धनतेरस पर झाड़ू क्यों खरीदते हैं? जानें इसके पीछे की मान्यता

Thu, Nov 05, 2026
टीम एस्ट्रोयोगी
 टीम एस्ट्रोयोगी के द्वारा
Thu, Nov 05, 2026
Team Astroyogi
 टीम एस्ट्रोयोगी के द्वारा
article view
480
धनतेरस पर झाड़ू क्यों खरीदते हैं? जानें इसके पीछे की मान्यता

धनतेरस पर सोना, चांदी और बर्तन खरीदने की परंपरा के बारे में तो ज्यादातर लोग जानते हैं, लेकिन इस दिन झाड़ू खरीदना भी शुभ माना जाता है। बाजार में धनतेरस के मौके पर झाड़ू खरीदने के लिए लोगों की भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर झाड़ू का इस त्योहार से क्या संबंध है? क्या धनतेरस पर झाड़ू खरीदने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं? इसे खरीदने के पीछे कौन-सी धार्मिक मान्यता है?

हिंदू परिवारों में झाड़ू को केवल घर साफ करने का साधन नहीं माना जाता, बल्कि इसे घर की सफाई, व्यवस्था और दरिद्रता दूर करने का प्रतीक भी समझा जाता है। धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा के पीछे भी ऐसी ही मान्यताएं जुड़ी हैं। आइए जानते हैं कि धनतेरस पर झाड़ू क्यों खरीदते हैं, इसे लेकर क्या मान्यताएं हैं और इसे घर में रखने के कौन-से नियम बताए जाते हैं।

धनतेरस पर झाड़ू खरीदना क्यों शुभ माना जाता है?

धनतेरस पर झाड़ू खरीदने के पीछे सबसे प्रचलित मान्यता घर से दरिद्रता दूर करने और सुख-समृद्धि का स्वागत करने से जुड़ी है। झाड़ू घर की धूल, मिट्टी और कचरा साफ करती है। इसी वजह से इसे गंदगी और अव्यवस्था दूर करने का प्रतीक माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिस घर में साफ-सफाई रहती है, वहां सकारात्मक माहौल बना रहता है। दिवाली से पहले घर की सफाई करने और बेकार सामान हटाने की परंपरा भी इसी सोच से जुड़ी है। धनतेरस पर नई झाड़ू खरीदना घर को साफ रखने और नई शुरुआत करने का प्रतीक माना जाता है।

धनतेरस पर झाड़ू का मां लक्ष्मी से क्या संबंध है?

मां लक्ष्मी को धन, सुख और समृद्धि की देवी माना जाता है। दिवाली के समय लोग अपने घरों की सफाई करते हैं, ताकि पूजा से पहले घर को साफ और व्यवस्थित बनाया जा सके। इसी कारण साफ-सफाई को मां लक्ष्मी के स्वागत से जोड़कर देखा जाता है।

झाड़ू इस काम का सबसे जरूरी साधन है। इससे घर का कचरा हटाया जाता है और रहने की जगह साफ रखी जाती है। इसलिए धनतेरस पर झाड़ू खरीदने को घर में सुख-समृद्धि के स्वागत की तैयारी के रूप में भी देखा जाता है।

कुछ लोक मान्यताओं में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक भी माना गया है। इन मान्यताओं के अनुसार, झाड़ू का सम्मान करना और उसे सही जगह पर रखना शुभ होता है। हालांकि, झाड़ू को मां लक्ष्मी से जोड़ने की मान्यता हर क्षेत्र और परिवार में एक जैसी नहीं है।

अलक्ष्मी कौन हैं और झाड़ू खरीदने से उनका क्या संबंध है?

