गुरु गोचर 2018-19 : मंगल की राशि में गुरु, इन राशियों के अच्छे दिन शुरु!

गुरु गोचर 2018-19 : मंगल की राशि में गुरु, इन राशियों के अच्छे दिन शुरु!


गुरु का वृश्चिक राशि में गोचर 2018-19 - देव गुरु बृहस्पति 11 अक्तूबर को लगभग 7 बजकर 20 मिनट पर राशि परिवर्तन कर रहे हैं। गुरु का गोचर ज्योतिषशास्त्र में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। आपके करियर, हेल्थ, फाइनेंस व लव लाइफ के लिये गुरु क्या संकेत कर रहे हैं? सभी 12 राशियों पर बृहस्पति का यह राशि परिवर्तन क्या प्रभाव डाल रहा है? आइए जानते हैं।

मेष – मेष राशि से बृहस्पति का परिवर्तन अष्टम भाव में हो रहा है। आठवां स्थान अशुभ माना जाता है हालांकि आपके लिये यह परिवर्तन पूर्णत: अशुभ नहीं रहेगा। दूसरों के मामले में टांग अड़ाने की कोशिश न करें। इस समय आप किसी के भले के लिये कुछ करना चाहेंगे तो हो सकता है उससे उसका अहित हो या फिर वह आपके उद्देश्य को को गलत समझे। स्वास्थ्य का भी आपको ध्यान रखने की आवश्यकता रहेगी, मेष और बृहस्पति का छह आठ का संबंध बन रहा है। कार्यों में भी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। गुरु का ध्यान रखें, अपने ईष्ट का ध्यान करें। परिवार के बड़े बुजूर्गों की सेवा करें तो बृहस्पति आपके लिये पोजिटिव रिजल्ट लेकर आ सकते हैं।

वृषभ – आपकी राशि से बृहस्पति का परिवर्तन सप्तम भाव में हो रहा है जो कि दांपत्य का स्थान माना जाता है। जिन जातकों को वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ा है उनके लिये सुखद समय की शुरुआत हो रही है। जिन अविवाहित जातकों के विवाह की बात आगे नहीं बढ़ पा रही थी उनके विवाह की बात भी आगे बढ़ सकती है। गुरु की पूर्ण दृष्टि आपकी राशि पर पड़ रही है जिससे आपका स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। लाभ घर को भी गुरु देख रहे हैं जिससे यह आपके लिय लाभकारी हैं। वहीं नवम दृष्टि पराक्रम में पड़ रही है जो कि आपके कार्यों को सरल बना रहे हैं। कुल मिलाकर यह परिवर्तन बहुत ही सौभाग्यशाली कहा जा सकता है।

मिथुन – मिथुन राशि से बृहस्पति छठे घर में आ रहे हैं जो कि रोग व शत्रु का घर माना जाता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता रहेगी। शत्रु भी आपकी परेशानियों को बढ़ा सकते हैं। स्वास्थ्य के मामले में अच्छी बात यह है कि अभी तक आपको इलाज में जो दिक्कते आ रही थी वह दूर होंगी। दवा और दुआ दोनों कारगर साबित हो सकती हैं। आपकी राशि से सप्तम भाव के स्वामी गुरु ही हैं जो कि संकेत कर रहे हैं कि जीवनसाथी के साथ तारतम्य में कमी आ सकती है। जो जातक अभी विवाह की बात आगे बढ़ाना चाहते हैं उन्हें कुछ समय इंतजार करना चाहिए। कर्मभाव के स्वामी भी गुरु हैं, साक्षात्कार आदि में भी आपको थोड़ा सचेत रहना होगा। हमारी सलाह है कि धैर्य से काम लें। सफलता आपको मिलेगी लेकिन उसके लिये इंतजार करना पड़ेगा।

कर्क – कर्क राशि वालों के लिये बृहस्पति पंचम भाव में प्रवेश कर रहे हैं जो कि आपके लिये शिक्षा, संतान व प्रेम संबंधों का कारक स्थान है। गुरु का यह परिवर्तन आपके लिये काफी शुभ परिणाम लाने वाला रह सकता है। गुरु की नवम दृष्टि आपकी ही राशि पर पड़ रही है जो कि बहुत ही शुभ संकेत कर रही है। स्वास्थ्य के मामले में आपको काफी लाभ मिलेगा। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहे हैं तो उसमें भी आपको राहत मिल सकती है। गुरु की पंचम दृष्टि आपके भाग्य स्थान पर पड़ रही है जिससे भाग्य का भी आपको पूरा साथ मिलने के आसार हैं। अभी तक कार्यों में जो दिक्कतें आपको आ रही थी तो वह दूर होंगी। नया घर या गाड़ी लेने के योग भी बन रहे हैं। डीसीजन लेने के लिये भी यह समय आपके लिये बहुत ही शुभ रहने वाला है।

