राशिनुसार करें गणेश पूजा, होगा लाभ?

क्या आप काम बनते बनते बिगड़ने की घटना से परेशान हैं? क्या आपके घर में अशांति है? क्या आप अपने वित्तीय स्थिति को लेकर चिंतित हैं तो आपको इन सब चिंताओं से विघ्नहर्ता श्री गणेश ही निकाल सकते हैं। क्योंकि श्री गणेश को यूं ही नहीं विघ्नहर्ता कहा जाता है। इन्हें देवों से वरदान प्राप्त है। किसी भी मंगल कार्य में गणेश की पूजा सर्व प्रथम क्यों किया जाता है? किया जाता है यह तो आपको ज्ञात ही होगा। श्री गणेश की पूजा करने से कोई भी कार्य विघ्न रहित पूर्ण होता है। इसी तरह यदि इनकी कृपा किसी पर बन जाए तो उसके सारे दुख दर्द विघ्नहर्ता हर लेते हैं। तो आइये जानते हैं -

 

राशिनुसार कैसे करें गणेश पूजा?

 

मेष राशि

मेष राशि के जातक गणेश की वक्रतुंड रूप की आराधना कर अपने जीवन में व्याप्त परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं। यदि आप मेष राशि के हैं तो प्रातः उठकर शुद्ध हो जाएं। इसके बाद गणेश जी को गुड़ का भोग लगाएं। फिर 151 बार ओम वक्रतुंडाय हूं मंत्र का जाप करें। इससे आपको धन व करियर में सहायता मिलेगा। साथ ही पारिवारिक संबंध भी सुधरेंगे।

 

बृषभ राशि

वैदिक ज्योतिष के अनुसार बृष राशि के जातकों को शक्ति विनायक रूप की पूजा करनी चाहिए। इससे आपकी धन की समस्या के साथ ही करियर की भी परेशानी दूर होगी। आपके रूके हुए कार्य पूरे होंगे। बृष जातक प्रतिदिन प्रातः उठकर स्नान आदि कर घी में मिश्री को मिलाकर गणेश जी को भोग लगाएं। इसके बाद ओम हीं ग्रीं हीं मंत्र का जाप कम से कम 101 बार करें। 

 

मिथुन राशि

लक्ष्मी गणेश रूप की पूजा करना मिथुन राशि के जातकों के लिए शुभ है। मूंग के लड्डू बनाकर भोग चढ़ाएं। इसके साथ ही ओम गं गणपतये नमः या ओम श्रीगणेशाय नमः का जाप करें। इससे आपको मानसिक शांति के साथ कार्य क्षेत्र में भी सफलता मिलेगी। इन मंत्रों का उच्चारण आपको 151 बार करना है। यदि हो सके तो गरीब व्यक्ति को काले रंग की कंबल दान करें। 

 

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों को भी मेष राशि के जातकों की तरह ही गणेश की वक्रतुंड रूप की आराधना करनी चाहिए। इसके साथ ही ओम वरदाय नः मंत्र का जाप 101 बार हर दिन करना चाहिए। पूजा में सफेद चंदन व सफेद पुष्प अर्पित करें। इससे आपको जरूर लाभ होगा।

 

सिंह राशि

सिंह जातकों को लक्ष्मी गणेश की पूजा करना बेहद शुभ है। प्रति दिन प्रातः स्नान कर शुद्ध हो जाएं। इसके बाद ओम सुमंगलाय नमः का जाप करें। पूजा में लाल रंग के फूल अर्पित कर मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाएं। इससे आप पर गणेश जी की कृपा होगी।

 

कन्या राशि

कन्या जातकों भी सिंह राशि जातकों के तर्ज पर लक्ष्मी गणेश या चिंतामणी रूप की पूजा करनी चाहिए। इसके साथ ही पूजा के दौरान दूब के 21 जोड़े अर्पित कर ओम चिंतामण्ये मंत्र का श्राद्धा के साथ जाप करना चाहिए। इससे आपको शुभ फल प्राप्त होगा। मानसिक तनाव कम होगा। शांति मिलेगी।

 

तुला राशि

तुला राशि के जातकों को भी गणेश जी की वक्रतुंड रूप की आराधना करनी चाहिए। इसके साथ ही ओम वक्रतुंडाय नमः का जाप कर पूजा के दौरान पांच नारयल चढ़ाएं। शुद्ध देशी घी से बना दीपक जालाएं। इससे आपको मानसिक शांति व समृद्धि मिलेगी।

 

