गुजरात विधानसभा 2022: ज्योतिषीय विश्लेषण से जानें कौन बनेगा, गुजरात विधानसभा का किंग

Sun, Dec 04, 2022
Team Astroyogi  एस्ट्रो नैंसी के द्वारा
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गुजरात विधानसभा 2022: ज्योतिषीय विश्लेषण से जानें कौन बनेगा, गुजरात विधानसभा का किंग

इन दिनों गुजरात में विधानसभा चुनावों को लेकर हर राजनीतिक पार्टी ने जोरदार तैयारी की है। देश की राजनीति में  गुजरात विधानसभा चुनावों का अपना एक विशेष महत्व है। ये विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी दोनों के लिए ही प्रतिष्ठा का सवाल है। इस दौरान राज्य में त्रिकोणीय मुकाबला चल रहा है। जहां सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अपने दम-खम का प्रदर्शन कर रहे हैं। ये तीनों पार्टियां रोड शो, रैली, डोर टू डोर कैम्पेन के जरिए सीधे मतदाताओं को प्रभावित करने में लगी हुई हैं। ऐसे में देखने वाली बात ये होगी कि मतदाता किस पर अपना भरोसा दिखाते हैं। 

गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 को दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहला चरण 1 दिसंबर 2022 और दूसरा चरण 5 दिसंबर 2022 को आयोजित किया जाएगा। इन चुनावों के नतीजे 8 दिसंबर 2022 को सामने आएंगे। ऐसे में हर कोई अपने-अपने कयास लगा रहा है कि गुजरात में इस बार सत्ता किस पार्टी के हांथ में जाने वाली है। तीनों पार्टी के बीच मुकाबला बेहद टक्कर का है। आइए ज्योतिषीय विशेलषण से समझते हैं कि गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 में इस बार कौन सी पार्टी बाजी मारने वाली है। 

गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 का ज्योतिषीय विश्लेषण 

गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर हम सभी के मन में तरह-तरह के सवाल हैं। इस साल गुजरात में चल रहा त्रिकोणीय मुकाबला बेहद रोमांच भरा है। ऐसे में ये जान पाना बेहद मुश्किल है कि इस साल विधानसभा चुनावों में मतदाता किस पार्टी को सत्ता सौंपेंगे। हालांकि एस्ट्रोयोगी के ज्योतिषीय विश्लेषण से आप ये जान सकते हैं कि गुजरात विधानसभा चुनावों में इस बार किस पार्टी के सिर जीत का ताज सजेगा और किस पार्टी को मिलेगी निराशा। 

बीजेपी के लिए ज्योतिषीय विश्लेषण :

1 दिसंबर को गुजरात विधानसभा 2022 के चुनावों का पहला चरण आयोजित हुआ। अंकज्योतिष के अनुसार, अंक (1) सूर्य का प्रतीक है। सूर्य, सरकार की सफलता शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं। ज्योतिष के अनुसार 1 दिसंबर 2022 की राशि वृश्चिक है और नरेंद्र मोदी जी की कुंडली वृश्चिक लग्न की है। यहां सूर्य दशमेश होकर लग्न में बुध और शुक्र के साथ स्थित हैं। विजय प्राप्ति के लिए बुध 11वें भाव का स्वामी है। नरेंद्र मोदी जी की जन्म तिथि 17 सितंबर 1950 है अर्थात अंकज्योतिष के अनुसार इनकी जन्मतिथि के अंकों का योग 1+7+9+1+9+5+0=32 और 3+2=5 है। इसके अनुसार उनका भाग्यांक 5 है और व्यक्तिगत वर्ष अंक 5 है जो वर्तमान तिथि और वर्तमान व्यक्तिगत वर्ष के अनुकूल है। नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में भूपेंद्र पटेल के नाम की घोषणा की है। भूपेंद्र पटेल का जन्म 15 जुलाई 1962 को अहमदाबाद में हुआ था। अंक ज्योतिष के अनुसार भूपेंद्र पटेल का व्यक्तिगत वर्षांक (1) है और मतदान की तिथि भी 1 है जो इस वर्ष चुनाव के अनुकूल है।

