Skip Navigation Links
इस दिवाली कौनसे रंगों से बढ़ेगी घर की शोभा


इस दिवाली कौनसे रंगों से बढ़ेगी घर की शोभा

दिवाली का त्यौहार नजदीक आते ही मानो जन जीवन चहकने लग जाता है। चहकेगा क्यों नहीं आखिर यह त्यौहार अपने आस-पास और भी बहुत सारे त्यौहार लेकर आता है। त्यौहारों को लेकर चाव, उमंग तो सभी में होती है। लेकिन दिवाली पर सबसे ज्यादा उत्साह होता है घर को सजाने-संवारने का, गहरे से हर चीज़ की सफाई करने का। यानि घर को एक दम चकाचक टिप-टॉप रखने का। घर की सजावट के लिये जो सबसे पहले ख़याल आता है वो है घर में रंग-रोगन करने का। आज आपको इसी बारे में बताएंगें कि दिवाली पर आप कैसे रंगों से अपने घर को हसीन बना सकते हैं और किन बातों का रंगाई-पुताई के लिये ध्यान रखना है।


रंग-रोगन के समय ध्यान रखने योग्य बातें

वास्तु के अनुसार हों रंग

घर में रंग करने से पहले यही सवाल होता है कि किस तरह का रंग घर में किया जाये। कौनसा रंग करना शुभ रहेगा। इसके लिये पहली बात जो ध्यान रखने लायक है वो यह कि आप जिस रंग से घर को रंगना चाहते हैं क्या वह वास्तु की दृष्टि से सही है। इसलिये रंग-रोगन करने से पहले एक बार वास्तु टिप्स अवश्य लें लें। इसके लिये आप एस्ट्रोयोगी पर देश भर के जाने-माने विद्वान ज्योतिषाचार्यों से परामर्श कर सकते हैं। अभी परामर्श करने के लिये आप इस लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करें। रजिस्ट्रेशन के तुरंत बाद 100 रुपये तक की बातचीत आप निशुल्क कर सकते हैं।


स्पेस के अनुसार करें रंग

यदि आपके घर का आकार बड़ा है और उसमें स्पेस ज्यादा है तो उसमें गहरे रंगों का इस्तेमाल कर सकते हैं। गहरे और हल्के रंगों के कॉबिनेशन कलर भी आप करवा सकते है। लेकिन यदि घर छोटा है और स्पेस कम है तो इनमें हल्के रंग अच्छा लगता है।


इंटिरियर के अनुसार रंग

रंग का चयन करते समय एक चीज़ और जो ध्यान रखने लायक है वह है आपके घर का इंटीरियर। अपने घर के अंदरूनी हिस्सों में अपने फर्निचर, दरवाज़े-खिड़कियां उनके पर्दे आदि के साथ मैचिंग कलर करवाना आपके घर की शोभा में चार चांद लगा देगा।

 

कमरों के उदेश्यानुसार रंग

अपनी पसंद तो जरूरी है और उसके अनुसार रंग आप कर सकते हैं लेकिन रंग करवाते समय कमरों के इस्तेमाल का ध्यान रखें। हर कमरे का एक उद्देश्य होता है कि वह किस प्रयोग में लाया जा रहा है। शयनकक्ष, अध्ययन कश, बैठक, रसोई, स्नानागार आदि। बच्चों के कमरे में कुछ गहरे और हल्के रंगों के कॉन्ट्रास्ट रंग करने चाहिये, इसी तरह स्टडी रूम यानि अध्ययन कक्ष में हरा रंग करना चाहिये, यह समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। अपने शयनकक्ष अर्थात बेडरूम के लिये गुलाबी, आसमानी जैसे हल्के रंग की पुताई करवा सकते हैं। रिश्तों में मधुरता लाने और मन की शांति के लिये इस तरह के रंग अच्छे माने जाते हैं। सजावट के लिये आजकल खूब चर्चित हो रहे वॉल फेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। यानि वॉल पेंटिंग, वॉल आर्ट या अन्य तरीकों से अपने शयनकक्ष की दीवारों को सजा सकते हैं। इसी तरह ड्राइंग रूम, बाथरूम, किचन एवं पूजा घर को भी अलग अंदाज में रंग सकते हैं।

मां लक्ष्मी की विशेष कृपा पाने के लिये एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों से लक्ष्मी पूजन की विधि व सरल ज्योतिषीय उपाय जानें।

संबंधित लेख

दिवाली 2017   |     दिवाली पूजा मंत्र   |    दीपावली –  पूजन विधि और शुभ मूहूर्त   ।   दिवाली पर यह पकवान न खाया तो क्या त्यौहार मनाया   |  

लक्ष्मी-गणेश मंत्र   |   लक्ष्मी मंत्र   ।   गोवर्धन पूजा - गोवर्धन पूजा कथा और शुभ मुहूर्त   |   भैया दूज - भाई बहन के प्यार का पर्व   |   

छठ पूजा - व्रत विधि और शुभ मुहूर्त   |




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

सीता नवमी 2018 – जानें जानकी नवमी की व्रत कथा व पूजा विधि

सीता नवमी 2018 – ज...

चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान राम का प्राकट्य हुआ तो माता सीता वैशाख शुक्ल नवमी को प्रकट हुई थी। यही कारण है कि हिंदू धर्मानुयायी विशेषकर वैष्णव संप्रदाय ...

और पढ़ें...
मोहिनी एकादशी 2018 – जानें मोहिनी एकादशी की व्रत कथा व पूजा विधि

मोहिनी एकादशी 2018...

वैशाख मास को भी पुराणों में कार्तिक माह की तरह ही पावन बताया जाता है इसी कारण इस माह में पड़ने वाली एकादशी भी बहुत ही पुण्य फलदायी मानी जाती है। वैशाख शुक्ल एकादशी क...

और पढ़ें...
शनि वक्री 2018 - शनि की वक्री चाल क्या होगा हाल? जानें राशिफल

शनि वक्री 2018 - श...

शनि वक्री 2018 - 18 अप्रैल 2018 को जैसे ही शनि की चाल बदलेगी उसके साथ हमें भी अपने आस-पास बहुत कुछ बदलता हुआ दिखाई देगा। यह चेंज हमें अपनी पर्सनल, प्रोफेशनल से लेकर ...

और पढ़ें...
शुक्र का वृषभ राशि में गोचर – क्या होगा असर आपकी राशि पर !

शुक्र का वृषभ राशि...

20 अप्रैल को शुक्र मेष राशि को छोड़कर स्वराशि वृषभ में प्रवेश कर रहे हैं। शुक्र को मीन राशि में उच्च तो कन्या में नीच का माना जाता है। उच्च राशि व स्वराशि के होने पर...

और पढ़ें...
जपमाला - जप माला में 108 दाने क्यों होते हैं? जानें रहस्य।

जपमाला - जप माला म...

हिन्दू धर्म में हम मंत्र जप के लिए जिस माला का उपयोग करते है, उस माला में दानों की संख्या 108 होती है। शास्त्रों में इस संख्या 108 का अत्यधिक महत्व होता है । माला मे...

और पढ़ें...