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वक्री से मार्गी हुए बृहस्पति जानें राशिनुसार क्या होगा असर?


वक्री से मार्गी हुए बृहस्पति जानें राशिनुसार क्या होगा असर?

ज्ञान के कारक और देवताओं के गुरु माने जाने वाले बृहस्पति की ज्योतिषशास्त्र के अनुसार बहुत अधिक मान्यता है। गुरु बिगड़ी को बनाने, बनते हुए को बिगाड़ने में समर्थ माने जाते हैं। फरवरी माह के पहले सप्ताह से गुरु कन्या राशि में वक्री गोचर कर रहे हैं। 9 जून को रात्रि 7 बजकर 40 मिनट पर वक्री गुरु की चाल बदल जायेगी और कन्या राशि में ही वे वक्री से से मार्गी हो जायेंगें। जिस तरह वक्री की उल्टी चाल ने आपको प्रभावित किया है उसी तरह उनका मार्गी होना भी भाव स्थान के अनुसार शुभाशुभ परिणाम लाने वाला रहेगा। गुरु का मार्गी होना अधिकतर राशियों के लिये शुभ संकेत हैं। तो आइये जानते हैं गुरु का मार्गी होना किस राशि के लिये कैसे परिणाम लेकर आ सकता है।

मेष

मेष राशि वालों के लिया बृहस्पति का मार्गी होना काफी शुभ कहा जा सकता है जो जातक लंबे समय से किसी बिमारी से पीड़ित हैं उन्हें कुछ राहत मिल सकती है। ज्ञान का कारक गुरु का मार्गी होना आपके लिये निर्णय लेने में भी सहयोगी रह सकता है। वहीं आपकी राशि से गुरु छठे घर में विराजमान हैं जिस कारण आप अपने प्रतिद्वंदियों, शत्रुओं पर भारी पड़ सकते हैं। कुल मिलाकर गुरु का मार्गी होना आपके लिये सुखद परिणाम लाने वाला रह सकता है।

वृषभ

वृषभ राशि के जातकों पर गुरु की नवम दृष्टि पड़ रही है। आपके लिये देवगुरु बृहस्पति का मार्गी होना अनुकूल परिणाम लाने वाला रहने के आसार हैं। विशेषकर विद्यार्थियों के लिये यह समय काफी सौभाग्यशाली रह सकता है। घर हो या दफ्तर आपके मान-सम्मान में वृद्धि की उम्मीद भी आप कर सकते हैं। साथ ही जो जातक अभी तक एकल जीवन व्यतीत कर रहे हैं और अपने लिये किसी हमसफ़र की तलाश में हैं तो उनकी तलाश पूरी हो सकती है। किसी खास से उनकी मुलाकात होने के आसार हैं। पहले से ही प्रेम संबंध में चल रहे जातक भी अपने रिश्ते को अगले पायदान पर ले जाने का निर्णय ले सकते हैं। जो जातक दांपत्य जीवन का सुख भोग रहे हैं वे संतान प्राप्ति के लिये प्रयास कर सकते हैं सफलता मिलने की उम्मीद है।

मिथुन

मिथुन राशि से गुरु चतुर्थ भाव में मार्गी हो रहे हैं। इस समय आपकी राशि पर गुरु का प्रभाव सामान्य रहने के आसार हैं। माता के साथ आपके संबंधों व माता की सेहत में सुधार होने के आसार हैं। वहीं इस समय आपकी सुख-सुविधाओं के साधनों में वृद्धि भी हो सकती है। बाकि मामलों में आपके लिये यह समय सामान्य बने रहने की उम्मीद कर सकते हैं।

कर्क

कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं जिनका गुरु के साथ मधुर संबंध माना जाता है। इस लिहाज से आपके लिये गुरु का मार्गी होना शुभ संकेत कह सकते हैं। इस समय आप जो भी कार्य हाथ में लेंगें आपको उसमें सफलता मिलने की पूरी संभावनाएं हैं, साथ ही आपके मन-मस्तिष्क में चलने वाली चिंताएं भी समाप्त हो सकती हैं। भाई-बहनों के साथ आपके संबंध पहले से बेहतर होने के आसार हैं।

सिंह

सिंह राशि के स्वामी सूर्य व गुरु का संबंध मित्रवत माना जाता है ऐसे में गुरु का दूसरे भाव में मार्गी होना आपके लिये लाभकारी रहने के आसार हैं। काफी समय से यदि आपका पैसा कहीं रूका हुआ है तो उसके मिलने की उम्मीद कर सकते हैं। जिन परियोजनाओं व कार्यों को आरंभ करने में किन्हीं कारणों से विलंब हो रहा था वे तमाम दिक्कतें दूर हो सकती हैं और आप काम शुरू कर सकते हैं। इस समय धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं तो साथ ही अन्य चिंताओं से भी आपको निज़ात मिल सकती है।

