घर पर रहकर करें ये मेडिटेशन

मेडिटेशन(meditation) यानि ध्यान भारतीय संस्कृति की एक पुरातन परंपरा है। इसे योग साधना भी कहा जाता है, जिसे पौराणिक काल में ऋषि, मुनिया और तपस्वी अपने मन और मस्तिष्क को शांत और एकाग्र चित्त बनाने के लिए करते थे। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई मानसिक रूप से परेशान है। ऐसे में योगा और ध्यान ने एक बार फिर लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है। ध्यान केवल मन को शांत ही नहीं करता बल्कि जीवन में आपके उद्देश्य की प्राप्ति में भी मदद करता है। तो चलिए आज हम आपको मेडिटेशन यानि ध्यान के बारे में विस्तारपूर्वक बताएंगे।

 

मेडिटेशन या ध्यान क्या है

मेडिटेशन को हिंदी में ध्यान कहते हैं। ध्यान करने से आपका चंचल मन शांत रहता है और आपको अपने अंदर की ऊर्जा का एहसास होता है। सबसे पहले बौद्ध धर्म में इसे शिक्षा के तौर पर शुरू किया गया था। जिसमें लोगों को ध्यान करना, क्रोध कम करना, एकाग्रता बढ़ाना और याद्दाश्त को मजबूत करना सिखाया जाता था। ध्यान को अगर सरल शब्दों में कहें तो यह बिल्कुल विश्राम की तरह होता है जो आपके मस्तिष्क में चलने वाले विचारों को शून्य कर देता है और आपको वास्तिवकता से सामना करवाता है। कहा तो यह भी जाता है कि जिन बड़ी बड़ी बीमारियों का इलाज डॉक्टर्स के पास नहीं वे बीमारियां मेडिटेशन करने से दूर हो जाती हैं। वैसे तो ध्यान करना थोड़ा कठिन हैं लेकिन नियमित ध्यान करने से आपको कई फायदे दिखाई देंगे। आपको अपने शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता हुआ महसूस होगा। 

 

ध्यान कैसे करें

सबसे पहले ध्यान के लिए आपके पास एक शांत और साफ सुथरा वातावरण होना बहुत जरूरी है। ध्यान आप दिन में 2 बार कर सकते हैं सुबह 5 बजे या शाम 5 बजे। यदि ध्यान को सही तरीके से किया जाए तो यह काफी लाभप्रद साबित होता है। मेडिटेशन आप बैठकर, लेटकर, खड़े होकर कर सकते हैं। मगर जब आप ध्यान लगाते हैं तो आपको दिमाग में आने वाले सभी विचारों को रोकना होगा और जीवन में चल रही परेशानियों को दिमाग से निकाल देना होगा। शायद ऐसा करना शुरुआत में आपके लिए संभव न हो लेकिन नियमित ध्यान करने से आप अपने विचारों को नियंत्रित करने लगेंगे। 

 

यदि आप पहली बार ध्यान कर रहे हैं तो आप मन में आने वाले विचारों की वजह से जरूर भटकेंगे लेकिन चिंता न करें वापस से ध्यान लगाने की कोशिश करें। जब आप बार-बार कोशिश करेंगे तो एक समय के बाद आप ध्यान लगाने लगेंगे। मेडिटेशन के कुछ प्रकार भी हैं। 

 

ट्रांसडैंटल मेडिटेशन

इस मेडिटेशन में एक मंत्र या शब्द पर ध्यान केंद्रित करना होता है। ये ध्यान उन लोगों के लिए बेहतर है जिन्हें सरंचना पसंद होती है जो मेडिटेशन को लेकर गंभीर होते हैं। इस ध्यान को करने से ब्लड प्रेशर, तनाव, घबराहट और हार्ट स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है। इस मेडिटेशन में 15-20 मिनट के लिए आंखें बंद करके मंत्र का उच्चारण करना होता है।

 

