वास्तु शास्त्र के अनुसार जानिए सूर्य की रोशनी के लाभ

ज्योतिष व वास्तु शास्त्र में सूर्य का खासा महत्व है। सूर्य के बिना जीवन में केवल अंधकार ही होगा। यह हम सब मानते हैं। इसी तरह यदि आपके घर में सूर्य की प्रचुर मात्रा में रोशनी नहीं आती है तो आपके घर में तो प्रकाश है परंतु यह आपके जीवन में काफी हद तक अंधकार व्याप्त रहने की तरह ही है। इस लेख में हम सूर्य की रोशनी का वास्तु शास्त्र में क्या महत्व है? सूर्य मुखी घर को क्यों महत्व दिया जाता है? घर में सूर्य की रोशनी सही तरह न आने के क्या हानि हैं? इन सभी पहलुओं के बारे में जानेंगे।

वास्तु शास्त्र व सूर्य

वास्तु विदों का कहना है कि सूर्य वास्तु शास्त्र को इसी तरह से प्रभावित करता है जैसे की वैदिक ज्योतिष शास्त्र को करता है। इसलिए यहां यह जरूरी हो जाता है कि हमें सूर्य के अनुसार ही घर का निर्माण करवाना चाहिए। यहां तक की अपनी दिनचर्या को भी सूर्य के अनुसार ही निर्धारित करें तो अच्छा होगा। वास्तु शास्त्रियों का कहना है कि किसी भी घर में रहने वाले लोगों के लिए सूर्य की रोशनी आना बहुत ही महत्वपूर्ण है। जिस घर में सुचारू व प्रचुर मात्रा में सूर्य की किरणें प्रवेश नहीं करती है वह घर वास्तु व ज्योतिष में शुभ  माना जाता है इसलिए यहां यह आवश्यक हो जाता है कि घर का निर्माण करवाते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि घर में सूर्य की रोशनी प्रचुर मात्रा में प्रवेश करें। ताकि घर उर्जा से परिपूर्ण रहे। क्या आप के घर में नहीं आती प्रचुर मात्रा में सूर्य की रोशनी ? तो हो सकते  हैं इसके बुरे परिणाम। तो देर किस बात की अभी उपाय जानने के लिए बात करें देश के प्रसिद्ध वास्तु विदों से।

वास्तु में सूर्य मुखी घर का महत्व

सूर्य मुखी कहे या पूर्व मुखी दोनों का आशय समान है। ज्योतिष व वास्तु शास्त्र में सूर्य को साकरात्मकताव आत्मा का कारक बताया गया है। सूर्य का सही स्थिति व प्रभाव में रहना बहुत ही मायने रखता है। वास्तु विदों का कहना है कि घर के हर हिस्से में रोशनी आना घर को दोष रहित व शुभ बनाती है। पूर्व मुखी घर वास्तु शास्त्र में सबसे अच्छा घर माना जाता है। परंतु यदि घर वास्तु के नियमों का पालन किए बिना बना है तो पूर्व मुखी घर भी अशुभ परिणाम दे सकता है। वास्तु ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि पूर्व दिशा में घर का मुख्य द्वार हो और उसके सामने से टी नुना रास्ता निकल रहा है तो यह घर अशुभ परिणाम देता है। इसलिए यह जरूरी है कि घर का निर्माण करते समय वास्तु नियमों का ख्याल रखा जाए।

घर में सूर्य रोशनी आने के लाभ

सूर्य की रोशनी घर में आने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। घर में निवास करने वाले लोगों पर भी इसका असर देखने को मिलता है। ये उत्साह से भरे होते हैं। इनके अंदर ऊर्जा की कमी नहीं होती है। जिसके चलते ये आपने सारे कार्य कुशलता के साथ ही समय पर करने में सफल होते हैं। जिसका इन्हें लाभ होता है। इसके साथ ही सूर्य रोशनी आने से मकान में रहने वाले लोग स्वस्थ्य रहते हैं। सूर्य की रोशनी शरीर पर पड़ने से विटामीन डी की भी पूर्ती होती है। इसके साथ ही घर में नकारात्मक शक्ति रूक नहीं पाते हैं। रोशनी के साथ घर में सुख समृद्धि आती है।

सूर्य रोशनी सुचारू रूप से न आने पर हानि

वास्तु शास्त्रियों के मुताबिक जिस घर में सूर्य की रोशनी नहीं जाती है, उस घर में रहने वाले लोगों की सेहत अक्सर खराब ही रहती है। वे स्वयं को शारीरिक रूप से सक्षम नहीं समझते साथ ही शरीर में हमेशा दर्द व थकान बना रहता है। जिसका असर व्यक्ति के मनोबल पर पड़ता है। कार्य में भी ये अपना शत प्रतिशत योगदान नहीं दे पाते हैं। जिसके चलते इन्हें सफलता के लिए अधिक परिश्रम करना पड़ता है। इसके साथ ही समय पर काम न होने से चीजे लेट हो जाती हैं। जातक निराश व हताश सा महसूस करने लगता है। साथ ही शारीरिक शक्ति भी कम हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि घर में सही मात्रा में हर जगह रोशनी पहुंचे।

यहां दी गई जानकारी सामान्य है। अपने घर की वास्तु संरचना के हिसाब से परिणाम जानने के लिए देश के प्रसिद्ध वास्तु विद से बात करें। अभी परामर्श लेने के लिए यहां दिए गए लिंक क्लिक करें।

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