अमेरिका - ईरान तनातनी के बीच क्या होगा तृतीय विश्वयुद्ध? जानिए क्या कहता है ज्योतिष

अमेरिका द्वारा एयरस्ट्राइक करके ईरान के जनरल सुलेमानी को मारने के बाद से यूएस और ईरान के बीच तनातनी का माहौल चल रहा है। जहां ईरान ने अमेरिका पर हमला किया वहीं अमेरिका ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। ऐसे में सोशल मीडिया और कई न्यूज चैनल्स पर नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी सच होने की बात कही जा रही है। दरअसल नास्त्रेदमस ने भविष्यवाणी की थी कि साल 2020 दुनिया के लिए काफी हिंसक हो सकता है, साथ ही तृतीय विश्वयुद्ध के आसार भी बताए थे, लेकिन ज्योतिषशास्त्र के अनुसार यूएस और ईरान  जंग के बीच थर्ड वर्ल्ड वॉर (World War 3) नहीं होगा। ज्योतिष के अनुसार, सुलेमानी की मौत पर दुनिया में हलचल पैदा हो सकती है। यूसए -ईरान तनाव के बीच भारत पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा, साथ ही राजनैतिक और आर्थिक स्थिति दिनोंदिन बिगड़ने के आसार भी हैं। वहीं नए साल 2020 में विश्व के बड़े नेताओं के निर्णय दुनिया को प्रभावित भी करेंगे।

 

नहीं होगा तृतीय विश्वयुद्ध

अमेरिका और ईरान दोनों देशों का ज्योतिषीय अवलोकन करने पर अमेरिका का मंगल अष्टम में है। अमेरिका का पावर बढ़ेगा। वहीं अमेरिका ईरान पर दबदबा कायम रखेगा और ईरान पर कब्जा कर ईरान को गुलाम भी बना सकता है। इसके अलावा 24 जनवरी 2020 को शनि मकर राशि में गोचर करेंगे जिसकी वजह से ईरान को काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है। ईरान में आय के स्त्रोत कम हो जाएंगे और शत्रु देश भी उस पर भारी पड़ेंगे। वहीं शनि गोचर से अमेरिका को धन अधिक खर्च करना पड़ सकता है। इस जंग में अमेरिका ईरान (USA vs Iran) को नतमस्तक तो कर देगा लेकिन यूएस (USA vs Iran) में भी जानमाल की हानि होने की संभावना है।

 

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यूएसए-ईरान तनाव का भारत पर प्रभाव

विश्व में पैदा हुए तनाव के बीच भारत के लिए 7-8 माह काफी भारी रहने की संभावना है। पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि होने के आसार हैं और खाद्यानों में भी तेजी आएगी, जो भारत की जनता को अधिक प्रभावित कर सकती है। दुनिया में हो रही हलचल की वजह ज्योतिष के अनुसार 6 ग्रहों के 1 ही घर में प्रवेश करना भी है, मगर शनि गोचर होने के बाद स्थिति सुधर भी सकती है। 

 

वहीं साल 2019 में गुरु ने धुन में प्रवेश किया था और 30 मार्च 2020 को यह मकर राशि में प्रवेश करेगा।14 मई 2020 को गुरु वक्री होंगे और 11 मई 2020 को सुबह 9:39 मिनट पर शनि भी वक्री होंगे। दोनों ग्रहों के वक्री होने की वजह से मुस्लिम देशों पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं। वहीं 30 जून 2020 को वापस गुरु धनु में और शनि 29 सितंबर 2020 को मार्गी होंगे। इसके अलावा साल 2020 शनि, गुरु, राहु और केतु के राशि परिवर्तन का भी है और ये चारों ग्रह लंबे वक्त तक प्रभाव डालते हैं। अगर अन्य देशों की बात करें तो जापान, रूस, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, इजरायल अचानक मुस्लिम देशों पर हमला भी कर सकते हैं। ज्योतिषीय आधार पर साल 2020 ईरान, ईराक, उजकैबिस्तान, तुर्की, कजाकिस्तान देशों के लिए शुभ नहीं रहेगा। कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि इजरायल इन पर हमला भी कर सकता है। 

 

23 सितंबर 2020 को सुबह 8:28 मिनट पर राहू वृष राशि में और इस ही दिन केतु वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे। जिसकी वजह से अमेरिकी की जनता डोनाल्ड ट्रंप की सराहना करेगी। वहीं भारत के पीएम नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति पुतिन भी इस बार निर्णायक साबित हो सकते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच भारत और रूस ही समझौता करा सकते हैं और शांति बहाल कराने में भारत की भी अहम भूमिका होगी। 

 

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