विपस्सना मेडिटेशन

इस तकनीक में आपको सांस पर ध्यान लगाना होता है। इसके लिए सबसे पहले आप शांत माहौल देखकर बैठ जाएं फिर हाथों को घुटनों पर रखें। गहरी सांस लें और धीरे-धीरे सांस छोड़ें। अब सांस को अपनी नाक के छिद्रों से अंदर आने और बाहर निकलने को लेकर महसूस करें। जब आप सांस अंदर खीचें तो आपका पेट फूलना चाहिए और जब छोड़े तो पेट पिचकना चाहिए। इस तरह सांस लेते और छोड़ते रहें और सांस लेने पर ध्यान लगाते रहें। आमतौर पर बिगिनर्स के लिए यह ध्यान काफी मुश्किल होता है लेकिन अगर आप जिंदगी में तनाव से मुक्ति और काम पर फोकस करना चाहते हैं तो यह मेडिटेशन जरूर करें। 

 

कुंडलिनी योग

इस मेडिटेशन में शरीर सांस, मंत्र, मुद्रा और एकाग्रता का इस्तेमाल किया जाता है। यह ध्यान शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है और मानसिक तौर पर आपको मजबूत बनाता है। इस ध्यान को करने के लिए सबसे पहले मेरुदंड को सीधा करते हुए बैठ जाएं। फिर आंखें बंद कर दें और दोनों हाथों को प्रार्थना की मुद्रा में लाएं और अपनी इच्छानुसार किसी भी मंत्र का उच्चारण करें।

 

लिविंग और काइंडनेस मेडिटेशन

इस ध्यान का मतलब है कि दूसरों के प्रति दयालुता, नम्रता और सद्धभाव पैदा करना। अगर आपको अत्यधिक गुस्सा आता है या फिर आप चिड़चिड़े रहते हैं तो आपको यह मेडिटेशन जरूर करना चाहिए। इससे आप खुश रहना सीखते हैं। इसके लिए सबसे पहले ध्यान की मुद्रा में बैठ जाएं और अपनी आंखें बंद कर लें। खुद से प्या करने की कल्पना करें और धीरे-धीरे दूसरों के प्रति एहसास जगाने की कोशिश करें। 

 

मंत्र मेडिटेशन

इस ध्यान को ऊँ मेडिटेशन भी कहते हैं क्योंकि इसमें ऊँ जैसे पवित्र शब्द का उच्चारण करते हैं और जिससे मस्तिष्क शांत और एकाग्रचित्त होता है। इस मेडिटेशन को करने के लिए सबसे पहले मेरूदंड सीधा करते हुए बैठ जाएं। आंखें बंद कर लें और गहरी सांस लेते हुए ऊंचे स्वर में ऊँ का उच्चारण करें। यह मेडिटेशन शुरूआती अभ्यासकर्ताओं के लिए काफी आसान है। 

 

मेडिटेशन के लिए सुझाव

  • ध्यान करते वक्त बाहरी आवाजों को सुनकर अपने मन को ना भटकाएं।

  • मेडिटेशन के लिए सुबह का समय सबसे उचित माना जाता है।

  • मेडिटेशन करते वक्त पालथी मारकर बैठना अच्छा रहता है।

  • ध्यान लगाने से पहले भोजन न करें बल्कि मेडिटेशन के 2 घंटे बाद खाना खाएं।

  • मेडिटेशन करते वक्त चेहरे पर मुस्कान बनाकर रखें।

  • ध्यान लगाते वक्त गहरी लंबी सांसें लें ताकि मांसपेशियां शांत हो जाएं।

 

मेडिटेशन के लाभ

  • आमतौर पर ध्यान लगाने से मानसिक रूप से आप स्वस्थ रहते हैं लेकिन मेडिटेशन आपको शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रखता है।

  • मेडिटेशन करने से सिर दर्द, अनिद्रा, घबराहट और मानसिक तनाव में राहत मिलती है।

  • ध्यान लगाने से शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है।

  • मेडिटेशन करने से आप हमेशा प्रसन्न रहते हैं।

  • ध्यान लगाने से आपकी इच्छाओं पर आपका नियंत्रण बना रहता है।

  • मेडिटेशन करने से आपके अंदर दयालुता, प्रेम और धैर्य का भावना विकसित हो जाती है।

 

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