Skip Navigation Links
वैशाख 2017 – वैसाख मास के व्रत व त्यौहार


वैशाख 2017 – वैसाख मास के व्रत व त्यौहार

 वैशाख भारतीय पंचांग के अनुसार वर्ष का दूसरा माह है। चैत्र पूर्णिमा के बाद आने वाली प्रतिपदा से वैसाख मास का आरंभ होता है। धार्मिक और सांस्कृतिक तौर पर वैशाख महीने का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। वैशाख मास में धार्मिक तीर्थ स्थलों पर स्नानादि का भी महत्व माना जाता है। वैशाख मास का महत्व इसलिये भी माना जाता है क्योंकि इसी मास में भगवान विष्णु के अवतार जिनमें नर-नारायण, भगवान परशुराम, नृसिंह अवतार और ह्यग्रीव आदि अवतार अवतरित हुए थे। मान्यता है कि देवी सीता भी इसी मास में धरती माता की कोख से प्रकट हुई थी।

वैशाख मास का नामकरण

हिंदू पंचांग में चंद्रमास के नाम नक्षत्रों पर आधारित हैं। जिस मास की पूर्णिमा जिस नक्षत्र में होती है उसी के अनुसार माह का नाम पड़ा है। वैशाख मास की पूर्णिमा विशाखा नक्षत्र में होने के कारण इस मास का नाम वैशाख पड़ा। वर्ष 2017 में वैशाख मास की शुरुआत 12 अप्रैल से हो चुकी है। आइये जानते हैं वैशाख मास के व्रत व त्यौहारों के बारे में।

मेष संक्रांति और बैसाखी या वैशाखी – वैसाख मास के लगते ही जब सूर्य मेष राशि में आते हैं तब मेष संक्रांति मानी जाती है। इसी संक्रांति के दिन वैशाखी का त्यौहार भी मनाया जाता है जो कि हर्षोल्लास के साथ उत्तर भारत विशेषकर पंजाब व हरियाणा में मनाया जाता है। यह त्यौहार अक्सर 13 अप्रैल को मनाया जाता है लेकिन चूंकि संक्रांति 14 अप्रैल को हो रही है इस कारण यह पर्व 14 अप्रैल को भी मनाया जा रहा है।

गुड फ्राइडे – गुड फ्राइडे ईसाई समुदाय का खास पर्व है जिसे ईसा मसीह यानि यीशू के बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व भी 14 अप्रैल को मनाया जा रहा है।

ईस्टर – ईसा मसीह के पुन: जीवित हो उठने की खुशी में ईस्टर का त्यौहार गुड फ्राइडे के बाद आने वाले रविवार को मनाया जाता है। यह रविवार अंग्रेजी कैलेंडर अनुसार 16 अप्रैल को है।

वरुथिनी एकादशी – वैसाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरूथिनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना की जाती है। वरुथिनी एकादशी का व्रत 22 अप्रैल को शनिवार के दिन है।

वैसाख अमावस्या – अमावस्या को स्नान दान व तर्पण के लिये बहुत ही शुभ माना जाता है। वैशाख अमावस्या 26 अप्रैल को है।

अक्षय तृतीया – वैसाख मास का सबसे महत्वपूर्ण पर्व अक्षय तृतीया का ही माना जाता है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु के अवतार नर-नारायण ने अवतार लिया था। भगवान विष्णु के ही अन्य अवतार भगवान परशुराम की जयंती भी इसी दिन मनाई जाती है। इस कारण यह बहुत ही सौभाग्यशाली दिन माना जाता है। इस दिन किसी भी शुभ कार्य को करने के लिये बहुत ही पुण्य फलदायी माना जाता है। अक्षय तृतीया अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 28 अप्रैल को है।

सीता नवमी – वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को सीता नवमी मनायी जाती है। मान्यता है कि इस दिन माता सीता धरती मां की कोख से प्रकट हुई थी जो हल जोतते समय मिथिला नरेश जनक को मिली थी और जनकपुत्री के रूप में जानी गई। माता सीता को मां लक्ष्मी का ही अवतार माना जाता है जिन्होंने भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्री राम के लिये अवतार धारण किया। सीता नवमी अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 4 मई को मनाई जा रही है।

मोहिनी एकादशी – वैशाख शुक्ल एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। मोहिनी एकादशी का उपवास भी बहुत खास माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा उपासना व व्रत आदि का विधान है। मोहिनी एकादशी 6 मई को है।

वैशाख पूर्णिमा – पूर्णिमा चंद्र मास का अंतिम दिन माना जाता है। पूर्णिमा को उपवास रखने का विधान भी माना जाता है। वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। वैशाख मास की पूर्णिमा 10 मई को है।

वैशाख मास में भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिये ज्योतिषीय उपाय जानने के लिये परामर्श करें भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से। अभी बात करने के लिये यहां क्लिक करें।

संबंधित लेख

फाल्गुन – फाल्गुन मास के व्रत व त्यौहार   |   चैत्र मास - पर्व व त्यौहार   |   सावन - शिव की पूजा का माह   |   सावन के बाद आया, श्रीकृष्ण जी का माह ‘भादों‘   |  

मार्गशीर्ष – जानिये मार्गशीर्ष मास के व्रत व त्यौहार   |   पौष मास – जानें पौष मास के व्रत त्यौहार व महत्व के बारे में    |   माघ - इस माह का है हर दिन पवित्र   |

गंगा मैया देती हैं जीवात्मा को मोक्ष   |   आरती श्री गंगा जी   |   श्री गंगा चालीसा




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

राहू राशि परिवर्तन – क्या लायेगा आपके जीवन में बदलाव

राहू राशि परिवर्तन...

18 अगस्त गुरुवार 2017 को प्रात:काल 5 बजकर 53 मिनट मिथुन के चंद्रमा के साथ कर्क राशि में प्रविष्ट होंगे जिसका प्रत्येक राशि पर अलग-अलग प्रभाव ...

और पढ़ें...
राहु और केतु ग्रहों को शांत करने के सरल उपाय

राहु और केतु ग्रहो...

राहु-केतु ग्रहों को छाया ग्रह के नाम से जाना जाता है। ज्योतिष की दुनिया में इन दोनों ही ग्रहों को पापी ग्रह भी बोला जाता है। इन दोनों ग्रहों ...

और पढ़ें...
अजा एकादशी 2017 - जानें एकादशी व्रत की पूजा विधि व मुहूर्त

अजा एकादशी 2017 - ...

हिंदु कैलेंडर के हिसाब से प्रत्येक चंद्रमास में दो पक्ष होते हैं एक कृष्ण पक्ष और एक शुक्ल पक्ष। दोनों पक्षों में पंद्रह तिथियां होती हैं। कृ...

और पढ़ें...
सूर्य ग्रहण 2017

सूर्य ग्रहण 2017

ग्रहण इस शब्द में ही नकारात्मकता झलकती है। एक प्रकार के संकट का आभास होता है, लगता है जैसे कुछ अनिष्ट होगा। ग्रहण एक खगोलीय घटना मात्र नहीं ह...

और पढ़ें...
सूर्य ग्रहण 2017 जानें राशिनुसार क्या पड़ेगा प्रभाव

सूर्य ग्रहण 2017 ज...

21-22 अगस्त को वर्ष 2017 का दूसरा सूर्यग्रहण लगेगा। सूर्य और चंद्र ग्रहण दोनों ही शुभ कार्यों के लिये अशुभ माने जाते हैं। पहला सूर्यग्रहण हाल...

और पढ़ें...