इस दौरान धनु राशि के लग्न के नौवें भाव में स्वामी सूर्य और सातवें भाव में स्वामी बुध एक महान राजयोग बना रहे हैं। सूर्य और बुध की इस युति पर बृहस्पति की दृष्टि इसे विशेष बल दे रही है। 1 दिसंबर को धनु राशि के लग्न के स्वामी बृहस्पति चतुर्थ भाव में गोचर कर रहे हैं, जो 10वें और 12वें भाव में स्थित सूर्य को देख रहे हैं। भूपेंद्र पटेल के मुताबिक इस चुनाव में काफी कड़ा मुकाबला है, लेकिन नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और कुंडली के बल पर सफलता उनके पक्ष में रहेगी।

आम आदमी पार्टी के लिए ज्योतिषीय विश्लेषण 

आम आदमी पार्टी की स्थापना तिथि के अनुसार, इस पार्टी का लग्न मकर और राशि वृश्चिक है। इसके 11वें भाव में राहु-सूर्य की युति और 10वें भाव में उच्च के शनि की युति के साथ बुध व शुक्र राजयोग बना रहे हैं। ये दल अरविंद केजरीवाल द्वारा शासित है। अगर हम अंक ज्योतिष के अनुसार देखें तो अरविंद केजरीवाल की जन्म तिथि 16 अगस्त 1968 है। इस प्रकार उनका व्यक्तिगत वर्ष अंक 3 है और उन पर देवगुरु बृहस्पति का स्वामित्व है, इसलिए यह वर्ष उनके लिए अच्छा है। इसके अलावा वर्तमान व्यक्तिगत वर्ष भी आम आदमी पार्टी के लिए सबसे उपयुक्त है। आपको बता दें कि अरविंद केजरीवाल देश की राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ आप पार्टी के संयोजक भी हैं। उनका दावा है कि आम आदमी पार्टी गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 में 182 में से 92 से अधिक सीटें जीतेगी।

आम आदमी पार्टी की कुंडली में ग्रहों की स्थिति देखें तो नौवें भाव में सूर्य और बुध की युति है, वहीं दशम भाव में शुक्र और लग्न में शनि विराजमान हैं। तीसरे भाव में बृहस्पति स्थित हैं, जो 11वें भाव और भाग्य यानि नौवें भाव को देख रहे हैं जो जीत की कुछ उम्मीद के संकेत दे रहे हैं। 

कांग्रेस कुंडली का ज्योतिषीय विश्लेषण

कांग्रेस पार्टी की स्थापना तिथि के अनुसार, कांग्रेस पार्टी की कुंडली मीन लग्न और धनु राशि की है। कांग्रेस पार्टी की कुंडली के अनुसार, सूर्य, बुध और शुक्र दसवें भाव में स्थित हैं, वहीं बृहस्पति लग्न में स्थित है। इस दौरान राहु-केतु, मीन राशि के दूसरे और आठवें भाव में गोचर कर रहे हैं जो चुनावों के लिए अच्छे प्रभावों के संकेत नहीं दे रहा है। इसके साथ ही चंद्रमा भी बारहवें भाव में है जो एक अनुकूल स्थिति नहीं है। अंक ज्योतिष के अनुसार इस दल की संस्थापना 2 जनवरी 1978 को हुई है अर्थात वर्तमान व्यक्तिगत वर्ष अंक 9 है। अन्य पार्टियों का व्यक्तिगत वर्ष अंक वर्तमान व्यक्तिगत वर्ष अंक के अनुकूल हैं जबकि ये वर्ष कांग्रेस संगठन के लिए खास अनुकूल दिखाई नहीं दे रहा है। कांग्रेस ने  अब तक 1 और 5 दिसंबर को होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम के लिए 43 उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा की है। हालांकि कांग्रेस ने अभी तक मुख्यमंत्री पद उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। 

