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रहाणे का ‘राज-योग` और जिम्बाब्वे का टूर


रहाणे का ‘राज-योग` और जिम्बाब्वे का टूर

अपने कवर ड्राइव के लिए मशहूर अजिंक्य रहाणे को 10 जुलाई से शुरू हो रहे, जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया है। टीम के पिछले बांग्लादेश दौरे की असफलता को देखते हुए, दोनों स्थायी कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली की जगह इनको कप्तान चुना गया है। अपने शांत स्वभाव और धैर्य के लिए जाने-जाने वाले रहाणे के लिए, जहाँ एक तरफ अपनी काबिलियत साबित करने का समय है वहीँ दूसरी ओर टीम इंडिया को जीत दिलाने की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर है। इसे नियति का चक्र ही कहेंगे कि जहाँ एक तरफ पिछले बांग्लादेश दौरे पर इनका चुनाव नहीं हुआ था, वहीँ मात्र 1 माह बाद ही यह टीम के कप्तान हैं। एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों के अनुसार अजिंक्य रहाणे का वर्तमान काफी अच्छा चल रहा है। आइये एक नजर डालते हैं कि वर्तमान जिम्बाब्वे दौरे को लेकर अजिंक्य रहाणे के सितारे क्या कहते हैं-

नाम- अजिंक्य रहाणे

जन्म तिथि- 5 जून, 1988

जन्म स्थान- (नल्लासोपरा ) महाराष्ट्र

लग्न- सिंह, महादशा- ब्रहस्पति, अंतर दशा- शनि, प्रत्यांतर दशा- बुध।

इस लग्न में ब्रहस्पति का अच्छा परिणाम प्राप्त होता है। अजिंक्य रहाणे का वर्तमान योग इनको सकारात्मक और शुभ फल देने वाला है। कुंडली के भाग्य स्थान में ब्रहस्पति है और इसीलिए पिछले कुछ समय से इनका भाग्य अच्छा चल रहा है। सूर्य के दशम में विराजमान होने से इनकी कुंडली में एक राज योग का निर्माण हुआ है और ज्योतिष राय के अनुसार इसी योग ने कप्तान चुने जाने में इनकी मदद की है।

वर्ष कुंडली में मंगल, कुंडली के ग्यारवें स्थान पर सूर्य के साथ है इसलिए साल 2015 का इनका पूरा समय अच्छा जाने की संभावनायें हैं और भाग्य का निरंतर साथ प्राप्त हो सकता है। अब इन ग्रहों और कप्तान रहाणे की कुंडली को देखकर यही लगता है कि कप्तान की इस सकारात्मक ऊर्जा का लाभ टीम इंडिया को प्राप्त हो सकता है और टीम इंडिया विजयी होकर देश वापस आयेगी।

एस्ट्रोयोगी.कॉम की अजिंक्य रहाणे को यही सलाह है कि अपने धैर्य को बनाएं रखें और अध्यात्म के लिए समय जरूर निकाले। किसी भी परिस्थिति को शांत होकर संभालें, आक्रामकता इनको हानि पंहुचा सकती है।

एस्ट्रोयोगी, अजिंक्य रहाणे और पूरी टीम इंडिया को आगामी दौरे के लिए शुभकामनाएं देता है और इनकी सफलता के लिए प्रार्थना करता है। 




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