Skip Navigation Links
चैंपियंस ट्रॉफी 2017 का दूसरा सेमीफाइनल भारत व बांग्लादेश


चैंपियंस ट्रॉफी 2017 का दूसरा सेमीफाइनल भारत व बांग्लादेश

चैंपियंस ट्रॉफी 2017 की चार श्रेष्ठ टीमों के बीच 14 जून से मुकाबला आरंभ होगा। फाइनल से एक कदम दूर खड़ी चारों टीमों के लिये दोनों मैच महत्वपूर्ण हैं। पाकिस्तान और ईंग्लैंड जहां 14 को आमने सामने होंगे तो वहीं भारत व बांग्लादेश के बीच 15 जून को मुकाबला होगा। क्या गत विजेता भारत इस बार भी अपनी बादशाहत कायम रखते हुए फाइनल में पंहुचेगा या फिर बांग्लादेश की टीम किस्मत के सहारे कोई उलटफेर हो सकता है? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दोनों देशों की कुंडली क्या कहती है आइये जानते हैं।

मैच के दिन ग्रहों की दशा

भारत व बांग्लादेश के बीच चैंपियंस ट्रॉफी 2017 का दूसरा सेमीफाइनल 15 जून को इंगलैंड के बर्मिंघम स्थित एजबेस्टन में स्थानीय समय के अनुसार प्रात: 10:30 बजे आरंभ होगा। मैच के समय सिंह लग्न व राशि कुंभ रहेगी। इस समय मंगल और सूर्य के लाभ स्थान में होने से इस मैच के एकतरफा रहने के आसार भी नज़र आ रहे हैं। हालांकि लग्न में राहू का होना कहीं न कहीं दोनों टीमों का आत्मविश्वास डगमगाने की ओर भी ईशारा करता है। यह तो रहा मैच शुरु होने के समय ग्रहों का हाल अब जानते हैं दोनों देशों की कुंडली के बारे में।

क्या कहती है भारत की कुंडली

15 अगस्त 1947 मध्यरात्रि के समय देश को आज़ादी मिली। इस समयानुसार भारत की कुंडली पुष्य नक्षत्र में वृषभ लग्न व कर्क राशि की बन रही है। इस समय भारत पर राशि स्वामी चंद्रमा की महादशा चल रही है तो अंतर्दशा में राहू हैं वहीं प्रत्यंतर में देव गुरु गोचर कर रहे हैं। खेल के समय लग्न की राशि से भारत का चंद्रमा 12वां रहेगा तो चंद्र राशि से यह छठा होगा। भारत की कुंडली व मैच के समय ग्रहों की दशाओं के आधार पर भारत को विजय श्री मिलने की संभावनाएं काफी बलवती हैं।

क्या कहती है बांग्लादेश की कुंडली

26 मार्च 1971 को बांग्लादेश को एक स्वतंत्र देश घोषित किया गया था। उक्त समयानुसार बांग्लादेश की कुंडली वृश्चिक लग्न व कुंभ राशि की है। चंद्रमा उस दिन बांग्लादेश की राशि में ही संचरण करेंगें इसका संकेत है कि बांग्लादेश को इस मैच में बने रहने के लिये कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। बांग्लादेश का लाभेश और मैच के समय के लग्न के लाभेश बुध हैं जो कि बांग्लादेश की कुंडलिका में नीच राशि के हैं व वर्तमान कुंडलिका के हिसाब से अस्त चल रहे हैं।

दोनों देशों की कुंडलियों व मैच के समय ग्रह दशा का आकलन करने पर इस निष्कर्ष पर पंहुचा जा सकता है कि भारत का पलड़ा काफी भारी रहने के आसार हैं। उम्मीद की जा सकती है कि भारत यह मैच एकतरफा जीते।

हालांकि क्रिकेट विश्लेषकों के नज़रिये देखें तो इसमें कोई दो राय नहीं है कि बांग्लादेश की टीम भारत को विश्वकप में हरा कर उलटफेर कर चुकी है और इस चैंपियंस ट्रॉफी में भी टीम का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। इसलिये बांग्लादेशी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता है लेकिन अति आत्मविश्वास न किया जाये तो भारत चैंपियंस ट्रॉफी का गत चैंपियंन है और उम्मीद है कि वह इस बार भी इस ट्रॉफी को अपने पास रखे। 


आपकी किस्मत आपका कितना साथ दे रही है? यदि भाग्य का साथ नहीं मिल रहा तो क्यों नहीं मिल रहा? जानें एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों से। अभी परामर्श करने के लिये यहां क्लिक करें।





एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

मोक्षदा एकादशी 2018 – एकादशी व्रत कथा व महत्व

मोक्षदा एकादशी 201...

एकादशी उपवास का हिंदुओं में बहुत अधिक महत्व माना जाता है। सभी एकादशियां पुण्यदायी मानी जाती है। मनुष्य जन्म में जाने-अंजाने कुछ पापकर्म हो जाते हैं। यदि आप इन पापकर्...

और पढ़ें...
गीता जयंती 2018 - कब मनाई जाती है गीता जयंती?

गीता जयंती 2018 - ...

कर्मण्यवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन |मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोSस्त्वकर्मणि ||मनुष्य के हाथ में केवल कर्म करने का अधिकार है फल की चिंता करना व्यर्थ अर्थात निस्वार्...

और पढ़ें...
विवाह पंचमी 2018 – कैसे हुआ था प्रभु श्री राम व माता सीता का विवाह

विवाह पंचमी 2018 –...

देवी सीता और प्रभु श्री राम सिर्फ महर्षि वाल्मिकी द्वारा रचित रामायण की कहानी के नायक नायिका नहीं थे, बल्कि पौराणिक ग्रंथों के अनुसार वे इस समस्त चराचर जगत के कर्ता-...

और पढ़ें...
मार्गशीर्ष – जानिये मार्गशीर्ष मास के व्रत व त्यौहार

मार्गशीर्ष – जानिय...

चैत्र जहां हिंदू वर्ष का प्रथम मास होता है तो फाल्गुन महीना वर्ष का अंतिम महीना होता है। महीने की गणना चंद्रमा की कलाओं के आधार पर की जाती है इसलिये हर मास को अमावस्...

और पढ़ें...
उत्पन्ना एकादशी 2018 - जानिये उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा व पूजा विधि

उत्पन्ना एकादशी 20...

एकादशी व्रत कथा व महत्व के बारे में तो सभी जानते हैं। हर मास की कृष्ण व शुक्ल पक्ष को मिलाकर दो एकादशियां आती हैं। यह भी सभी जानते हैं कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा...

और पढ़ें...