ईद मुबारक 2022: क्यों ख़ास है ये त्योहार?

bell icon Sun, May 01, 2022
टीम एस्ट्रोयोगी टीम एस्ट्रोयोगी के द्वारा
ईद मुबारक 2022: क्यों ख़ास है ये त्योहार?

लंबे अर्से के इंतज़ार के बाद आ गया है ईद उल-फितर का त्यौहार! इस मौके पर दुनिया भर के मुसलमान अपने दोस्तों और परिवार के साथ मिलजुल कर मनाएंगे ये त्योहार। ईद के त्योहार और इसके महत्व के बारे में जानने के लिए पढ़ें। 

ईद उल-फितर रमजान के पावन महीने के अंत का प्रतीक है जो 2 मई, सोमवार को दुनिया भर में मनाया जाएगा। यह मुस्लिम समाज के लोगों के लिए एक त्योहार से कहीं अधिक है क्योंकि ये सांप्रदायिक और नैतिक पहलुओं से सम्बन्धित है, जो इस्लाम के बुनियादी मूल्यों को व्यक्त करता है। ये मूल्य निर्धनों के प्रति सहानुभूति, दान, दृढ़ता, धैर्य आदि हैं। रमजान के दौरान एक महीने के व्रत के बाद, मुस्लिम ईद का बेसब्री से इंतजार करते हैं जिसे लोग ख़ुशी-ख़ुशी मनाते है।

आइए अब जानते है, ईद के त्योहार के बारे में:

क्यों विशेष है ईद का त्योहार?

ईद एक अरबी शब्द है जिसका अर्थ है उत्सव, जबकि फितर का अर्थ है उपवास तोड़ना। इस प्रकार, ईद का पर्व उपवास को तोड़ने और हमारे भीतर जो बुराई है उसे दूर करने का प्रतीक है। ईद उल-फितर रमजान के पवित्र महीने के उपवास के अंत में मनाया जाता है जिसे रमजान कहा जाता है। ईद का दिन पहले से निश्चित नहीं होता है और रमजान के अंतिम दिन अमावस्या तिथि को देखने के बाद ही तय किया जाता है। एक महीने के लंबे उपवास के बाद, दुनियाभर के मुसलमान ईद के त्यौहार को जश्न के रूप में मनाते हैं।

ईद का पर्व सद्भाव, शांति और भाईचारे का प्रतीक है। ईद-उल-फितर को तीन दिनों से अधिक समय तक मनाया जाता है। ईद के पहले दिन सुबह-सुबह, शहर भर की मस्जिदों से नमाज़ की आवाज़ सुनाई देती है और यहां मुसलमान बड़ी संख्या में नमाज़ पढ़ने के लिए एकत्रित होते हैं। ईद की नमाज़ अदा करने वाले लोगों को समायोजित करने के लिए, मस्जिदों के बाहर और गलियों में नमाज़ के आसन बिछाए जाते हैं। 

भारत में कैसे मनाया जाता है ईद का पर्व?

भारत में, ईद सोमवार, 2 मई 2022 को मनाई जाएगी। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, पैगंबर मुहम्मद ने रमजान मनाया था, इसलिए यह नौवें महीने में आता है और ईद दसवें महीने में शव्वाल के पहले दिन मनाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि रमजान के दौरान उपवास लोगों को अल्लाह के करीब लाता है और यदि वे पूरे विश्वास के साथ उपवास करते हैं तो उन्हें उनके पूर्व जन्मों के पापों से मुक्ति मिल जाती है।

इस त्योहार के दिन भारत में राष्ट्रीय अवकाश होता है और  ईद-उल-फितर पर मुस्लिम लोग पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में अल्लाह की इबादत करने के लिए इकट्ठा होते हैं। इस विशेष दिन पर मुसलमान बिरयानी और अन्य मीठे पकवानों का आनंद लेते हैं। ईद के प्रमुख पकवानों में से एक 'सेवइयां' को ईद पर विशेष रूप से बनाया जाता हैं।

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रमजान और ईद का महत्व:

  • रमजान का महीना केवल खान-पान से परहेज करने का नहीं है, बल्कि बुरे कार्यों और विचारों से दूर रहने का भी है।
  • यह एकता, भाईचारे को बढ़ावा देने और निर्धनों के प्रति दयालु बनने से सम्बन्धित है।
  • इस दौरान हर मुसलमान से अपेक्षा की जाती है कि वह रमजान के अंत में गरीबों को ज़कात-अल-फ़ित्र अदा करे। दान या कल्याण का यह कार्य गेहूं, खजूर, जौ आदि खाद्य पदार्थों के रूप में या नकद के रूप में हो सकता है।
  • ईद के दिन खुले आसमान के नीचे या मस्जिदों के अंदर नमाज अदा की जाती है।
  • इस दिन बच्चों को ईदी या उपहार दिए जाते हैं जिससे वे इसे त्योहार को पूरे हर्षोल्लास के साथ मना सकें।
  • मुस्लिम समुदाय द्वारा शांति और सद्भाव की प्रार्थना की जाती है, सभी के भलाई की कामना की जाती है!

ईद 2022 का त्यौहार कैसे मनाये?

ईद के पावन अवसर पर मुस्लिम धर्म के लोग नए कपड़े पहनते हैं, सुबह की नमाज अदा करते हैं और अपने दोस्तों और परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं। वे शीर खुर्मा और सेवइयां जैसे सभी प्रकार के स्वादिष्ट पकवानों और उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं। ये त्योहार सभी लोगों को  एक साथ लेकर आता हैं और इस पर्व को अपने करीबियों के साथ मनाया जाता हैं, लोग व्यंजनों का लुत्फ़ उठाते हैं और हंसी-ख़ुशी का माहौल चारों तरफ होता हैं!

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एस्ट्रोयोगी परिवार की तरफ से आप सभी को ईद मुबारक!

✍️ By- टीम एस्ट्रोयोगी

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