सिहं – सिंह राशि वालों के लिये गुरु का यह राशि परिवर्तन चौथे स्थान में हो रहा है जो कि माता का स्थान भी माना जाता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता रहेगी। माता के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंतित रह सकते हैं। अष्टम भाव में दृष्टि पड़ने से निर्णय लेने के मामले में दुविधा का सामना कर सकते हैं। जल्दबाजी न करें, अनुभवी व्यक्तियों की सलाह आपके लिये लाभकारी रह सकती है। काम के मामले में आपको दूरस्थ क्षेत्रों की यात्राएं करनी पड़ सकती है। विदेश जाने के इच्छुक जातकों के लिये शुभ योग बन रहे हैं।

कन्या – कन्या राशि से बृहस्पति तीसरे स्थान में आ रहे हैं जो कि आपके पराक्रम का क्षेत्र है। परिजनों का पूरा सहयोग आपको मिलेगा, विशेषकर भाई बहन आपकी पूरी सहायता करेंगें। गुरु की नवम दृष्टि आपके लाभ स्थान में पड़ रही है जिससे लाभ के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में कुछ परिवर्तन हो सकते हैं। स्थानांतरण हो सकता है। सप्तम दृष्टि भाग्य पर पड़ रही है जिससे घर या गाड़ी लेने का विचार बना रहे थे तो इसमें सफलता मिल सकती है। गुरु की पंचम दृष्टि सातवें स्थान पर पड़ रही है, विवाह के योग भी बन रहे हैं। खर्च बढ़ने के योग हैं लेकिन मुख्यत: यह खर्च अच्छे कार्यों पर होंगे। कुल मिलाकर गुरु का यह राशि परिवर्तन आपके लिये शुभ बने रहने की उम्मीद कर सकते हैं।

तुला – बृहस्पति आपकी राशि से ही परिवर्तन कर धन भाव यानि दूसरे स्थान में प्रवेश कर रहे हैं। धन की स्थिति बेहतर होने के आसार हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ मिल सकता है। गुरु का प्रभाव कर्मक्षेत्र पर पड़ रहा है काम में कुछ दिक्कते रह सकती हैं। दसवें स्थान में राहू के होने से दृष्टि से  गुरु चंडाल दोष भी बन रहा है। पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रह सकते हैं। मार्च तक का समय कार्य व पिता के मामले में थोड़ा चिंताजनक रह सकता है। लेन देन के मामले में सचेत रहें। थोड़ा ध्यान रखकर चलेंगें तो आपके लिये समय लाभकारी रहेगा।

वृश्चिक – बृहस्पति का यह परिवर्तन आपकी ही राशि में हो रहा है। 12वें भाव से गोचर कर गुरु का आपकी राशि में आना आपके लिये बहुत ही सौभाग्यशाली रहने के आसार हैं। बृहस्पति की दृष्टि आपके पांचवे स्थान में पड़ रही है जो कि आपको मान सम्मान दिलाने वाला है। संतान व शिक्षा के मामले में भी समय आपके लिये लाभकारी रहेगा। गुरु को वैसे भी शिक्षा का कारक ग्रह माना जाता है तो विद्यार्थियों के लिये समय सुनहरा रहने वाला है। सप्तम भाव में दष्टि पड़ने से जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विवाह के योग भी अविवाहित जातकों के लिये बन रहा है। खासकर प्रेम विवाह के इच्छुक जातकों के लिये भी यह समय शुभ संकेत कर रहा है। इस समय आप परिजनों को लव मैरिज़ के लिये मना सकते हैं। भाग्य स्थान को भी गुरु देख रहे हैं जिससे आपकी रूचि धार्मिक कार्यों की ओर बढ़ सकती है। खर्च भी होंगे लेकिन वह अच्छे कार्यों में होंगे, व्यावसायिक तौर पर भी यह परिवर्तन आपके लिये लाभकारी रहेगा।

