Skip Navigation Links
सभी प्रकार की पीड़ाओं को खत्म कर सकता है बारह मुखी रुद्राक्ष


सभी प्रकार की पीड़ाओं को खत्म कर सकता है बारह मुखी रुद्राक्ष

प्रायः व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य से जुड़ी हुईं समस्यायें तो मौजूद रहती ही हैं। अगर किसी व्यक्ति का सूर्य कमजोर होता है तो आदमी के जीवन में संघर्ष बना रहता है। संघर्ष करने के बाद भी सफलता दूर-दूर तक नज़र नहीं आती है। फिर आदमी निराश और परेशान हो जाता है।

सूर्य कुंडली में आत्मबल, आत्मविश्वास व ऊर्जा का कारक माना जाता है। अगर कुंडली में किसी जातक का सूर्य कमजोर होता है तो उस जातक के जीवन में पैसा कम व संघर्ष ज्यादा बन जाता है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए और संघर्ष को खत्म करने के सूर्य का कुंडली में बलि होना अति आवश्यक बन जाता है।

अब आप अगर यह सोच रहे हो कि हम आपको डरा रहे हैं तो आप बिलकुल गलत सोच रहे हो। कुंडली में पीड़ा के कारणों में सूर्य का कमजोर होना तो बहुत ही आम बात है। अगर कुंडली में सूर्य अच्छी स्थिति में है तो व्यक्ति को नई ऊर्जा शक्ति प्राप्त होती रहती है।


बारह मुखी रुद्राक्ष है एक उपाय

बारह मुखी रुद्राक्ष भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है। इसके देवता सूर्य हैं। सूर्य व्यक्ति को शक्तिशाली तथा तेजस्वी बनाता है। बारह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से सूर्य का ओज एवं तेज प्राप्त होता है।


 बारह मुखी रुद्राक्ष के फायदे

सिद्ध बारह मुखी रुद्राक्ष व्यक्ति की गरीबी को दूर कर सकता है। इस रुद्राक्ष के कारण परिवार को सुख एवं संपत्ति प्राप्त होती रहती है। शास्त्रों में सूर्य देव के इस रुद्राक्ष को अश्वमेघ के समान शक्तिशाली बताया गया है। इस रुद्राक्ष द्वारा दु:ख, निराशा , कुंठा , पीड़ा और दुर्भाग्य का नाश होता है। व्यक्ति सूर्य की भांति यशस्वी बनता है।


सिद्ध बारह मुखी रुद्राक्ष खरीदने के लिए क्लिक करें|


स्वास्थ्य के लिए बारह मुखी रुद्राक्ष के लाभ

यदि कोई व्यक्ति बहुत जल्दी-जल्दी बीमार हो जाता है या मानसिक रूप से कोई जातक परेशान रहता है तो ऐसे में बारह मुखी रुद्राक्ष उस व्यक्ति के लिए ब्रह्मास्त्र के समान है। हृदय रोग, फेफड़ों के रोग और त्वचा रोग संबंधी सभी प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक परेशानियों का यह रुद्राक्ष नाश करता है।


कैसे करें बारह मुखी रुद्राक्ष का प्रयोग

बारह मुखी रुद्राक्ष को अच्छे मुहूर्त में रविवार के दिन धारण करने से व्यक्ति को इस रुद्राक्ष का पूरा-पूरा लाभ होता है। ध्यान रखने योग्य बात यह है कि यह रुद्राक्ष मन्त्रों द्वारा सिद्ध किया गया हो।




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

उपनयन संस्कार – हिंदू धर्म का दसवां संस्कार है यज्ञोपवीत

उपनयन संस्कार – हि...

उपनयन या कहें यज्ञोपवीत या विद्याध्ययन आरंभ करने का संस्कार भी कह सकते हैं। हिंदू धर्म में यह बहुत ही महत्वपूर्ण संस्कार है। सोलह संस्कारों म...

और पढ़ें...
शुक्र राशि परिवर्तन - 29 जून को शुक्र बदलेंगें राशि जानें राशिफल

शुक्र राशि परिवर्त...

ज्योतिषशास्त्र में शुक्र ग्रह बहुत अधिक मायने रखते हैं। लाभ, सुख-समृद्धि एवं कला क्षेत्र के प्रतिनिधि भी शुक्र माने जाते हैं। वृषभ एवं तुला र...

और पढ़ें...
देवशयनी एकादशी 2017 – चार मास तक सौते हैं भगवान विष्णु

देवशयनी एकादशी 201...

साल भर में आषाढ़ महीने की शुक्ल एकादशी से लेकर कार्तिक महीने की शुक्ल एकादशी तक यज्ञोपवीत संस्कार, विवाह, दीक्षाग्रहण, ग्रहप्रवेश, यज्ञ आदि ध...

और पढ़ें...
कैलाश मानसरोवर – कब और कैसें करें मानसरोवर यात्रा

कैलाश मानसरोवर – क...

भारत धार्मिक विविधताओं का देश है। यहां लगभग सभी धर्मों के अनुयायी मिलते हैं, सभी धर्मों के धार्मिक तीर्थ स्थल भी यहां खूब हैं। लेकिन हिंदू धर...

और पढ़ें...
सलमान खान – वक्री शनि के कारण नहीं हुई भाईजान की ईद मुबारक

सलमान खान – वक्री ...

भाई जान के नाम से मशहूर सलमान खान का बॉलीवुड में सिक्का चलता है। सलमान खान के प्रशंसक बड़ी संख्या में हैं। कुछ प्रशंसक लड़कियां तो उनकी इतनी ...

और पढ़ें...