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रियो ओलिंपिक 2016 - क्या भारतीय खिलाड़ियों को मिलेगा सितारों का साथ


रियो ओलिंपिक 2016 - क्या भारतीय खिलाड़ियों को मिलेगा सितारों का साथ

Rio 2016 - ओलिंपिक को खेलों का महाकुंभ कहा जाता है। हर चार साल में खेलों के इस महासंग्राम का आयोजन अलग-अलग देशों में किया जाता है। किसी भी देश के लिये ओलिंपिक में पदक हासिल करना गौरव की बात होती है और भारत तो 15 अगस्त को अपना 70वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा ऐसे में यदि भारतीय खिलाड़ी रियो में तिरंगा लहराते हैं तो इससे बड़ी खुशी देश के लिये और क्या हो सकती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार किसी भी देश व उसके खिलाड़ी के प्रदर्शन पर ग्रहों की चाल व उनकी दशा का बहुत प्रभाव पड़ता है। ऐसे में एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों ने भारत की कुंडली के आधार पर ओलिंपिक में भारतीय खिलाड़ियों की स्थिति क्या रह सकती है इसका आकलन किया है। आइये जानते हैं 6 से 22 अगस्त तक रियो में आयोजित होने वाले इन खेलों के लिये भारत के सितारे क्या कहते हैं।




क्या कहती है भारत की कुंडली


15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ। मध्यरात्रि 12 बजे जब अंग्रेजी हुकूमत का सूरज ढला और भारतीय तिरंगा लहराने लगा उस समय ग्रहों की स्थिति के अनुसार भारत की कुंडली वृषभ लग्न, पुष्य नक्षत्र और कर्क राशि की बनती है। शास्त्रानुसार वृषभ लग्न की प्रकृति की बात करें तो इसका स्वभाव बड़ा ही शर्मिला, शांति प्रिय, सहनशील, सहिष्णु, समझौतावादी, मेहनती और संघर्षरत, पड़ोसियों द्वारा प्रताड़ित, सहज ही मित्र बनाने वाला, भोले स्वाभाव वाली है। वहीं शास्त्रानुसार कर्क राशी की प्रकृति एक कुटिल एवं सफल राजनितिक, बात का धनि, चतुर स्वाभाव वाली है|


ग्रहों की दशा का खेलों पर प्रभाव


साल 2016 में भारत पर चंद्रमा की महादशा और अंतर्दशा चल रही है। चंद्रमा चूंकि प्रतिपदा से लेकर पूर्णिमा तक पंद्रह कलाएं करता है जिसके कारण इसे शुभ और सुंदर भी माना जाता है। चंद्रमा के प्रभाव से खिलाड़ी जहां अपने खेल में चंद्रमा की तरह चमकते हैं तो वहीं कभी-कभी अमावस्या के घने अंधेरे का प्रभाव भी उन्हें गुमनामी के साये में धकेल देता है। चंद्रमा में कुछ दाग भी नजर आते हैं जिससे कई बार कुछ खिलाड़ियों को भी आरोप-प्रत्यारोप सहने पड़ते हैं। हाल में की स्थिति देखी जाये तो ओलिंपिक के इतिहास में खिलाड़ियों का सबसे बड़ा दल इस बार भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा है। वहीं नरसिंह यादव जैसे होनहार खिलाड़ियों को मुश्किलात भरे दौर से भी गुजरना पड़ा है।


6 अगस्त को प्रात: के 4 बजकर 30 मिनट पर रियो ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह का आयोजन शुरु होगा। 6 अगस्त शनिदेव का दिन है जो कि भारत के लिये इस समय न्यायप्रिय देवता हैं। इसलिये खिलड़ियों को उनकी मेहनत के अनुसार उचित फल मिलने की उम्मीद की जा सकती है और ओलिंपिक खेलों के शुरुआती दिनों में ही भारत को अच्छी खबर मिल सकती है।

6, 7, 10, 15, 16, और 20 अगस्त के दिन ग्रहों की दशा के हिसाब से बहुत ही भाग्यशाली हैं यदि इन दिनों में भारतीय खिलाड़ी मैदान में उतरते हैं तो पदक की दौड़ में शामिल होने की प्रबल संभावनाएं बन जायेंगी। वहीं 8, 11, 12, 17, 19 और 21 अगस्त को यदि मुकाबले होते हैं तो खिलाड़ियों अतिरिक्त ऊर्जा के साथ मुकाबलों में उतरना होगा साथ ही उन्हें अपनी सेहत की तरफ से भी थोड़ा सतर्क रहना होगा। 9, 13, 14, 18 तिथि ग्रहों की स्थिति के हिसाब से बहुत अधिक अच्छी नहीं मानी जा सकती।


हालांकि खिलाड़ियों के सटीक प्रदर्शन के लिये उनकी व्यक्तिगत कुंडली का अध्ययन करने की भी आवश्यकता है। लेकिन भारतीय खेमे के ओवरऑल प्रदर्शन के लिहाज से कहा जा सकता है कि सितारे मुख्यत: भारतीय खिलाड़ियों के पक्ष में हैं और गत वर्षों से श्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। यदि अच्छे संकेतों की बात करें तो 36 साल बाद भारतीय महिला हॉकी टीम का ओलिंपिक के लिये क्वालिफाई करना, डॉपिंग के आरोपों से नरसिंह यादव जैसे पहलवान का मुक्त होना, जिमनास्टिक आदि कई प्रतिस्पर्धाओं में पहली बार भारत का हिस्सा लेना खेलों के मामलों में भारत के लिये अच्छे दिनों की शुरुआत कहा जा सकता है। एस्ट्रोयोगी की ओर से ओलिंपिक में हिस्सा ले रहे सभी खिलाड़ियों को हार्दिक शुभकामनाएं इसी उम्मीद के साथ की रियो में भारत का तिरंगा लगातार लहराता हुआ दिखे और पदकों की झड़ी से ये स्वतंत्रता दिवस यादगार हो जाये। यदि आप भीअपनी कुंडली के बारे में या फिर अन्य ज्योतिषीय समस्याओं के बारे में कुछ जानना चाहते हैं तो इसके लिये हमारे ज्योतिषाचार्यों से परामर्श कर सकते हैं, किसी भी दिन किसी भी समय बिना किसी अप्वाइंटमेंट के बस इस लिंक पर क्लिक करें और देश की पहली एस्ट्रोलॉजर ऐप डाउनलोड कर देश के जाने माने ज्योतिषाचार्यों में से अपने मनपसंद ज्योतिषाचार्य से बात करें।


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