कन्या

वर्तमान में देव गुरु बृहस्पति कन्या राशि में ही विराजमान हैं। बुद्धि के कारक बुध की राशि कन्या में गुरु ग्रह बृहस्पति का मार्गी होना कन्या जातकों के लिये बहुत शुभ रहने के आसार हैं। विशेषकर कार्यस्थल पर आपके सामने आ रही कार्यबाधाएं दूर हो सकती हैं। नई योजनाओं को आरंभ करने के लिये यह समय बहुत ही अनुकूल रहने के आसार हैं। इस समय आपके दिमाग में नये-नये विचार उत्पन्न हो सकते हैं। प्रतिद्वंदी भी इस समय आपके सामने नहीं टिक पायेंगें। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि सभी कार्यों में आपके लिये सफलता प्राप्ति के योग है। वहीं व्यक्तिगत जीवन भी आपका अच्छा रहने के आसार हैं। अविवाहित जातकों के लिये विवाह के योग भी बन सकते हैं।

तुला

तुला राशि के लिये बृहस्पति राशि से बारहवां है और गुरु से दूसरा है। इस योग को द्वीद्वादश योग कहते हैं जो कि शुभ नहीं माना जाता। लेकिन शुक्र और बृहस्पति दोनों का संबंध मित्रवत माना जाता है। व्यय घर में बृहस्पति के मार्गी होने से यह आपके लिये मांगलिक कार्यों या अनावश्यक वस्तुओं पर खर्चे में बढ़ोतरी हो सकती है।

वृश्चिक

वृश्चिक राशि से गुरु ग्यारहवें स्थान में मार्गी हो रहे हैं। बृहस्पति की यह दशा वृश्चिक जातकों के लिये परिवर्तन ऐश्वर्य योग का निर्माण कर रही है जो कि इनके लिये बहुत ही शुभ कही जा सकती है। संतान के सुख से वंचित दांपत्य जीवन व्यतीत कर रहे जातकों के लिये यह समय शुभ समाचार लाने वाला रह सकता है। संतान प्राप्ति के लिये आपके प्रयास सफ़ल हो सकते हैं। साथ ही विद्यार्थियों के लिये यह समय और भी शुभ रहने के आसार हैं। दूरस्थ क्षेत्र (विदेश आदि) में उच्च शिक्षा की चाहत रखने वाले जातक सफलता प्राप्त कर सकते हैं। साथ परिवार में किसी मांगलिक कार्य का आयोजन होने के आसार भी हैं।

धनु

धनु जातकों के लिये दशम भाव में राशि स्वामी का मार्गी होना बहुत ही सौभाग्यशाली रहने के आसार हैं। विशेषकर कर्मक्षेत्र के लिये यह बहुत ही महत्वपूर्ण रह सकता है। जो जातक पिछले कुछ समय से कार्यक्षेत्र में परिवर्तन के इच्छुक हैं उन्हें कोई बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकता है। जो जातक किसी मसले को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं उन्हें भी सही मार्ग मिल सकता है। आपके कार्यों में आ रही रूकावटें दूर होने के आसार हैं। घर, गाड़ी आदि के योग भी आपके लिये मार्गी बृहस्पति निर्मित कर सकते हैं।

मकर

भाग्य स्थान में बृहस्पति मार्गी हो रहे हैं। यह स्थिति मकर जातकों के लिये परिवर्तन भाग्योदय योग बना रही है। आप इस समय खुद को सौभाग्यशाली मान सकते हैं क्योंकि किसी बहुत ही मुश्किल कार्य में भाग्य का साथ मिलने से आप राहत की सांस लेंगें साथ ही आपको अपनी योजना में सफलता प्राप्त हो सकती है।

कुंभ

कुंभ जातकों के लिये अष्टम भाव में बृहस्पति का मार्गी होना चिंताओं में कमी लाने वाला रहने के आसार हैं। साथ ही व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन भी हो सकते हैं। आप अपने घर या फिर अपनी गाड़ी को बदलने का विचार बना सकते हैं। लेकिन सेहत के मामले में आपको थोड़ा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। इस मामले में समय आपके लिये अनुकूल नहीं कहा जा सकता।

मीन

मीन राशि जातकों के लिये मांगलिक कार्यों के योग बन सकते हैं। नया व्यवसाय नई नौकरी के योग भी बनने के आसार हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से भी आपके लिये समय अनुकूल रहने की उम्मीद कर सकते हैं। धन लाभ भी आपको हो सकता है साथ ही मांगलिक कार्य के लिये आपको यात्राएं करनी पड़ सकती हैं जो कि सफलता दायक रह सकती हैं। 

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