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वसुंधरा राजे और ललित मोदी के जरिये, बीजेपी को लगता सूर्य ग्रहण


वसुंधरा राजे और ललित मोदी के जरिये, बीजेपी को लगता सूर्य ग्रहण

एक साल पहले पूर्ण बहुमत के साथ बीजेपी की सरकार बनाने में कामयाब रहने वाले बीजेपी प्रमुख - नरेन्द्र मोदी, इन दिनों अपने ही पार्टी के लोगों की वजह से परेशान होते नजर आ रहे हैं। साल 2014 में नरेन्द्र मोदी, अपने जिन सितारों की वजह से दिल्ली तक का सफ़र करने में कामयाब हुए थे अबऐसा लगता है कि इनके वही सितारे इनका साथ छोड़ रहे हैं।साल 2014 में नरेन्द्र मोदी जी की कुंडली में लग्न को देखें तो यहाँ चन्द्र और मंगल ग्रह की सहायता से केंद्र त्रिकोण योग एवं लक्ष्मी नारायण योग बना था और यह योग इनको लाभ दे रहा था। अभी तक देश-विदेश में अपने व्यक्तित्व का झंडा लहरा चुके नरेन्द्र मोदी, वर्तमान में अपना और अपनी पार्टी (बीजेपी) के झंडे को दागदार होने से बचाने के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं।

वसुंधरा राजे पर आरोप लग रहे हैं कि ललित मोदी से इनके कॉपोरेट रिश्ते हैं। राजे के बेटे की कंपनी में आईपीएल के पूर्व आयुक्त ललित मोदी ने 13 करोड़ रुपये निवेश किए थेऔर सूत्रों द्वारा कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इसमें लाभ कमा रहीं थीं।

दूसरी तरफ ललित मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के रिश्ते भी बीजेपी को परेशान कर कर रहे हैं। अभी यही दो मुद्दे पार्टी और नरेद्र मोदी के लिए सर दर्द बने हुए थे और तभी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भाजपा के ही एक नेता के बीच हुई बातचीत का कथित ऑडियो टेप सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।

भारतीय जनता पार्टी के कथित हालातों और विरोधियों द्वारा हो रही आलोचनाओं के पीछे ग्रहों की साज़िश को समझने के लिए आइये नजर डालते हैं पार्टी के मुखिया नरेद्र मोदी जी के सितारों पर-

नाम- नरेद्र दामोंदर दास मोदी

जन्मतिथि- 17 सितम्बर 1950

जन्म समय – 11:00:00

जन्म स्थान- मेहसाना(गुजरात)

सूर्यराशि- कन्या

प्रधानमंत्री जी की कुंडली का अध्ययन करने के बाद एस्ट्रोयोगी ज्योतिषों का कहना है कि 14 जून से दसवें स्थान पर शुक्र अभी प्रत्यांतर में विराजमान है। यह ग्रह इनके कार्य के स्थान पर आ चुका है  सकते हैं। एस्ट्रोयोगी ज्योतिषों की सलाह मानें तो इस समय में सयंम बनायें रखें। सितम्बर मध्य में जब सूर्य, शुक्र की जगह लेगा तब फिर से एक नई संचार ऊर्जा का इनके जीवन में आगमन होगा तथा विरोधी परास्त होंगे।




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