गुजरात विधानसभा 2022 के लिए ज्योतिषीय भविष्यवाणी 

गुजरात विधानसभा में कुल 182 विधानसभा सीटें हैं। पिछले आंकड़े देखें तो एक लंबे समय से इस राज्य में भारतीय जनता पार्टी ही सरकार में राज करती आई है। 2022 में सत्ता की इस लड़ाई में भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस तीनों ही मजबूती के साथ मैदान में डटे हुए हैं। अगर हम ज्योतिषीय विश्लेषण की मानें तो इस साल चुनावों को लेकर काफी मिला जुला परिणाम सामने आ रहा है। हालांकि जीत की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर सत्ता में लौटती हुई दिखाई दे रही है। जबकि आम आदमी पार्टी उसे कड़ी टक्कर दे सकती है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी का वोट प्रतिशत काफी प्रभावित हो सकता है। 

गुजरात विधानसभा का इतिहास

सन 1960 में गुजरात में पहली बार विधानसभा चुनाव आयोजित किये गए थे। इसके बाद 1960 से 1975 तक लगातार इस राज्य में कांग्रेस पार्टी की सत्ता बरकरार थी। हालांकि आपातकाल के बाद सत्ता में बड़ा बदलाव आया। माधव सिंह सोलंकी जैसे दिग्गज नेता को राज्य की बागडोर संभालने का दायित्व दिया गया। माधव सिंह सोलंकी गुजरात की राजनीति के इतिहास में एक बड़ा नाम बन गए। उन्होंने 1985 में कांग्रेस पार्टी को 149 सीटें दिलवाईं, जो वर्तमान में भी किसी पार्टी के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।

1990 में गुजरात की सत्ता एकबार फिर पलट गई। भाजपा और जनता दल ने मिलकर गुजरात में अपनी सरकार बनाई। भले ही ये गठबंधन ज्यादा समय तक न चल पाया हो लेकिन भाजपा ने तब तक गुजरात के लोगों पर अपना वर्चस्व हासिल कर लिया था। इस प्रकार 1995 में भाजपा ने अकेले चुनाव लड़ कर, गुजरात विधानसभा की 182 सीटों में से 121 सीटों को अपने नाम किया। केशुभाई पटेल के नेतृत्व में बीजेपी ने गुजरात की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत की। उपचुनावों में मिल रही हार के चलते 2001 में केशुभाई पटेल को हटाकर पीएम मोदी को मुख्यमंत्री का पद सौंप दिया गया। 

नरेंद्र मोदी के लिए क्यों है खास गुजरात चुनाव 

2001 में जब पहली बार नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने तो तब वे गुजरात विधानसभा के सदस्य नहीं थे। हालांकि वह एक कार्यकर्ता के रूप में गुजरात और देश की राजनीति में पहले से बहुत सक्रीय थे। मुख्यमंत्री बनने के चार महीनों बाद 2002 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात विधानसभा के लिए चुनाव लड़ा। उन्होंने राजकोट-2 विधानसभा से चुनाव लड़ा और लगभग 14 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की। मोदी और गुजरात का यह रिश्ता 2002 में बना और उसके बाद प्रधानमंत्री बनने तक कायम रहा।

नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 से लेकर 22 मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाला। दिलचस्प बात ये है कि प्रधानमंत्री की दौड़ में पीएम मोदी ने गुजरात मॉडल के आधार पर ही अपनी दावेदारी पेश की थी। उन्होंने देश की जनता से ये वादा किया था कि वे गुजरात के विकास मॉडल की तरह समस्त देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाएंगे। देश की जनता ने भी उन पर अपना भरोसा जताया और पूर्ण बहुमत देकर उन्हें देश का प्रधानमंत्री बनाया। 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में भी एक बार फिर जनता ने नरेंद्र मोदी को अपना पीएम चुना। 

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✍️By- एस्ट्रो नैंसी 

 

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