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बारहवें घर में बैठे ब्रहस्पति से परेशान, ऋषि कपूर


बारहवें घर में बैठे ब्रहस्पति से परेशान, ऋषि कपूर

बॉबी फ़िल्म के लिए 1974 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार और साल में 2008 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्राप्त कर चुके, ऋषि कपूर को शायद ही कोई भारतीय ना जानता हो। अपने दौर के चॉकलेटी हीरो रह चुके ऋषि कपूर ने एक से एक शानदार फिल्में बॉलीवुड को दी हैं।


अभी हाल ही में रिलीज़ हुई इनकी फ़िल्म ‘आल इज वेल’ आशाओं के मुताबिक नहीं रही है। फ़िल्म में ऋषि कपूर जी की अदाकारी को भी लोगों ने ज्यादा पसंद नहीं किया है किन्तु लगातार अपने ट्वीटर से होने वाले ट्विट की वजह से ऋषि कपूर ख़बरों में बने रहते हैं। कभी राधे माँ तो कभी सरकार तो कुछ मुद्दों पर सरकार की आलोचना करते ऋषि कपूर, विवादों में भी बने रहते हैं।


आगामी 4 सितम्बर को अपना 63 वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। ऋषि कपूर के जन्मदिन के मौके पर, आइये एक नजर डालते हैं कि इनका आने वाला समय इनके लिए कैसा रहेगा-

नाम- ऋषि कपूर

जन्म तिथि- 4  सितम्बर 1952

जन्म स्थान- मुंबई 

जन्म समय- 23:10:00

लग्न- वृषभ, चन्द्र राशि- कुंभ, महादशा- शुक्र, अंतरदशा- ब्रहस्पति, प्रत्यांतर- राहु, नक्षत्र- पूर्व भाद्रपद का तीसरा चरण।


वृषभ लग्न वाले मेहनती, कर्मठ और कर्मशील होते हैं। इस लग्न वालों को सफलता भी कर्म के साथ मिलती रहती है। शुक्र की महादशा इस लग्न में कारक मानी जाती है। शुक्र का कामेश के साथ त्रिकोण में आने से एक योगकारी कारक बन जाता है।


अगर ऋषि कपूर की कुंडली का निरीक्षण किया जाए तो पता चलता है कि योगकारी समय तो इनका बनता है किन्तु कुंडली के बारहवें घर में बैठा ब्रहस्पति उल्टे परिणाम दे रहा है। वृषभ लग्न में बारहवें घर का ब्रहस्पति जातक को परेशान करता रहता है। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि अगर बारहवें घर में ब्रहस्पति अच्छी स्थिति में भी बैठा हो तब भी एक समय ऐसा आता है जब वह व्यक्ति को फँसा देता है। इस स्थिति में जातक का कोई भी कार्य, बहुत अच्छे परिणाम नहीं दे पाता है। व्यक्ति चाहे जिस भी क्षेत्र में हो उसको नुकसान उठाना पड़ता है। ऋषि कपूर की कुंडली में समय भी अच्छा था, योगकारी समय भी बन रहा था किन्तु ब्रहस्पति के बारहवें घर में होने से विपरीत परिणाम इनको प्राप्त हो रहे हैं।


यही ब्रहस्पति व्यक्ति को बेवजह ही विवादों में फँसाता रहता है। छोटी सी बात को बहुत बड़ा कर देता है और व्यक्ति की नकारात्मक छवि को सबसे सामने बनाकर पेश करता है।


5 अक्टूबर 2015 तक शुक्र और ब्रहस्पति अंतर दशा में एक साथ रहने वाले हैं तो यह समय ऋषि कपूर के लिए बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता है। इस समय में सफलता कम और असफलता ज्यादा मिलने की संभावनायें हैं।


वहीँ इनके लिए राहत की खबर यह है कि 16 सितम्बर को जब मंगल का कर्क राशि से सिंह में परिवर्तन होगा तब यह परिवर्तन इनके लिए जरूर कुछ राहत वाला होगा। पैसे और फाइनेंस में इनको लाभ प्राप्त हो सकता है और यह कला के क्षेत्र में भी इनको लाभ प्रदान करेगा।


आगामी समय की बात करें तो इनको मुख्य रूप से राहत 5 अक्टूबर 2015 के बाद ही मिलने वाली है। तब शनि अंतरदशा में आ जाएगा। और शुक्र के साथ शनि का तालमेल सही रहता है। इस लग्न में शनि एक योगकारी कारक माना जाता है यह दोनों ग्रह मिलकर केंद्रत्रिकोण राजयोग बना रहे हैं। 5 अक्टूबर 2015 से 5 दिसंबर 2018 तक शनि अंतर में रहेगा। जो ऋषि कपूर जी के जीवन में एक स्वर्णिम समय साबित हो सकता है।


स्वास्थ्य की बात करें तो स्वास्थ्य में इस साल कुछ उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। पेट संबंधित कुछ विकार और मोटापे से कुछ परेशानी हो सकती है।


एस्ट्रोयोगी की ऋषि कपूर को सलाह है कि अपने गुस्से पर वह काबू रखें। बेवजह विवादों में फंसना इनके लिए सही नहीं है। उपाय के लिए ब्रहस्पतिवार को पीली चीजों का दान और नित्य रोज ॐ गुरुवे नमः मन्त्र का 108 बार जप, इनको आश्चर्यचकित रूप से लाभ पहुंचा सकता है। साथ ही साथ अगर सिद्ध दस मुखी रुद्राक्ष भी पीड़ा कम कर सकता है।


एस्ट्रोयोगी ऋषि कपूर को इनके जन्मदिवस की बधाई देता है और उम्मीद करता है कि आगामी समय इनके लिए अच्छा रहेगा।




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