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विदेश में क्यों हुई विराट-अनुष्का की शादी?


विदेश में क्यों हुई विराट-अनुष्का की शादी?

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा दोनों ही अपने अपने क्षेत्र में काफी नाम कमा चुके हैं। विराट कोहली जहां क्रिकेट जगत में दिन ब दिन नये कीर्तिमान बनाते जा रहे हैं तो वहीं अनुष्का शर्मा फिल्मों में अभिनय से लेकर फिल्मों के निर्माण में उपलब्धियां हासिल करती जा रही हैं। पिछले कुछ वर्षों से विराट और अनुष्का के बीच रिश्ते को लेकर चर्चाओं का बाजार काफी गरम रहा। इतना गरम रहा कि लोगों ने क्रिकेट में विराट कोहली के खराब प्रदर्शन तक के लिये अनुष्का को जिम्मेदार ठहरा दिया। हालांकि विराट आज भी यही कहते हैं कि उनके सबसे खराब समय में अनुष्का ने उनका साथ दिया। दोनों के व्यक्तित्व की बात की जाये तो दोनों काफी खुले व्यक्तित्व, खुले विचारों व खुली सोच रखने वाले प्रतीत होते हैं। हाल ही में उनके विवाह को लेकर जो कयास लगाये जा रहे थे उन पर विराम लगाते हुए यह सुनिश्चित कर दिया कि दोनों विवाह के पवित्र बंधन में बंध चुके हैं। ट्विटर पर शादी की तस्वीर सांझा करते ही विरुष्का वैडिंग टॉप ट्रैंड कर रहा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या इन दोनों के बीच प्रेम का यह रिश्ता विवाह के पश्चात कायम रह पायेगा? क्या दोनों का दांपत्य जीवन सफल हो पायेगा? इन्ही सब के लिये ज्योतिष में पहले जातकों की कुंडलियों का मिलान किया जाता है। एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों ने भी विराट कोहली व अनुष्का शर्मा की कुंडलियों का मिलान किया है। दोनों की कुंडलियां मिलाने के पश्चात ज्योतिषाचार्यों का क्या कहना है आइये जानते हैं।

क्या आप भी जानना चाहते हैं आपके भावी जीवनसाथी की कुंडली से आपकी कुंडली के कितने गुण मिलते हैं? जानने के लिये परामर्श करें एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों से।

विराट कोहली की कुंडली

नाम – विराट कोहली

जन्मतिथि – 5 नवंबर 1988

जन्मसमय – 10:28

जन्म स्थान – दिल्ली।

उपरोक्त विवरण के अनुसार विराट कोहली का जन्म धनु लग्न में हुआ है व इनकी चंद्र राशि कन्या है। वर्तमान में इन पर राहू की महादशा चल रही है जिसमें शनि की अंतर्दशा है। शनि की स्थिति वर्तमान में वैसी ही है जैसी इनके जन्म के समय थी।

विराट की कुंडली में विवाह के कारक बुध हैं जो सूर्य के साथ बुधादित्य योग बना रहे हैं। जो यह प्रदर्शित करते हैं कि जीवनसाथी के रूप में कोई प्रसिद्ध हस्ती इनके जीवन में आयेगी। अनुष्का शर्मा की लोकप्रियता पर कौन सवाल उठा सकता है।

हालांकि विराट कोहली की कुंडली में मांगलिक दोष भी मौजूद है जो कहीं न कहीं विवाह में विलंब के संकेत करता है लेकिन पत्रिका में मंगल के पंचमेश कारक ग्रह होने एवं सप्तमेश बुध पर दृष्टि डालने से प्रेम विवाह के प्रबल संयोग बना रहे हैं।

अनुष्का शर्मा की कुंडली

नाम – अनुष्का शर्मा

जन्मतिथि – 1 मई 1988

जन्म स्थान – बंगलुरु

जन्म समय – 12:00 (अनुमानित)

उपरोक्त विवरण के अनुसार अनुष्का की चंद्र राशि तुला है। वर्तमान में इन पर बृहस्पति की महादशा में राहू की अंतर्दशा चल रही है। स्त्रियों के लिये बृहस्पति को विवाह का कारक भी माना जाता है। अनुष्का की राशि के अनुसार बृहस्पति इनके भाग्य के कारक भी हैं। अनुष्का की कुंडली में मौजूद ग्रह इनके लिये प्रेम-पारंपरिक विवाह के योग बना रहे हैं। यानि प्रेम के पश्चात घर वालों के समर्थन से परंपरागत विधि विधान से विवाह होने के आसार इनके लिये बन रहे हैं।

दरअसर इनकी पत्रिका में केंद्र में चंद्र व मंगल के होने, एवं शुक्र के स्वराशिगत होने के साथ-साथ पंचम भाव में दृष्टि रखने के कारण अनुष्का के लिये मनचाहे वर के मिलने के योग बना रहे हैं। पत्रिका में सातवें स्थान में उच्च राशि के मंगल का होना जीवनसाथी के पराक्रम को मजबूत करता है। विराट कोहली के पराक्रम से भला कौन अपरिचित है।

विराट-अनुष्का अर्थात विरुष्का का कुंडली मिलन

विराट और अनुष्का जिन्हें अब विरुष्का भी कहने लगे हैं भले ही इटली के मिलन में भांगड़ा करते हुए शादी रचाये या दुनिया के किसी अन्य कौने में पर हम उनकी कुंडलियों के मिलन को जरुर आपके सामने रख रहे हैं। अगर दोनों की कुंडलियों को आपस में मिलाकर देखा जाये तो दोनों के आपस में 25 गुण मिलते हैं जो कि ज्योतिषाचार्यों के अनुसार दोनों के वैवाहिक जीवन के लिये बहुत ही अच्छे संकेत हैं।

विदेश में क्यों हुई विराट-अनुष्का की शादी?

वर्तमान में विराट कोहली पर जहां राहू की महादशा चल रही है तो वहीं अनुष्का शर्मा पर राहू की अंतर्दशा चल रही है। राहू जन्मस्थान से दूर ले जाने वाले योग बनाते हैं। राहू की दशा के चलते ही विरुष्का का मिलन, मिलन में हो रहा है। एस्ट्रोयोगी की ओर से इन्हें जीवन की एक नई शुरुआत के लिये हार्दिक शुभकामनाएं।

विरुष्का की कुंडलियों के तो 25 गुण आपस में मिलते हैं आपके साथी की कुंडली आपसे कितना मेल खाती है जानने के लिये एस्ट्रोयोगी पर देश के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से परामर्श करें।




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