Skip Navigation Links
रमदान


रमदान

हिजरी या इस्लामी चन्द्र कैलेंडर के नौवें महीने को ‘रमदान-अल-मुबारक’ या रमदान कहा जाता है| इस पूरे महीने में दुनिया भर के मुसलमानों द्वारा रोज़े रखे जाते हैं जिसमें इस दौरान दिनभर कुछ भी खाना या पीना मना होता है| रोज़ा सबके लिए एक फ़र्ज़ है जिसें रखने से आत्मा की शुद्धि, अल्लाह की तरफ पूरा ध्यान, और कुर्बानी का अभ्यास होता हैं और आदमी किसी भी तरह के लालच से खुद को दूर रखने में कामयाब हो पाता है|

इस्लाम के तहत रमदान के वक़्त सभी मुसलमानों को अपनी ज़िन्दगी के मक़सद को फिर से समझने की कोशिश करनी चाहिए| अगर किसी ने हमारे साथ गलत किया है, तो भी उन्हें माफ़ करें| परिवार और दोस्तों के साथ रिश्ता पुख्ता करें और बुरी आदतों को छोड़े| अपनी सोच, अपनी ख्वाहिशों को पाक रखे| अरबी में रोज़ा को ‘सौम’ कहा जाता है जिसका अर्थ है परहेज़ करना – ना केवल खाने-पीने से बल्कि बुरे काम, बुरी सोच और बुरे शब्दों से भी|

रमदान के दौरान शरीर के हर हिस्से से परहेज़ करना चाहिए| जुबान किसी के बारे में बुरा ना बोले, चुगली न करें| आँखों से कुछ भी गलत होता ना देखे, ना नज़रंदाज़ करें| हाथ से किसी दूसरें का कोई भी सामान बिना पूछें ना छुए और ना ही लें| कानों से चोरी-छिपे ना किसी की बात सुने और ना ही कोई भद्दे शब्द सुने| पैरों से किसी भी नापाक जगह ना जाए| इसी तरह से शरीर के हर अंग से परहेज़ कर रोज़ा पूरा किया जाता है|

इसलिए रोज़े सिर्फ शारीरिक परहेज़ नहीं है, बल्कि एक इंसान के शरीर और रूह यानि आत्मा का रोज़े के भाव की तरफ एक ज़िम्मेदारी है| एस्ट्रोयोगी.कॉम की यही दुआ है कि रमदान के इस महीने में अल्लाह की इबादत के लिए सबको हिम्मत मिलें और उनका दिल पाक-साफ रहें|

साल 2017 में रमदान

इस साल 27 मई को चांद दिखाई देने पर 28 को पहला रोजा रखा जायेगा। 30 दिनों तक रोजा रखने का यह पर्व 25 जून तक चलेगा इसके पश्चात 26 जून को ईद का त्यौहार मनाया जायेगा। इस दौरान सहरी का वक्त सुबह 4 बजे के आसापास तो इफ्तार का समय 7 बजकर 20 मिनट के बाद ही रहेगा।

यह भी पढ़ें

इंसानियत का पैगाम देता है ईद का त्यौहार




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

माँ चंद्रघंटा - नवरात्र का तीसरा दिन माँ दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा विधि

माँ चंद्रघंटा - नव...

माँ दुर्गाजी की तीसरी शक्ति का नामचंद्रघंटाहै। नवरात्रि उपासनामें तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है और इस दिन इन्हीं के विग्रह कापूजन-आरा...

और पढ़ें...
माँ कूष्माण्डा - नवरात्र का चौथा दिन माँ दुर्गा के कूष्माण्डा स्वरूप की पूजा विधि

माँ कूष्माण्डा - न...

नवरात्र-पूजन के चौथे दिन कूष्माण्डा देवी के स्वरूप की ही उपासना की जाती है। जब सृष्टि की रचना नहीं हुई थी उस समय अंधकार का साम्राज्य था, तब द...

और पढ़ें...
दुर्गा पूजा 2017 – जानिये क्या है दुर्गा पूजा का महत्व

दुर्गा पूजा 2017 –...

हिंदू धर्म में अनेक देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। अलग अलग क्षेत्रों में अलग-अलग देवी देवताओं की पूजा की जाती है उत्सव मनाये जाते हैं। उत्त...

और पढ़ें...
जानें नवरात्र कलश स्थापना पूजा विधि व मुहूर्त

जानें नवरात्र कलश ...

 प्रत्येक वर्ष में दो बार नवरात्रे आते है। पहले नवरात्रे चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरु होकर चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि ...

और पढ़ें...
नवरात्र में कैसे करें नवग्रहों की शांति?

नवरात्र में कैसे क...

आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से मां दुर्गा की आराधना का पर्व आरंभ हो जाता है। इस दिन कलश स्थापना कर नवरात्रि पूजा शुरु होती है। वैसे ...

और पढ़ें...