Skip Navigation Links
राहुल गांधी – क्या इनकी कुंडली में है राजयोग


राहुल गांधी – क्या इनकी कुंडली में है राजयोग

राहुल गांधी इस नाम से भारत के लगभग सभी लोग परिचित हैं। भारतीय राजनीति की एक मजबूत शख्सीयत जिन्हें राजनीति विरासत में मिली हैं। जिनके परिवार का देश की राजनीति के साथ-साथ देश की सत्ता पर भी दशकों तक एकछत्र राज रहा है। हालांकि पिछले कुछ समय से लगातार गांधी परिवार सहित कांग्रेस पार्टी की लोकप्रियता लगातार कम होती जा रही है लेकिन जैसा कि प्रतिद्वंदियों द्वारा कांग्रेस मुक्त भारत का नारा लगाया जाता है वह समय शायद ही आये। क्योंकि कांग्रेस सहित गांधी परिवार की राजनीतिक जड़ें काफी गहरी हैं जिन्हें उखाड़ना आसान नहीं है। वर्तमान में पार्टी की कमान भले ही सोनिया गांधी के पास हों लेकिन धीरे-धीरे राहुल गांधी की जिम्मेदारियां बढ़ती हुई दिखाई देती हैं। पार्टी में उनका कद व पद दोनों ही दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं। आकर्षक व्यक्तित्व के धनी राहुल गांधी 19 जून 1970 को दिल्ली में जन्में हैं। आइये जानते हैं वर्ष कुंडली के अनुसार आने वाला समय कैसा रहेगा इनके लिये।

क्या कहती है राहुल गांधी की वर्ष कुंडली

नाम - राहुल गांधी

जन्मतिथि – 19 जून 1970

जन्म समय – 02:28 दोपहर बाद

जन्म स्थान – नई दिल्ली

राहुल गांधी की जन्मतिथि व समय को कुछ साइट पर 18 जून को भी दर्शाया है लेकिन एक वेबसाइट ने जिस अस्पताल में राहुल गांधी का जन्म हुआ था उसका हवाला देते हुए उपरोक्त समय की पुष्टि की है। अत: उपरोक्त विवरण के अनुसार राहुल गांधी की जन्म कुंडली तुला लग्न की बनती हैं। इसके अनुसार इनकी चंद्र राशि भी धनु है। वर्तमान में इन पर मंगल की महादशा चल रही है तो शुक्र का अंतर शुक्र ही इनके प्रत्यंतर में भी गोचररत हैं।

तुला लग्न के जातक अधिकतर मन से चंचल होते हैं लेकिन इनकी कुंडली में लग्न पर शनि की दृष्टि पड़ रही है इसलिये इनके लक्ष्य भी बड़े दिखाई देते हैं। भाग्य का मालिक अष्टम में बैठा हुआ अपने से 12वां है। यह दर्शाता है कि राहुल गांधी द्वारा किया हुआ कार्य इन्हें बहुत अधिक सफलता प्रदान नहीं करवाता लेकिन पितृपक्ष दवारा इन्हें विरासत में अपार संपत्ति मिलने के योग हैं। जैसा कि हम देख भी सकते हैं कि राहुल गांधी को पद से लेकर पैसा तक सबकुछ विरासत में मिला हुआ है।

शनि की साढ़ेसाती है राहुल गांधी की परेशानी

वर्तमान में राहुल गांधी पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। जो कि इनके लिये शुभ नहीं कहा जा सकता। इससे इनके बने हुए कुछ कार्य बिगड़ने के योग भी बन रहे हैं। इन पर 2019 तक मंगल की दशा रहेगी, यह समय इनके लिये अच्छा रहने के आसार हैं। लेकिन 2019 से राहू की महादशा आरंभ होगी राहू की महादशा के दौरान समय इनके लिये उत्साहजनक नहीं कहा जा सकता। इनकी पद व प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है।

