Skip Navigation Links
GL vs KKR - गौतम गंभीर के सितारे हैं मजबूत क्या दिला पायेंगें जीत?


GL vs KKR - गौतम गंभीर के सितारे हैं मजबूत क्या दिला पायेंगें जीत?

आईपीएल के दसवें सीज़न की धमाकेदार शुरुआत आईपीएल के नौंवे सीज़न के चैंपियन सनराइजर्स हैदराबाद की जीत से हुई है। आरसीबी और सनराइजर्स के मैच में हमने ज्योतिषीय आकलन के अनुसार आरसीबी के कप्तान विराट कोहली के ग्रहों की स्थिति मजबूत बताई थी। लेकिन मैच से टीम के कप्तान का बाहर होना टीम को भारी पड़ा। 7 अप्रैल को सुरेश रैना के नेतृत्व वाली गुजरात लायंस एवं गौतम गंभीर के नेतृत्व वाली कोलकाता नाइट राइडर के बीच राजकोट के मैदान में रात्रि के 8 बजे भीडंत होगी। दोनों कप्तानों की कुंडलिका किसका पलड़ा भारी बताती है आइये जानते हैं।

गुजरात लांयस के कप्तान सुरेश रैना की कुंडली

नाम - सुरेश रैना

जन्मतिथि – 27 नवंबर 1986

जन्म स्थान – गाजियाबाद

जन्म समय – 00:00

उपरोक्त विवरण के अनुसार रैना की चंद्र राशि कन्या है। वर्तमान में इनकी राशि से चंद्रमा 12वां है जो कि दिन की शुभता के लिये कम माना जाता है। कन्या राशि के स्वामी बुध भी मंगल के साथ विराजमान हैं। क्रूर ग्रह के साथ होने से बुध इनकी राशि की स्थिति को कमजोर बनाता है।

कोलकाता नाइट राइडर के कप्तान गौतम गंभीर की कुंडली

नाम – गौतम गंभीर

जन्मतिथि – 14 अक्तूबर 1981

जन्म स्थान – दिल्ली

जन्म समय – 00:00

उपरोक्त विवरण के अनुसार गौतम गंभीर की चंद्र राशि मेष है। मेष राशि के स्वामी मंगल स्वराशि के हैं। इनकी राशि से चंद्रमा पांचवी राशि में है जो कि मैच के समय यानि 7 अप्रैल को 8 बजे लाभ स्थान में होगा। चंद्र राशि से गौतम गंभीर की कुंडलिका में चंद्रमा की महादशा, राहु का अंतर और शुक्र का प्रत्यंतर है। शुक्र ग्रह इनकी कुंडली में लाभ के स्वामी हैं।

कुल मिलाकर दोनों कुंडलिकाओं का अध्ययन किया जाये तो ग्रहों की दशा व दिशा के हिसाब से गौतम गंभीर के सितारे काफी मजबूत नज़र आ रहे हैं।

हालांकि टीम की हार जीत का फैसला अन्य खिलाड़ियों की कुंडली के आकलन पर निर्भर करता है लेकिन दोनों टीमों के कप्तानों में गंभीर को भाग्य का साथ ज्यादा मिलने के आसार हैं। यदि आप अपनी कुंडली की जांच करवाना चाहते हैं तो परामर्श करें हमारे ज्योतिषाचार्यों से। अभी परामर्श करने के लिये यहां क्लिक करें। 




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

सीता नवमी 2018 – जानें जानकी नवमी की व्रत कथा व पूजा विधि

सीता नवमी 2018 – ज...

चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान राम का प्राकट्य हुआ तो माता सीता वैशाख शुक्ल नवमी को प्रकट हुई थी। यही कारण है कि हिंदू धर्मानुयायी विशेषकर वैष्णव संप्रदाय ...

और पढ़ें...
मोहिनी एकादशी 2018 – जानें मोहिनी एकादशी की व्रत कथा व पूजा विधि

मोहिनी एकादशी 2018...

वैशाख मास को भी पुराणों में कार्तिक माह की तरह ही पावन बताया जाता है इसी कारण इस माह में पड़ने वाली एकादशी भी बहुत ही पुण्य फलदायी मानी जाती है। वैशाख शुक्ल एकादशी क...

और पढ़ें...
शनि वक्री 2018 - शनि की वक्री चाल क्या होगा हाल? जानें राशिफल

शनि वक्री 2018 - श...

शनि वक्री 2018 - 18 अप्रैल 2018 को जैसे ही शनि की चाल बदलेगी उसके साथ हमें भी अपने आस-पास बहुत कुछ बदलता हुआ दिखाई देगा। यह चेंज हमें अपनी पर्सनल, प्रोफेशनल से लेकर ...

और पढ़ें...
शुक्र का वृषभ राशि में गोचर – क्या होगा असर आपकी राशि पर !

शुक्र का वृषभ राशि...

20 अप्रैल को शुक्र मेष राशि को छोड़कर स्वराशि वृषभ में प्रवेश कर रहे हैं। शुक्र को मीन राशि में उच्च तो कन्या में नीच का माना जाता है। उच्च राशि व स्वराशि के होने पर...

और पढ़ें...
जपमाला - जप माला में 108 दाने क्यों होते हैं? जानें रहस्य।

जपमाला - जप माला म...

हिन्दू धर्म में हम मंत्र जप के लिए जिस माला का उपयोग करते है, उस माला में दानों की संख्या 108 होती है। शास्त्रों में इस संख्या 108 का अत्यधिक महत्व होता है । माला मे...

और पढ़ें...