मीन राशि में वक्री बुध शुभ रहेंगें या अशुभ ? जानें राशिफल

बुध को मीन राशि में नीच का माना जाता है। नीच राशि में बुध सौभाग्यशाली नहीं माने जाते हैं। ऐसे में बुध वक्री भी हो जांए तो इसके नेगेटिव प्रभाव ज्यादा बढ़ जाते हैं। इसका मुख्य प्रभाव जातकों के विवेक यानि बुद्धि पर पड़ता है, जिससे जातक या तो निर्णय ले नहीं पाते यदि लेते हैं तो वह गलत साबित होते हैं। स्वास्थ्य पर भी इसके अधिकतर नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। सकल घरेलू उत्पाद यानि जीडीपी को भी बुध नेगेटिवली प्रभावित करते हैं। मंहगाई बढ़ने के चांस बढ़ जाते हैं। राशिनुसार भी नीच राशि मीन में बुध की उल्टी चाल का प्रभाव पड़ता है। आइये जानते हैं।

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय आकलन के अनुसार बनाया गया है। हो सकता है आपकी कुंडली के अनुसार बुध कुछ अलग तरह से आपको प्रभावित करें ऐसे में हमारी सलाह है कि विद्वान ज्योतिषाचार्यों से आपको परामर्श लेना चाहिए। एस्ट्रोयोगी पर इंडिया के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर्स से गाइडेंस लेने के लिये यहां क्लिक करें और हमें 9999091091 पर कॉल करें।


बुध की उल्टी चाल! यह होगा हाल?​

मेष – मेष राशि वालों के लिये 12वें भाव में नीच राशि के बुध का वक्री होना खर्च बढ़ने के संकेत कर रहा है। साथ ही स्वास्थ्य को लेकर भी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। पेट संबंधि परेशानियों से झूझना पड़ सकता है। शरीर के बांये हिस्से में किसी तकलीफ से गुजर सकते हैं। करियर के मामले में वक्री बुध काम का प्रेशर बढ़ा सकते हैं।

वृषभ – वृषभ राशि वालों के लिये लाभ घर में नीच बुध का वक्री होना ठीक कहा जा सकता है। विशेषकर जो जातक छोटे रास्तों से पैसा कमाना चाहते हैं। शेयर बाजार या जोखिम वाले कामों में पैसा लगाते हैं। उन्हें अचानक से धन लाभ हो सकता है।

मिथुन – मिथुन राशि के स्वामी बुध ही हैं जो कि कर्मभाव में नीच होकर गोचर कर रहे हैं। यहां बुध के वक्री होने से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। स्थान परिवर्तन के योग भी आपके लिये बन रहे हैं। कामकाज में सावधानी बरतें, गलती करने पर सीनियर से डांट भी पड़ सकती है।

कर्क – कर्क राशि वालों के लिये बुध का भाग्य में नीच होकर वक्री गोचर करना भाग्य हानि के योग बना रहा है। छोटे भाई बहनों को लेकर आप इस समय चिंतित रह सकते हैं। धार्मिक कार्यों में आपका रूझान कम हो सकता है।

सिंह – सिंह जातकों के लिये बुध का वक्री होना मानसिक तौर पर तनाव को बढ़ाने वाला रह सकता है। स्वास्थ्य को लेकर भी आप चिंतित रह सकते हैं। परिवार में किसी प्रोपर्टी को लेकर वाद-विवाद भी बढ़ सकता है। ससुराल पक्ष से भी किसी तरह की हानि की सूचना आपको मिल सकती है।

कन्या – कन्या राशि वालों के लिये सप्तम भाव में नीच के बुध वक्री हो रहे हैं। यह आपके लिये दांपत्य जीवन में परेशानियां खड़ी कर सकते हैं। अपने पार्टनर की हेल्थ को लेकर भी आप चिंतित रह सकते हैं। हो सकता है किसी बात को लेकर आप दोनों के बीच वैचारिक मतभेद भी बढ़ें।

तुला – तुला राशि वालों के लिये छठे स्थान में बुध की चाल उल्टी हो रही है। शत्रु आपके रास्ते में बाधाएं खड़ी कर सकते हैं। अपने विपक्षियों, विरोधियों से इस समय थोड़ा सतर्क रहें। व्यवसायी जातक विशेष रूप से अपने कंपीटीटर्स की गतिविधियों पर नज़र बनाए रखें।

वृश्चिक – वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिये बुध का पंचम भाव में नीच होकर वक्री होना उत्साहजनक नहीं कहा जा सकता। विशेषकर विवाहित जातक संतान को लेकर चिंतित हो सकते हैं। विद्यार्थियों के लिये भी यह समय दबाव वाला रह सकता है। स्मरण शक्ति कमजोर होने से भी आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

धनु – धनु राशि वालों के लिये सुख भाव में बुध नीच होकर गोचर कर रहे हैं। सुख भाव में नीच बुध के वक्री होने से करियर फ्रंट पर काम का प्रेशर तो बढ़ेगा ही साथ ही रुकावटें आने से भी आपकी चिंताएं बढ़ सकती हैं। स्वास्थ्य का आपको विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता रहेगी। माता के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें।

मकर – मकर राशि वालों के लिये तीसरे स्थान में बुध वक्री हो रहे हैं। आपके लिये वक्री बुध यात्राओं के योग बना रहे हैं। अनावश्यक खर्चों में भी इस समय इजाफा हो सकता है। यात्रा के दौरान अतिरिक्त खर्चों से बचकर रहें तो बेहतर रहेगा। इस समय भाग्य से आपको हो सकता है अपेक्षित सहयोग न मिले। छोटे भाई बहनों को लेकर भी आपके मन में चिंता बनी रह सकती है। धन निवेश के लिये समय सही नहीं है हानि हो सकती है।

कुंभ – कुंभ राशि वालों के लिये यह समय तनाव वाला रह सकता है। आपकी राशि से बुध धन के स्थान यानि दूसरे स्थान में वक्री हो रहे हैं। मन में घबराहट रह सकती है। बढ़ते खर्चे भी आपके लिये चिंता का सबब बन सकते हैं।

मीन – बुध आपकी ही राशि में वक्री हो रहे हैं जहां वे नीच के भी हैं ऐसे में आपको अपने स्वास्थ्य का खास तौर पर ध्यान रखने की आवश्यकता है। मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है। इस समय आपकी सोचने-समझने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है जिससे हो सकता है आपको महत्वपूर्ण निर्णय लेने में परेशानियों का सामना करना पड़े। किसी एक चीज के बारे में बार-बार सोचने से आपका समय तो खराब होगा ही साथ ही मन में भी लगातार चिंता बनी रह सकती है। इससे बचने का प्रयास करें।


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