राहुल गांधी के लिये मंगल की महादशा है मंगलकारी

वर्तमान में इन पर मंगल की महादशा चल रही है। मंगल चूंकि मारकेश हैं भाग्य में बैठा हुआ है । भाग्य को अच्छा कर रहा है। इस समय इन्हें पद तो अच्छा मिलेगा लेकिन उस पर खऱा उतरने के लिये इन्हें काफी प्रयास करने होंगे। वर्ष कुंडली के अनुसार भी भाग्य स्थान बड़ा प्रबल है। कन्या राशि की मुंथा है। मुंथा 12वें स्थान में हैं। मुंथाधिपति बुध सूर्य के साथ बैठ कर बुधादित्य योग का सृजन करते हैं जो कि एक तरह का राजयोग है। कुलमिलाकर पार्टी की कमान इन्हें इस वर्ष मिलने के प्रबल योग हैं। लेकिन शनि की कोण दृष्टि होने के कारण पार्टी के अंदर अंदरुनी कलह भी हो सकती है।

इनकी कार्य क्षमता के ऊपर प्रश्न चिह्न भी लग सकता है परन्तु विरासत में मिली पदवी को अच्छे से निभाएंगें। अपने मार्गदर्शकों के कारण एक प्रबल विपक्षी तौर पर अपनी पार्टी को आगे लेकर जा सकते हैं।

आगामी समय है अनुकूल

कुल मिलाकर सिर्फ आगामी जन्म वर्ष की बात करें तो यह समय राहुल गांधी के लिये शानदार कहा जा सकता है। इस समय में राहुल गांधी एक मजबूत विपक्ष के तौर पर अपनी पार्टी को उभार सकते हैं और स्वयं की छवि भी एक मजबूत नेता के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। आने वाला समय इनके लिये शुभकारी साबित हो एस्ट्रोयोगी की ओर से राहुल गांधी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं।  

यदि आप भी अपनी कुंडली के बारे में जानना चाहते हैं तो एस्ट्रोयोगी पर देश भर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से परामर्श करें। ज्योतिषियों से बात करने के लिये यहां क्लिक करें।




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

नरक चतुर्दशी 2017 - क्यों कहते हैं छोटी दिवाली को नरक रूप या यम चतुदर्शी

नरक चतुर्दशी 2017 ...

कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी यानि अमावस्या से पूर्व आने वाला दिन जिसे हम छोटी दिवाली के रूप में मनाते हैं। क्या आप जानते हैं इस दिन ...

और पढ़ें...
धनतेरस पर क्यों होती है धनलक्ष्मी की पूजा जानें पौराणिक कथा

धनतेरस पर क्यों हो...

धनतेरस कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी यानि तेरस के दिन मनाया जाने वाला बहुत ही खास त्यौहार है दरअसल इस दिन से ही दिवाली के त्यौहारों की शुरुआ...

और पढ़ें...
धनतेरस 2017 – धनतेरस पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

धनतेरस 2017 – धनते...

दिवाली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। दिवाली पर्व का आरंभ धनतेरस से होता है। पांच दिनों तक चलने वाले इस पर्व के पहले दिन धन तेरस मनाय...

और पढ़ें...
धनतेरस पर पाना है धन तो करें ये जतन

धनतेरस पर पाना है ...

दिवाली के त्यौहार की तैयारियां तो कई दिन पहले शुरु हो जाती हैं लेकिन दिवाली के त्यौहारों का उत्सव सही से तो धनतेरस से ही आरंभ होता है। धन तेर...

और पढ़ें...
तुला राशि में बुध - उच्च राशि कन्या से बुध के परिवर्तन का क्या होगा असर?

तुला राशि में बुध ...

ज्योतिषशास्त्र में बुध ग्रह को विवेक यानि ज्ञान का कारक माना जाता है। लेखन व प्रकाशन के क्षेत्र से भी इनका संबंध माना जाता है। बुध ग्रह अक्सर...

और पढ़ें...