हथेली में है तिल ? तो जान लें तिल के ज्योतिषीय महत्व

तिल का ज्योतिष व हस्त ज्योतिष शास्त्र में काफी महत्व है। ज्योतिषाचार्य इसके स्थिति व स्थान के हिसाब से तिल का कैसा परिणाम रहेगा। इसे आसानी से बता देते हैं। इस लेख में हम हथेली पर स्थित तिल के महत्व के बारे में जानेंगे। साथ ही यह भी जानेंगे कि हथेली के किस भाग व स्थान पहर तिल  होने से उसका असर कैसा रहता है? वह व्यक्ति के जीवन को कैसे प्रभावित करता है। साथ ही उसके क्या शुभ व अशुभ परिणाम मिलता है। तो आइये जानते हैं हथेली पर तिल के होने क्या है ज्योतिषीय महत्व?

 

हस्त ज्योतिष व तिल

हस्त रेखा शास्त्र व वैदिक का ज्योतिष का घनिष्ठ संबंध है। कहें तो हस्त शास्त्र भी वैदिक ज्योतिष का एक अंग है। इस विधा में हथेली पर उपस्थित निशान, रेखा व तिल के आधार पर जातक के भविष्य की गणना की जाती है। हस्त विदों का कहना है। हथेली पर बने हर एक रेखा, निशान व तिल का अपना महत्व व प्रभाव हैं। इनकी उपस्थिति व स्थिति के अनुसार इनके फल व परिणाम बदल जाते हैं। हस्त ज्योतिषाचार्यों के अनुसार हथेली में तिल का होना सदैव शुभ नहीं होता है। कभी – कभी ये कष्टों का कारण भी बन जाता है। कहीं आपके हथेली पर तो ऐसी जगह नहीं है तिल? बन जाए आपके कष्टों का कारक, जानने के लिए परामर्श करें देश के प्रसिद्ध हस्त ज्योतिषाचार्यों से।

 

स्थिति के अनुसार तिल का परिणाम

हस्त विद करते हैं कि हस्त ज्योतिष में हथेली को कई तरह से विभाजित किया गया है। इसमें ग्रह के पर्वत अंगुली के महत्व को भी बतलाया गया है। इन सभी विभिन्न स्थानों पर तिल के के मायने ही बदल जाते हैं। आगे हम आपको हथेली पर स्थित कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर उपस्थित तिल के परिणामों से अवगत करवाने वाले हैं। तो आइये जानते हैं इसके बारे में –

 

मध्यमा अंगुली व शनि पर्वत पर तिल

यदि आपके मध्यमा उंगली पर त‌िल है तो यह हस्त ज्योतिष में काफी शुभ माना जाता है। हस्त विदों का कहना है कि जिन जातकों के मध्यमा अंगुली पर तिल होता है। ऐसे व्यक्ति सुख संपत्त‌ि से परिपूर्ण होते हैं परंतु यदि यही तिल मध्यमा अंगुली के नीचे शन‌ि पर्वत पर स्थित हो तो यह अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसे में व्यक्त‌ि को उसके भाग्य का साथ नहीं मिल पाता है। सफलता के लिए अधिक परिश्रम करने के साथ ही काफी समय तक इंतजार भी करना पड़ता है। जीवन में कई बार असफलताओं का सामना भी करना पड़ता है।

 

अनामिका व कनिष्ठा अंगुली पर तिल

हस्त ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ज‌िन व्यक्त‌ियों के अनाम‌िका अंगुली पर त‌िल होता है ऐसे जातक सरकारी क्षेत्र से लाभ एवं समाज में मान-सम्मान प्राप्त करते हैं। साथ ही इनके पास धन की कमी नहीं रहती है। ये काफी धनवान होते हैं। तो वहीं जिन जातकों के कनिष्ठा अंगुली यानी की छोटी अंगुली पर त‌िल होता है वे धन संपत्त‌ि के मामले में क‌िस्मत वाले होत हैं, परंतु जीवन में कई तरह की परेशान‌ियों से घीरे भी रते हैं। इनका ज्यादातर समय इन परेशानियों से निकलने में ही निकल जाता है। ये अपने धन संपत्ती का लाभ नहीं उठा पाते हैं और दुखी रहते हैं।

 

सूर्य पर्वत पर तिल

जिन जातकों के सूर्य पर्वत यानी अनाम‌िका उंगली के नीचे के स्‍थान पर त‌िल होता है उस जातक को सूर्य से संबंध‌ित क्षेत्र जैसे सामाज‌िक व सरकारी मामलों एवं नौकरियों में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क‌िसी न किसी कारण से समाज में व्यक्ति की छव‌ि खराब होती है। इसके साथ ही कार्य स्थल पर झूठे आरोप का भी सामना करना पड़ सकता है। यहां तक की अपने पद से हटाना भी पड़ता है। कानून के चक्कर में उलझना पड़ सकता है।

 

चंद्र पर्वत पर तिल

हस्त शास्त्र के अनुसार जिन जातकों के हथेली में चंद्र पर्वत पर त‌िल का ‌न‌िशान मौजूद होता है उनका मन अस्‍थ‌िर और अशांत रहता है। ऐसे में जातक किसी भी कार्य में अपने आपको अधिक समय तक एकाग्र नहीं कर पाता है। वह एक कार्य को पूर्ण किए बिना ही दूसरा काम करने लगता है। साथ ही ऐसे व्यक्त‌ियों को प्यार में भी धोखा और नाकामयाबी म‌िलती है। विवाह में देरी होती है। मन संदेह रहता है।

 

यहां प्रस्तुत जानकारी सामान्य है। सटीक जानकारी के लिए आप एस्ट्रोयोगी पर उपस्थित देश के जाने माने हस्त ज्योतिषाचार्यों से अपनी हथेली पर बने रेखाओं व तिल का आकलन करना कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हस्त ज्योतिष से परामर्श लेने के लिए यहां क्लिक करें।

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