंगल पांडे के किरदार को इन्होंने निभाया। इसके पश्चात आमिर की लगभग हर फिल्म में आमिर कुछ अलग तरह के किरदारों में नज़र आये और हर बार अपने किरदार के साथ वे न्याय करते हैं। चाहे वह फिल्म गजनी हो या फिर थ्री इडियट, पीके हो या फिर दंगल उनके काम से ही उनकी पहचान मिस्टर परफेक्शनिस्ट के रूप में हुई है।

आने वाले समय में दर्शकों को अमिताभ बच्चन के साथ आने वाली उनकी पहली फिल्म ठग्स ऑफ हिंदोस्तान का इंतजार है।


मिस्टर परफेक्शनिस्ट के लिये कैसा रहेगा आगामी साल?

नाम - आमिर खान

जन्मतिथि – 14 मार्च 1965

जन्म समय – 6:15 PM

जन्म स्थान – मुंबई।

उपरोक्त विवरण के अनुसार आमिर खान की कुंडली सिंह लग्न की बनती है उनकी चंद्र राशि कर्क है। आमिर खान के लग्न स्वामी सूर्य हैं तो राशि स्वामी चंद्रमा। इनकी कुंडली के अनुसार वर्तमान में इन पर राशि स्वामी चंद्रमा की महादशा चल रही है तो शुक्र की अंतर्दशा। चंद्रमा इनके प्रत्यंतर में भी चल रहे हैं।

इनकी वर्ष कुंडली की बात करें तो वर्ष कुंडली मेष लग्न की बन रही है जिसकी राशि कुंभ है। मेष लग्न के स्वामी मंगल हैं तो राशि स्वामी शनि हैं जो कि वर्ष कुंडली के अनुसार भाग्य स्थान में एक साथ गोचर कर रहे हैं। मंगल और शनि की युति इनके लिये प्रबल भाग्यशाली योग बना रही है। आमिर खान पहले से ही विभिन्न क्षेत्रों में नये आयाम स्थापित कर चुके हैं लेकिन लाभेश शनि के भाग्य में रहने से कार्यक्षेत्र में और भी कीर्तिमान स्थापित करने के योग हैं।

हालांकि वर्ष कुंडलिका में कर्मभाव में केतु भी विराजमान हैं जो कि कार्यक्षेत्र में वाद-विवाद के संकेत भी कर रहे हैं लेकिन इस समय इनका भाग्य काफी बली है जिसके प्रभाव से अंतत: इन्हें लाभ ही मिलेगा।

12वें घर में धनेश, पराक्रमेश और पंचमेश की युति किसी बड़े निवेश से अत्यधिक लाभ मिलने के योग भी बना रही है। हालांकि दांपत्य जीवन में पार्टनर से छुट-पुट विवाद उत्पन्न होने के आसार भी हैं।

पराशर मुनि के अनुसार इनकी वर्ष कुंडलिका के स्वामी मंगल हैं जो कि अनेक प्रकार की विजये के सूचक माने जाते हैं। मंगल यश व पराक्रम के कारक भी माने जाते हैं।

वर्ष कुंडली में मुंथा दशम घर में विराजमान है जो कि राजा से प्रसन्नता, परिजनों से प्यार एवं अनेक प्रकार से यशोधन में वृद्धि के योग बनाती है।

कुल मिलाकर यह वर्ष इनके लिये उपलब्धियों भरा रहने के आसार हैं।

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