Skip Navigation Links
पन्ना रत्न - ज्योतिष के अनुसार पन्ना धारण करने के लाभ व सावधानियां


पन्ना रत्न - ज्योतिष के अनुसार पन्ना धारण करने के लाभ व सावधानियां

पन्ना यह शब्द तो आपने सुन्ना ही होगा। हीरे और मोती की तरह ही पन्ना भी एक प्रकार का रत्न है। इसे मरकत मणि, जमरन, एमराल्ड विभिन्न भाषाओं में भिन्न नामों से जाना जाता है। पन्ना आभूषणों में जड़े जाने के बाद उन्हें तो खूबसूरत बनाता ही है साथ ही यदि आप इसे धारण करें तो यह आपकी शोभा को भी बढ़ाएगा। लेकिन इस रत्न का महत्व मात्र आभूषण की शोभा बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से यह रत्न बहुत ही खास अहमियत रखता है। तो आइये जानते हैं पन्ने का महत्व और इसे धारण करते समय क्या सावधानियां रखनी चाहियें।

ज्योतिष के अनुसार पन्ना धारण करने के लाभ

पन्ना नवग्रहों में से एक माने जाने वाले ग्रह बुध का रत्न माना जाता है। बुध जो कि बुद्धि के दाता हैं। जो संचार, तकनीक आदि के कारक हैं। जिनके प्रभाव से व्यवसाय में सफलता मिलती है। जिनके प्रभाव से वाणी में जादू बरकरार रहता है। यदि जातक की कुंडली में बुध की स्थिति कमजोर हो या फिर बुध पाप ग्रहों द्वारा पीड़ित हों तो माना जाता है कि बुध का रत्न पन्ना धारण करने से अधूरी तमन्नाएं पूरी होने लगती हैं क्योंकि इससे बुध ग्रह को मजबूती मिलती है। विद्यार्थी जातक अगर पन्ना धारण करते हैं तो मान्यता है कि इससे उनकी बुद्धि तेज होने लगती है। यदि किसी रोगी को पन्ना पहनाया जाता है तो उसके बल में वृद्धि होती है आरोग्य का सुख मिलता है। घर में पन्ना रत्न रहने से अन्न-धन्न आदि में वृद्धि होती है, सुयोग्य संतान का सुख मिलता है और भी बहुत सार लाभ पन्ना धारण करने के बताये जाते हैं।

पन्ना धारण करते समय रखें यह सावधानी

ज्योतिष शास्त्र में पन्ना धारण करने के जहां लाभ बताये गये हैं वहीं यह भी बताया गया है कि कई बार अज्ञानतावश पन्ना धारण करने से जातकों पर इसके नकारात्मक प्रभाव भी पड़ने लग जाते हैं। इसलिये पन्ना धारण करते समय यह ध्यान रखें की पन्ना शुद्ध है या नहीं।  

शुद्ध पन्ने की पहचान कैसे करें

पन्ना रत्न खरीदने से पहले यह अच्छी प्रकार से देख लें कि कहीं इसमें जाल तो नहीं गुंथा दिख रहा यदि ऐसा प्रतीत हो रहा हो तो यह अशुभ माना जाता है। यदि आपने यह पन्ना धारण कर लिया तो इससे अस्वस्थ्ता का भय बना रहता है।

जिस पन्ने में टूटी हुई धारियां नज़र आयें ऐसे रत्न को भी शुद्ध नहीं माना जाता मान्यता है कि यह संतान पक्ष के लिये शुभ संकेत नहीं होता।

थोड़ी सी कम कीमत के चलते यदि कोई आपको खुरदरा पन्ना थमाना चाहे और आप भी सस्ते के लोभ में फंस जायें तो यह आपके लिये नुक्सानदायक हो सकता है। क्योंकि खुरदरा पन्ना भी शुद्ध नहीं माना जाता और पशुधन की हानि होने की संभावनाएं बनती हैं।

यदि पन्ने में कोई गड्ढा सा नज़र आये यानि कि उसकी सतह कहीं से भी आपको कुछ अलग सी प्रतीत हो तो इसे भी धारण करने से परहेज करें मान्यता है कि यह शत्रुभय को बढ़ाता है।

रत्न तो जाने ही अपनी चमक से जाते हैं। यदि पन्ना चमकदार न हो तो पन्ना पाने की इस तमन्ना से तौबा करें क्योंकि यह आपके लिये धन हानि के संकेत करता है।

पन्ना यदि स्वर्ण रंग का हो तो इससे भी परहेज करें यह हर प्रकार से कष्टदायी माना जाता है। इसके अलावा जिसमें रक्त कणों से बिंदु दिख रहे हों या फिर शहद जैसा रंग दिखाई दे रहा हो अथवा पीली बिंदियां दिखाई दें, एक से अधिक रंग दिख रहे हों, जिसमें पतली रेखाएं दिखाई दे रही हों या फिर धब्बेदार हो तो ऐसे पन्ने को नहीं धारण करना चाहियें।

आपके लिये कौनसा रत्न धारण करना सही रहेगा? जानने के लिये एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों से परामर्श करें। अभी बात करने के लिये यहां क्लिक करें।




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

शनि प्रदोष - जानें प्रदोष व्रत की कथा व पूजा विधि

शनि प्रदोष - जानें...

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक मास में कोई न कोई व्रत, त्यौहार अवश्य पड़ता है। दिनों के अनुसार देवताओं की पूजा होती है तो तिथियों के अनुसार भी व्रत उपवास रखे जाते ह...

और पढ़ें...
पद्मिनी एकादशी – जानिए कमला एकादशी का महत्व व व्रत कथा के बारे में

पद्मिनी एकादशी – ज...

कमला एकादशी, अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पद्मिनी एकादशी कहलाती है। इसे कमला एकादशी भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में व्रत व त्यौहारों की बड़ी मान्यता है। सप्ताह का...

और पढ़ें...
वृषभ राशि में बुध का परिवर्तन – जानिए किन राशियों के लिये लाभकारी है वृषभ राशि में बुधादित्य योग

वृषभ राशि में बुध ...

बुध ग्रह राशि चक्र में तीसरी और छठी राशि मिथुन व कन्या के स्वामी हैं। बुध वाणी के कारक माने जाते हैं। बुध का राशि परिवर्तन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक बड़ी घटना मान...

और पढ़ें...
अधिक मास - क्या होता है मलमास? अधिक मास में क्या करें क्या न करें?

अधिक मास - क्या हो...

अधिक शब्द जहां भी इस्तेमाल होगा निश्चित रूप से वह किसी तरह की अधिकता को व्यक्त करेगा। हाल ही में अधिक मास शब्द आप काफी सुन रहे होंगे। विशेषकर हिंदू कैलेंडर वर्ष को म...

और पढ़ें...
सकारात्मकता के लिये अपनाएं ये वास्तु उपाय

सकारात्मकता के लिय...

हर चीज़ को करने का एक सलीका होता है। शउर होता है। जब चीज़ें करीने सजा कर एकदम व्यवस्थित रखी हों तो कितनी अच्छी लगती हैं। उससे हमारे भीतर एक सकारात्मक उर्जा का संचार ...

और पढ़ें...