‘खलनायक’ नहीं ‘नायक’ हैं संजय दत्त

‘खलनायक’ नहीं ‘नायक’ हैं संजय दत्त


अपने फिल्मी करियर में संजय दत्त को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। ऐसा नहीं है कि इनके लिए कभी फिल्मों की कमी रही है या इनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कुछ ख़ास नहीं कर पा रही थीं किन्तु अपने कुछ असामाजिक कार्यों की वजह से संजय दत्त 90 के दशक से ही सुर्ख़ियों में बने हुए हैं।


बतौर मुख्य अभिनेता इनकी पहली फिल्म सन 1981 की ‘रॉकी’ थी यह फ़िल्म अपने समय की सुपरहिट फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म ‘खलनायक’ में निभाया गया, संजय दत्त का ‘बल्लू’ का किरदार आज तक बॉलीवुड नहीं भूल पाया है। फिल्म ‘वास्तव’ में अपने अभिनय के लिए संजय दत्त बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवार्ड भी ले चुके हैं। नेशनल अवार्ड प्राप्त ‘मुन्नाभाई- एमबीबीएस ’ और ‘लगे रहो मुन्नाभाई’ फिल्में इनके जीवन में एक बदलाव की तरह आईं और यह फिल्में इनकी ‘खलनायक’ की छवि को एक ‘नायक’ के रूप में बदलकर, समाज के सामने रख देती हैं।   


आगामी 29 जुलाई को संजय दत्त अपना 56 वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। पिछले कुछ साल संजय दत्त के लिए बिल्कुल भी सही नहीं गये हैं. कभी स्वास्थ्य परेशानियां तो कभी अदालती कार्यवाही से इनको मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. संजय दत्त के जन्मदिन के मौके पर, आइये एक नजर डालते हैं कि इनका आने वाला समय इनके लिए कैसा रहेगा-

नाम- संजय दत्त

जन्म तिथि- 29 जुलाई 1959

जन्म स्थान- मुंबई

जन्म समय- 00:15:00 


लग्न- वृश्चिक, चंद्र राशि- वृष, महादशा- शनि, अंतरदशा- शनि, प्रत्यांतर- शुक्र, नक्षत्र- कृतिका नक्षत्र।  



एस्ट्रोयोगी ज्योतिषों के अनुसार वृश्चिक लग्न वाले इंसान गुस्सेले स्वभाव के होते हैं। लग्नेश का दशम में आना एक योग कारक माना जाता है। संजय दत्त की कुंडली के अनुसार लग्नेश दसम में ही है इसलिए अभी पैसे, मान-सम्मान और वित्तीय रूप में किसी प्रकार की बहुत ज्यादा हानि तो नहीं हो रही है। कामेश और लाभेश का भाग्य स्थान में आने से, घर-परिवार से भी पूरा सहयोग इनको प्राप्त हो रहा है।


ब्रहस्पति का 12वें घर में होना एक अशुभ योग बनाता है जो कि इंसान को कोर्ट-कचहरी के चक्करों में फंसाने वाली संभावनायें पैदा कर देता है। संजय दत्त की कुंडली में ब्रहस्पति यही कार्य कर रहा है। बेशक लग्नेश अच्छा होने से आर्थिक रूप से तो परेशानियाँ नहीं हो रही है किन्तु सामाजिक जीवन में यह तकलीफ दे रहा है।


शनि की स्थिति पर नजर डाली जाए तो महादशा और अंतरदशा दोनों जगह शनि उपस्थित है। कुंडली में दो जगह शनि का होना सही नहीं माना जाता है। कुछ न कुछ नुकसान और चिंता उत्पन्न करने का कार्य यह करता रहता है। 16 जून 2017 के पश्चात शनि के साथ अंतरदशा में बुध विराजमान हो जाने से, वह समय इनके लिए अनुकूल साबित हो सकता है।


अब अगर बात करें, इनके काम-काज की तो शुक्र ग्रह ‘कला’ का कारक माना जाता है और अभी इनकी कुंडली के अनुसार, शुक्र अपने शत्रु (सूर्य) के घर में विराजमान है और इस कारण से संजय दत्त को अथक मेहनत के बाद ही अच्छे फल प्राप्त हो सकते हैं।


एस्ट्रोयोगी की संजय दत्त को सलाह है कि अपने गुस्से पर काबू रखें। शनि के लिए काली चीजों का दान और शनि की प्रतिमा पर तेल अभिषेक करने से पीड़ा कुछ कम हो सकती है।


एस्ट्रोयोगी संजय दत्त को इनके जन्मदिवस की बधाई देता है और उम्मीद करता है कि आगामी समय इनके लिए अच्छा रहेगा।

एस्ट्रो लेख



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