धनतेरस के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं? जानें जरूरी नियम

Wed, Nov 04, 2026
टीम एस्ट्रोयोगी
 टीम एस्ट्रोयोगी के द्वारा
Wed, Nov 04, 2026
Team Astroyogi
 टीम एस्ट्रोयोगी के द्वारा
article view
480
धनतेरस के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं? जानें जरूरी नियम

धनतेरस दिवाली से पहले आने वाला महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस का दिन सुख, समृद्धि, आरोग्य और धन की कामना के लिए विशेष माना जाता है। यही वजह है कि इस दिन पूजा के साथ खरीदारी, दीपदान, दान और घर की साफ-सफाई से जुड़े कई नियम बताए गए हैं।

धनतेरस के दिन क्या करना चाहिए

अगर आप सोच रहे हैं कि धनतेरस के दिन क्या करना चाहिए, तो इस दिन कुछ ऐसे काम हैं जिन्हें शुभ माना जाता है। वहीं कुछ कार्यों को करने से बचने की सलाह भी दी जाती है।

धनतेरस के दिन घर की सफाई करें

धनतेरस से पहले घर की अच्छी तरह सफाई करना शुभ माना जाता है। घर के कोने-कोने की सफाई करके अनावश्यक और खराब सामान को व्यवस्थित करना चाहिए।

पूजा स्थल को विशेष रूप से साफ रखें। घर के मुख्य द्वार और आसपास की जगह को भी साफ-सुथरा रखें। धार्मिक मान्यता के अनुसार साफ और व्यवस्थित घर में सकारात्मक वातावरण बनता है।

धनतेरस पर दीपक जलाएं

धनतेरस के दिन दीप जलाने की परंपरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार के पास दीपक जलाया जाता है।

कई परिवार इस दिन यम दीप भी जलाते हैं। मान्यता के अनुसार दक्षिण दिशा की ओर दीपक रखने और जलाने की परंपरा है। इसे परिवार की मंगलकामना से जोड़कर देखा जाता है।

भगवान धन्वंतरि की पूजा करें

धनतेरस भगवान धन्वंतरि की आराधना का प्रमुख दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे और उनके हाथों में अमृत कलश था।

इस दिन भगवान धन्वंतरि का स्मरण करके अच्छे स्वास्थ्य और निरोगी जीवन की प्रार्थना की जाती है। पूजा में दीप, धूप, पुष्प, फल और नैवेद्य अर्पित किया जा सकता है।

माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर का पूजन करें

धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा भी की जाती है। पूजा स्थल को साफ करके लक्ष्मी जी और कुबेर जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।

रोली, अक्षत, पुष्प, धूप और दीप अर्पित करके परिवार की सुख-समृद्धि और आर्थिक स्थिरता की प्रार्थना करें। धनतेरस पर की जाने वाली यह पूजा दिवाली की लक्ष्मी पूजा से अलग हो सकती है, लेकिन कई परिवार दोनों पर्वों पर लक्ष्मी जी की आराधना करते हैं।

धनतेरस पर शुभ खरीदारी करें

धनतेरस के दिन नई वस्तुएं खरीदने की परंपरा है। विशेष रूप से सोना, चांदी, बर्तन और धातु की वस्तुओं की खरीदारी को शुभ माना जाता है।

अपनी क्षमता के अनुसार छोटी वस्तु खरीदना भी इस परंपरा का हिस्सा हो सकता है। जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति महंगी वस्तु ही खरीदे। घर के उपयोग की कोई नई वस्तु भी खरीदी जा सकती है।

खरीदारी का उद्देश्य केवल धन खर्च करना नहीं, बल्कि शुभता और समृद्धि की भावना से नई वस्तु को घर में लाना माना जाता है।

धनतेरस पर दान करें

धनतेरस के दिन जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार दान करना शुभ माना जाता है। भोजन, कपड़े या उपयोगी वस्तुओं का दान किया जा सकता है।

दान करते समय दिखावे के बजाय श्रद्धा और सेवा भाव रखना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। किसी जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना इस पर्व की सकारात्मक भावना से जुड़ा है।

धनतेरस के दिन सात्त्विक भोजन करें

धनतेरस के दिन भोजन को लेकर भी परिवार और क्षेत्र के अनुसार परंपराएं अलग हो सकती हैं। सामान्य रूप से इस दिन सात्त्विक और शुद्ध भोजन करने की परंपरा रखी जाती है।