धनु – धनु राशि वालों के लिये यह समय थोड़ा सचेत रहने का है। आपकी राशि से राशि स्वामी गुरु 12वें भाव में प्रवेश कर रहे हैं। आपकी ऊर्जा व्यर्थ के कार्यों में लग सकती है। खर्चों में बढ़ोतरी के संकेत भी मिल रहे हैं। लगन व माता के घर का स्वामी होने के कारण स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। माता के स्वास्थ्य को लेकर भी आप चिंतित रह सकते हैं। वहीं छठे घर को भी गुरु देख रहे हैं जो कि रोग का घर है आपके लिये सलाह है कि यदि एक डॉक्टर के पास से आपको स्वास्थ्य में लाभ नहीं मिल रहा तो दूसरे के पास जायें ऐसा करने से आपको लाभ मिल सकता है। वहीं काम काज के मामले में आपको लाभ मिल सकता है लेकिन उसके लिये आपको घर से दूर जाना पड़ सकता है। विदेश के इच्छुक जातकों के लिये शुभ योग बन रहे हैं। नवम दृष्टि अष्टम भाव में पड़ रही है जिससे मानसिक तौर पर आपको चिंताएं हो सकती हैं। हालांकि चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। अपनी एनर्जी को बना कर रखें। निर्णय लेने में अपने जीवनसाथी, परिजनों, दोस्तों की सलाह आपके काम आ सकती है।

मकर – आपकी राशि से गुरु का यह परिवर्तन लाभ स्थान में आ रहे हैं जो कि आपके लिये लाभकारी हैं। निवेश के इच्छुक जातकों के लिये समय अनुकूल रहने की उम्मीद कर सकते हैं। धन प्राप्ति के योग भी बन रहे हैं। लाइफ पार्टनर को लेकर आपको थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता रहेगी। विवाह के इच्छुक जातकों को मार्च तक इंतजार करना चाहिए क्योंकि आपकी राशि से सप्तम भाव में राहू बैठे हैं। जो कि मार्च तक आपको परेशान कर सकते हैं। मार्च के बाद आपका दांपत्य जीवन बहुत अच्छा रहेगा। गुरु की दृष्टि आपके पंचम स्थान में पड़ रही है। संतान व शिक्षा के मामले में समय शुभ रहने के आसार हैं। कुल मिलाकर बृहस्पति का यह राशि परिवर्तन आपके लिये शुभ परिणाम लेकर आने वाला है।

कुंभ – गुरु का यह राशि परिवर्तन कर्मभाव में हो रहा है। कार्यों में सफलता मिलने वाली है। गुरु की दृष्टि माता के स्थान में भी पड़ रही है। बिजनेस से लेकर नौकरी के मामले में समय अनुकूल रहने की उम्मीद कर सकते हैं। माता के साथ आपके संबंध बेहतर रहेंगें। दोस्तों की भी आपको पूरी सपोर्ट मिलेगी। अपना घर लेना चाह रहे हैं तो वह भी आपको मिल सकता है। रोग घर में नवम दृष्टि पड़ने से मन में बिमारी का भय बना रहेगा लेकिन इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। सामाजिक तौर पर भी यह समय आपके लिये अच्छा कहा जा सकता है। राजनीति से जुड़े जातकों के लिये बहुत अच्छा समय है। निवेश के मामले में भी लाभ मिलने के संकेत हैं। कुल मिलाकर गुरु का यह गोचर आपके लिये शुभ रहने वाला है।

मीन – बृहस्पति आपकी राशि के स्वामी भी हैं जो कि अष्टम स्थान से भाग्य स्थान में प्रवेश कर रहे हैं जिससे की यह समय आपके लिये सौभाग्यशाली रहने के आसार हैं। आपके कार्यों के लिये भी यह समय शुभ रहेगा। निर्णय लेने के मामले में भी यह बहुत ही अच्छा है। गुरु की पंचम दृष्टि आपकी ही राशि पर पड़ रही है जो कि स्वास्थ्य में आपको लाभ प्रदान करेंगें। मन में सकारात्मकता रहेगी। निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित होगी। कार्यक्षेत्र में भी आपको लाभ मिलेगा क्योंकि तीसरे स्थान को भी गुरु देख रहे हैं। वेतन में वृद्धि हो सकती है। छोटी मगर लाभकारी यात्राओं के योग भी बन रहे हैं। पांचवें स्थान पर भी गुरु की नवम दृष्टि पड़ने से शिक्षा, संतान व संबंधों के मामले में समय अनुकूल व उपलब्धियों वाला रहने की उम्मीद कर सकते हैं। 

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय आकलन के आधार पर लिखा गया है। अपनी कुंडली के अनुसार गुरु आपकी लाइफ को कैसे प्रभावित कर रहे हैं इसके लिये आप एस्ट्रोयोगी पर इंडिया के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर्स से गाइडेंस ले सकते हैं।

एस्ट्रो लेख



Chat Now for Support