दिन-वार के अनुसार करें कार्य, मिलेगा शुभ फल

14 नवम्बर 2019

हिंदू धर्म में शुभ-अशुभ को काफी महत्व दिया जाता है। किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले ज्योतिशास्त्र के मुताबिक एक तिथि, वार, नक्षत्र, योग को निर्धारित किया गया है। इसी से शुभ लग्न औऱ मुहूर्त का पता चलता है। ज्योतिष में सभी खास कामों के लिए शुभ समय और वार को ध्यान मे रखा जाता है। इसके पीछे का उद्देश्य साफ है कि शुभ फल पाने के लिए शुभ दिन और वार के अनुसार कार्य को प्रारंभ करना चाहिए। ऐसा करने से कार्यों में सफलता मिलने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती है। ज्योतिष के अनुसार, यदि किसी कार्य को गलत दिन या समय पर प्रारंभ किया जाता है तो कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले आप किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें। एस्ट्रोयोगी पर अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श लेने के लिए अभी बात करें।

 

तो चलिए आज हम आपको ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शुभ दिन के आधार पर कौन से कार्य किए जाते हैं के बारे बताएंगे।

 

रविवार

रविवार को भगवान सूर्य का दिन माना जाता है। इस दिन आप अपने नये घर में प्रवेश कर सकते हैं और कोई भी नई औषधि लेना भी शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा आप नया वाहन या किसी नई नौकरी की शुरूआत भी इस दिन से कर सकते हैं। विज्ञान, इंजीनियरिंग, सेना, उद्योग बिजली, मेडिकल और प्रशासनिक शिक्षा, नये वस्त्र धारण, सोने और तांबे की वस्तुओं के नवीन आभूषण धारण करने शुभ होते हैं।

 

सोमवार

सोमवार के दिन को भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए शुभ माना जाता है। यदि आपकी सरकारी नौकरी लगी है तो आपके लिेए पद ग्रहण करना शुभ माना जाता है। ग्रह, शुभांरभ, लेखानादि कार्य, मेडिकल शिक्षा, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, औषधि निर्माण व योजना संबंधित, आभूषण धारण, तेल लगाना, हजामत बनाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा गहने खरीदने और बेचने के लिए भी सोमवार का दिन अच्छा माना जाता है।

मंगलवार

मंगल ग्रह से प्रभावित होता है यह दिन। मंगलवार के इस दिन विवाद एवं मुकदमे से संबंधित कार्य करने चाहिए। बिजली से संबंधित कार्य, सर्जरी की शिक्षा, शस्त्र विद्या सीखना, भूगर्भ विज्ञान, दंत चिकित्सा, मुकादमा दायर करना शुभ है। लेकिन इस दिन भूलकर भी किसी से उधार न लें। इस वार को बजरंगबली की पूजा-अर्चना के लिए शुभ माना जाता है।

बुधवार

बुध ग्रह से प्रभावित होता है यह दिन। वहीं यदि आप किसी को ऋण दे रहे हैं, तो बुधवार को दें। इस दिन दिया हुआ ऋण आपके पास जल्दी वापस आ जाता है। इसके अलावा शिक्षा-दीक्षा विषयक कार्य, विद्यारंभ अध्ययन, सेवावृत्ति, बहीखाता, हिसाब विचार, शिल्पकार्य, निर्माण कार्य, नोटिस देना, गृहप्रवेश, राजनीति विचार शुभ है।

गुरुवार

गुरुवार का दिन बृहस्पति ग्रह से प्रभावित होता है। इस दिन को भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा के लिए माना गया है। इस दिन यात्रा, धार्मिक कार्य, विद्याध्ययन औऱ बैंक से संबंधित कार्य करना चाहिए। दर्शन शास्त्र, धर्म मंत्र, ज्योतिष, वकालत, उच्च पद प्रशासनिक, शिक्षा, नये वस्त्र धारण करने और नए आभूषण धारण करना शुभ वार माना गया है।

शुक्रवार

शुक्रवार के दिन को मां लक्ष्मी और संतोषी माता की पूजा-अर्चना के लिए माना जाता है। शुक्र ग्रह से प्रभावित होता है यह दिन। इस दिन गृह प्रवेश औऱ कन्या दान करने का महत्व है। इस दिन शुभ भोगने के साधनों का इस्तेमाल करें। नृत्य, वाद्य़, गायन, संगीत, एक्टिंग, गीत-काव्य, स्त्रियों एवं सौंदर्य संबंधित, नवीन वस्त्र धारण, नवीन आभूषण धारण करना उत्तम माना जाता है।

शनिवार

शनिवार के दिन को शनि देव का माना गया है, जो लोग साढ़ेसाती या ढैय्या से पीड़ित है, तो उनको इस दिन विशेष शास्त्रीय उपाय करने चाहिए। इसके अलावा इस दिन गृह प्रवेश, नौकर-चाकर रखना, लौह-मशीनरी, कल पुर्जों के कार्य, वाहन खरीदना शुभ माना जाता है लेकिन बीज बोना, कृषि खेती कार्य को शुभ नहीं माना जाता है।

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