फल, मिठाई, दूध से बनी चीजें और घर का बना हुआ भोजन ग्रहण किया जा सकता है। भोजन बनाते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

इस दिन अत्यधिक तामसिक भोजन और नशे से दूर रहना धार्मिक दृष्टि से उचित माना जाता है।

धनतेरस पर गृह प्रवेश

धनतेरस के दिन गृह प्रवेश को लेकर भी लोगों में काफी रुचि रहती है। कुछ परिवार धनतेरस जैसे शुभ पर्व पर नए घर में प्रवेश करना पसंद करते हैं।

हालांकि गृह प्रवेश के लिए केवल त्योहार का दिन देखना पर्याप्त नहीं माना जाता। गृह प्रवेश का मुहूर्त तिथि, नक्षत्र और स्थानीय पंचांग के आधार पर देखा जाता है।

इसलिए यदि धनतेरस पर गृह प्रवेश करना हो तो किसी योग्य ज्योतिषी या स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त निर्धारित करना बेहतर रहता है।

धनतेरस पर घर को सजाएं

धनतेरस के दिन घर को साफ करने के बाद सजाने की परंपरा है। मुख्य द्वार पर रंगोली बनाई जा सकती है और शाम के समय दीप जलाए जा सकते हैं।

घर के प्रवेश द्वार पर दीपक और सजावट करने से त्योहार का वातावरण सुंदर और सकारात्मक बनता है। पूजा स्थल को भी फूलों और दीपों से सजाया जा सकता है।

धनतेरस के दिन क्या नहीं करना चाहिए

धनतेरस पर कुछ कार्यों से बचने की सलाह धार्मिक परंपराओं में दी जाती है। इस दिन घर में अनावश्यक विवाद, क्रोध और नकारात्मक व्यवहार से बचना चाहिए।

माता लक्ष्मी को स्वच्छता और शांति प्रिय मानी जाती है, इसलिए घर को गंदा रखना या पूजा के समय अशांत वातावरण बनाना उचित नहीं माना जाता।

किसी जरूरतमंद व्यक्ति का अपमान करने या किसी के साथ गलत व्यवहार करने से भी बचना चाहिए। त्योहार का उद्देश्य परिवार और समाज में सुख, शांति और सद्भाव बढ़ाना माना जाता है।

धनतेरस पर कर्ज और लेन-देन का ध्यान रखें

धनतेरस को धन और समृद्धि से जुड़ा पर्व माना जाता है। इसलिए कई परिवार इस दिन अनावश्यक कर्ज लेने या बड़े आर्थिक विवाद में पड़ने से बचते हैं।

इस दिन खर्च करते समय अपनी आर्थिक क्षमता का ध्यान रखना चाहिए। केवल परंपरा निभाने के लिए ऐसी खरीदारी नहीं करनी चाहिए जिससे परिवार पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़े।

धनतेरस के जरूरी नियम

धनतेरस पर इन बातों का ध्यान रखा जा सकता है:

  • सुबह घर की साफ-सफाई करें।
  • पूजा स्थल को स्वच्छ रखें।
  • भगवान धन्वंतरि का स्मरण और पूजन करें।
  • माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करें।
  • शाम को घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाएं।
  • अपनी क्षमता के अनुसार शुभ वस्तु खरीदें।
  • जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें।
  • घर में शांत और सकारात्मक वातावरण बनाए रखें।
  • भोजन में स्वच्छता और सात्त्विकता का ध्यान रखें।
  • गृह प्रवेश के लिए अलग से शुभ मुहूर्त जरूर देखें।
  • बाल कटवाने को लेकर अपने परिवार की परंपरा का पालन करें।

धनतेरस पर किए जाने वाले नियम और परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों तथा परिवारों में भिन्न हो सकती हैं। इसलिए किसी भी धार्मिक नियम को अनिवार्य मानने के बजाय अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार उसका पालन करना बेहतर है।

धनतेरस से जुड़ी किसी भी तरह की ज्योतिषीय हेल्प चाहिए? तो अभी बात करें एस्ट्रोयोगी के टॉप एस्ट्रोलॉजर्स से – समाधान सिर्फ एक कॉल दूर।

article tag
Others
Festival
article tag
Others
Festival
नये लेख

आपके पसंदीदा लेख

अपनी रुचि का अन्वेषण करें
आपका एक्सपीरियंस कैसा रहा?
facebook whatsapp twitter
ट्रेंडिंग लेख

ट्रेंडिंग लेख

और देखें

यह भी देखें!