Skip Navigation Links
वर्ष 2010 में भारतीय राजनीति का भविष्य – भाग 2


वर्ष 2010 में भारतीय राजनीति का भविष्य – भाग 2

राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी पाटिल 

राजनीति एवं सामाजिक तौर पर वर्ष 2010 भारत की राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा  देवी पाटिल के लिए सुखद रहेगा। इस वर्ष उनका प्रभाव भी बढ़ेगा। पेट संबंधी  स्वास्थ्य समस्याएँ कुछ परेशानी पैदा कर सकती हैं। संतान के भी राजनीति में उभरने  के संकेत हैं।


प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह 

वर्ष 2010 मनमोहक प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जो के लिए अत्यन्त शुभ है। इस  वर्ष न केवल देश में बल्कि विदेश में भी उनकी प्रतिष्ठा अपने चरम पर रहेगी और वे  विश्व-राजनीति के एक सशक्त एवं बुद्धिमान नेता बनकर उभरेंगे। यह वर्ष श्री मनमोहन  सिंह के लिए सफलताओं से भरा होगा जिसका प्रभाव सारे देश पर पड़ेगा और भारत एक  शक्तिशाली एवं उन्नत देश बन कर उभरेगा। 


पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी 

शनि एवं राहु के कुप्रभाव से श्री अटल बिहारी वाजपेयी पर वर्ष 2010 में स्वास्थ्य  की दृष्टि से और अधिक कष्टकारी योग हैं। श्री अटल जी को इस वर्ष अपने स्वास्थ्य के  प्रति बेहद सावधान रहना होगा। वहीं उनकी कुण्डली में इस वर्ष भी राजनैतिक अस्थिरता  का योग है।


काँग्रेस अध्यक्षाश्रीमती सोनिया  गाँधी 

 यधपि वर्ष 2010 उनके लिए पारिवारिक, सामाजिक एवं निजी रूप से बहुत सुखद रहने वाला है किन्तु  वहीं इस वर्ष उन पर आकस्मिक संकट का योग भी है जिसमें जानमाल को हानि पहुंचने के  संकेत हैं। वहीं उनके राजनैतिक सितारे संकेत कर रहे हैं कि वर्ष 2010 में वे  भारतीय राजनिति की केन्द्र-बिन्दू बनकर उभरेंगी और अभूतपूर्व सफलता प्राप्त  करेंगी।


भाजपा नेता श्री लालकृष्ण आडवानी

भारतीय जनता पार्टी के निडर महानायक श्री लालकृष्ण आडवानी के लिए वर्ष 2010  शनि का प्रभाव लिए आ रहा है जिसके कारण राजनीति में उनकी स्थिति एवं पकड़ कुछ  कमजोर होगी। साथ ही उनके पार्टी में असक्रिय रहने एवं पार्टी में नेतृत्व के अभाव  से भाजपा को भी हानि होगी। पश्चिमी राज्यों में आतंकी कार्यवाही एवं यात्राओं के  प्रति सतर्क रहें।




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

शनि प्रदोष - जानें प्रदोष व्रत की कथा व पूजा विधि

शनि प्रदोष - जानें...

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक मास में कोई न कोई व्रत, त्यौहार अवश्य पड़ता है। दिनों के अनुसार देवताओं की पूजा होती है तो तिथियों के अनुसार भी व्रत उपवास रखे जाते ह...

और पढ़ें...
पद्मिनी एकादशी – जानिए कमला एकादशी का महत्व व व्रत कथा के बारे में

पद्मिनी एकादशी – ज...

कमला एकादशी, अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पद्मिनी एकादशी कहलाती है। इसे कमला एकादशी भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में व्रत व त्यौहारों की बड़ी मान्यता है। सप्ताह का...

और पढ़ें...
वृषभ राशि में बुध का परिवर्तन – जानिए किन राशियों के लिये लाभकारी है वृषभ राशि में बुधादित्य योग

वृषभ राशि में बुध ...

बुध ग्रह राशि चक्र में तीसरी और छठी राशि मिथुन व कन्या के स्वामी हैं। बुध वाणी के कारक माने जाते हैं। बुध का राशि परिवर्तन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक बड़ी घटना मान...

और पढ़ें...
अधिक मास - क्या होता है मलमास? अधिक मास में क्या करें क्या न करें?

अधिक मास - क्या हो...

अधिक शब्द जहां भी इस्तेमाल होगा निश्चित रूप से वह किसी तरह की अधिकता को व्यक्त करेगा। हाल ही में अधिक मास शब्द आप काफी सुन रहे होंगे। विशेषकर हिंदू कैलेंडर वर्ष को म...

और पढ़ें...
सकारात्मकता के लिये अपनाएं ये वास्तु उपाय

सकारात्मकता के लिय...

हर चीज़ को करने का एक सलीका होता है। शउर होता है। जब चीज़ें करीने सजा कर एकदम व्यवस्थित रखी हों तो कितनी अच्छी लगती हैं। उससे हमारे भीतर एक सकारात्मक उर्जा का संचार ...

और पढ़ें...