इन 7 आदतों से दूर हो जाती हैं धन की देवी लक्ष्मी जी

इस बार दिवाली का पर्व 27 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार दिवाली का त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश और लक्ष्मी के पूजन का विशेष महत्व है। वहीं मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए भी कई तरह के उपाय करने का विधान है। सोचिए भला कौन है जो धन की देवी लक्ष्मी जी को साथ नहीं रखना चाहता है? किन्तु यदि हम सोचते हैं कि लक्ष्मी जी का साथ बहुत तपस्या और कर्म-काण्ड के बाद ही प्राप्त होता है तो यह हमारी भूल है। हमारे नित्य रोज के आचरण और कार्यों से भी लक्ष्मी जी का आशीर्वाद हमें प्राप्त हो सकता है और कुछ दैनिक अनैतिक कार्यों से लक्ष्मी जी साथ छोड़ भी देती हैं।

 

मां लक्ष्मी की विशेष कृपा पाने के लिये एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों से लक्ष्मी पूजन की विधि व सरल ज्योतिषीय उपाय जानें।   

 

तो आइये जानते हैं कि वह कौन से अनैतिक कार्य हैं जिनको करने से धन की देवी लक्ष्मी जी व्यक्ति से दूर हो जाती है-

 

क्रोध और अपशब्दों के प्रयोग करने से

धर्मों में साफ़ लिख दिया गया है कि क्रोध व्यक्ति को नर्क में लेकर जाता है। क्रोध एवं अपशब्दों का प्रयोग करने वाला व्यक्ति शास्त्रों में कायर बताया है। हम अक्सर अपने घर या अपनों पर क्रोध करते रहते हैं। निरंतर घर में कलेश का माहौल बने रहने से, धन की देवी लक्ष्मी जी उस व्यक्ति और घर से दूर हो जाती हैं।

 

साधू-संतों एवं शास्त्रों के अनादर से

अपने घर में या जीवन में कई बार हम शास्त्रों का अनादर करते हैं या शास्त्रानुसार जीवन निर्वाह नहीं करते हैं तो ऐसा करने से हम किसी और का नहीं, बस अपना ही नुकसान कर रहे होते हैं। साधू-संतों एवं शास्त्रों के अनादर से, लक्ष्मी जी व्यक्ति से दूर हो जाती हैं।

 

सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सोने से

सूर्योदय के बाद उठना और सूर्यास्त के समय सोने से धन की देवी लक्ष्मी जी रूठ जाती हैं। हमारे धर्मों में साफ़ लिखा गया है कि सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त के समय राक्षस प्रवृति के लोग ही सोया करते हैं। अक्सर आप देख सकते हैं कि इस आचरण के लोगों का जीवन अव्यवस्थित होता है और अक्सर इस तरह के लोग किसी ना किसी बीमारी से ग्रसित रहते हैं।

 

ब्रह्म महूर्त और संध्या समय में भोग-विलास करने से

ब्रह्म महूर्त (सुबह 2 से 4) और संध्या समय में भोग विलास करने से भाग्य का उदय नहीं हो सकता है। हिन्दू धर्म के शास्त्रों ने साफ़ बताया है कि सुबह 2 से 4 और संध्याकाल का समय ब्रह्मा की आराधना के लिए सबसे उचित समय होता है और जो व्यक्ति इस समय भोग विलास  में लिप्त रहता है वह मरने के बाद तो नरक की प्राप्ति करता ही है तथा जीते जी, लक्ष्मी जी उसका साथ छोड़कर चली जाती हैं। 

 

प्रातः और सायंकाल में घर पर दीया ना जलाने से

आज वर्तमान में घर के आँगन या देहलीज पर दीया जलाने की परंपरा लुप्त होती जा रही है। प्रातः और सायंकाल में अगर घर में दीया ना जलाया जाए, तो ऐसा करने से लक्ष्मी जी क्रोधित होकर, इस तरह के घर को एवं व्यक्ति का त्याग कर देती हैं।

 

मैले कपड़े धारण करने से

यदि व्यक्ति जीवन में मैले कपड़ों को धारण करता है तो इस वजह से सामाजिक जीवन में तो उसको अपमानित होना ही पड़ता है साथ ही साथ लक्ष्मी जी भी उससे दूर हो जाती हैं।

 

घर को गन्दा रखने से

व्यक्ति का जीवन उसके वातावरण से बनता है जहाँ वह अपना सबसे ज्यादा समय बिताता है। यदि आप एक गंदे और अव्यवस्थित घर में रहते हैं तो अक्सर नकारात्मक शक्तियां आप पर हावी रहती हैं और धन की देवी लक्ष्मी जी हमारा साथ छोड़ देती हैं।

 

लक्ष्मी जी की प्राप्ति का मंत्र

घर या दुकान में श्री सम्पूर्ण महालक्ष्मी महायन्त्रम् रखने से जीवन में धन-वैभव के साथ सभी सुख-सुविधाएँ प्राप्त होती हैं।

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