वृश्चिक राशि

इस राशि में जन्मे जातकों को श्वेतार्क गणेश की आराधना करनी चाहिए। पूजा में लाल रंग का फूल व सिंदूर चढ़ाएं। साथ ही ओम नमो भगवते गजाननाय नमः मंत्र का जाप 151 बार करें। इससे आपको लाभ होगा। शत्रु का भय भी कम होगा।

 

धनु राशि

धनु जातकों को प्रतिदिन या बुधवार के दिन प्रातः उठकर स्नान कर शुद्ध होकर लक्ष्मी गणेश प्रतिमा की आराधना करनी चाहिए। इसके साथ ही पूजा में पीले फूल व बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। 151 बार ओम गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें। यहा करने से आपकी समस्याएं समाप्त होगीं। 

 

मकर राशि

मकर राशि के जातक गणेश के शक्ति विनायक रूप की पूजा करें। पूजा के दौरान साधक लौंग, इलाईची, पान व सुपारी चढ़ाएं। पीले रंग का फूल अर्पित करना उत्तम है। पूजा के बाद या शुरू में आप ओम गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें।

 

कुंभ राशि

कुंभ जातकों को गणेश जी के शक्ति विनायक रूप की आराधना करनी चाहिए। पूजा में धूप व शुद्ध देशी घी का दीप जालाएं। 121 बार ओम गण मुक्तये फट् मंत्र का जाप करें। कष्टों का निवारण होगा। परंतु ध्यान रहे कोई भी व्यक्ति आपके द्वार से भूखा न जाएं।

 

मीन राशि

मीन राशि में जन्मे जातकों को विघ्नहर्ता की हरिद्रा गणेश रूप की पूजा करनी चाहिए। गणेश जी को शहद व केसर का भोग लगाएं। यदि केसर न हो तो मोदक का भोग लगा सकते हैं। इसके बाद ओम हुं गं ग्लौं हरिद्रा गणपत्ये वरद वरद सर्वजन हृदये स्तम्भय स्वाहा या ओम गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें। इससे आपके शत्रु भी आपके मित्र बन जाएंगे। विरोधियों का भय समाप्त होगा।

 

यह जानकारी सामान्य है। जिससे आपको लाभ होगा परंतु उतना नहीं जितना आपको चाहिए। इसके साथ ही यह आपकी कुंडली के अनुसार बदल भी सकता है। इसलिए आपको अपनी कुंडली का आकलन कराव कर गणेश आराधना करनी चाहिए जिससे आपको अधिक लाभ होगा। अपनी कुंडली के आधार पर गणेश पूजा विधि जानने के लिए देश के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से अभी बात करें या 9999091091 पर संपर्क कॉल करें।

यह भी पढ़ें 

गणेश चालीसा का पाठ करें   |    श्री गणेश आरती   |   श्री गणपति आरती

श्री विनायक आरती   |   गणेश चतुर्थी   |   गणेश परिवार की पूजा से पूरी होंगी मनोकामना

एस्ट्रो लेख

देव दिवाली - इस...

आमतौर पर दिवाली के 15 दिन बाद यानि कार्तिक माह की पूर्णिमा के दिन देशभर में देव दिवाली का पर्व मनाया जाता है। इस बार देव दिवाली 12 नवंबर को मनाई जा रही है। इस दिवाली के दिन माता गं...

और पढ़ें ➜

कार्तिक पूर्णिम...

हिंदू पंचांग मास में कार्तिक माह का विशेष महत्व होता है। कृष्ण पक्ष में जहां धनतेरस से लेकर दीपावली जैसे महापर्व आते हैं तो शुक्ल पक्ष में भी गोवर्धन पूजा, भैया दूज लेकर छठ पूजा, ग...

और पढ़ें ➜

तुला राशि में म...

युद्ध और ऊर्जा के कारक मंगल माने जाते हैं। स्वभाव में आक्रामकता मंगल की देन मानी जाती है। पाप ग्रह माने जाने वाले मंगल अनेक स्थितियों में मंगलकारी परिणाम देते हैं तो बहुत सारी स्थि...

और पढ़ें ➜

गुरु नानक जयंती...

"अव्वल अल्लाह नूर उपाया, कुदरत के सब बन्दे एक नूर ते सब जग उपज्या, कौन भले कौन मंदे" सभी इंसान उस ईश्वर के नूर से ही उपजे हैं, इसलिये कोई बड़ा या छोटा नहीं है सब बराबर हैं। इसां...

और पढ़ें ➜