धनतेरस पर झाड़ू खरीदने से जुड़ी एक दूसरी धार्मिक मान्यता अलक्ष्मी के बारे में भी बताई जाती है। कुछ धार्मिक कथाओं और लोक परंपराओं में अलक्ष्मी को मां लक्ष्मी की बड़ी बहन माना गया है। उनका नाम ऐसी स्थिति से जोड़ा जाता है, जहां धन, सुख और शांति की कमी हो।

लोक मान्यताओं में अलक्ष्मी को गरीबी, दुख, कलह और अशांति का प्रतीक बताया जाता है। इसके विपरीत, मां लक्ष्मी को सुख, धन और समृद्धि से जोड़ा जाता है। इस तरह दोनों को जीवन की अलग-अलग स्थितियों का प्रतीक माना जाता है।

समुद्र मंथन से जुड़ी कुछ कथाओं में अलक्ष्मी के प्रकट होने का भी उल्लेख मिलता है। हालांकि, अलक्ष्मी और झाड़ू को सीधे जोड़ने वाली मान्यता को सभी धार्मिक ग्रंथों में एक समान रूप से बताया गया हो, ऐसा निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता।

कुछ लोक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर झाड़ू खरीदना घर से दरिद्रता और नकारात्मकता दूर करने की इच्छा का प्रतीक है। इसे अलक्ष्मी से जुड़ी मान्यता के साथ भी समझाया जाता है। लेकिन यह एक धार्मिक विश्वास है, कोई प्रमाणित नियम नहीं।

धनतेरस पर झाड़ू खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?

धनतेरस पर झाड़ू खरीदने के लिए कुछ परिवार खास नियमों का पालन करते हैं। इनमें से कई नियम धार्मिक मान्यताओं और स्थानीय परंपराओं पर आधारित हैं।

1. जरूरत के अनुसार झाड़ू खरीदें

आप घर की सफाई के लिए ऐसी झाड़ू खरीद सकते हैं जो आपके काम के अनुकूल हो। पारंपरिक घास या सींक वाली झाड़ू के अलावा आज बाजार में कई तरह की झाड़ू उपलब्ध हैं। खरीदते समय उसकी मजबूती और इस्तेमाल को ध्यान में रखें।

2. झाड़ू साफ और सुरक्षित जगह पर रखें

नई झाड़ू को घर में ऐसी जगह रखें जहां वह रास्ते में न आए और आसानी से इस्तेमाल की जा सके। कुछ मान्यताओं में झाड़ू को खुली जगह पर रखने से बचने की सलाह दी जाती है। इसे व्यावहारिक रूप से घर को व्यवस्थित रखने की आदत के तौर पर भी देखा जा सकता है।

3. झाड़ू को सीधा खड़ा रखने से बचने की मान्यता

कुछ परिवारों में झाड़ू को खड़ा करके रखने के बजाय जमीन पर लिटाकर रखने की परंपरा है। इसे शुभ-अशुभ की मान्यता से जोड़ा जाता है। हालांकि, यह कोई वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नियम नहीं है। झाड़ू को इस तरह रखें कि वह गिरे नहीं और किसी को चोट न लगे।

4. पुरानी झाड़ू कब हटाएं?

कुछ लोक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस, नरक चतुर्दशी और अमावस्या जैसे दिनों पर पुरानी झाड़ू फेंकने से बचना चाहिए। इस नियम का पालन सभी परिवार नहीं करते। यदि पुरानी झाड़ू पूरी तरह खराब हो गई है, तो स्वच्छता बनाए रखने के लिए उसे बदलना उचित है। उसे फेंकते समय स्थानीय कचरा प्रबंधन के नियमों का ध्यान रखें।

धनतेरस पर झाड़ू की पूजा कैसे करें?

धनतेरस पर झाड़ू की पूजा करना हर परिवार में जरूरी नहीं माना जाता। कुछ लोग नई झाड़ू घर लाने के बाद उसे साफ जगह पर रखते हैं और पूजा करते समय मां लक्ष्मी के सामने प्रार्थना करते हैं।

यदि आप इस परंपरा का पालन करना चाहते हैं, तो ये आसान तरीके अपना सकते हैं:

  1. घर की सफाई करें और पूजा की जगह को व्यवस्थित रखें।
  2. नई झाड़ू को साफ जगह पर रखें।
  3. मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करें।
  4. परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत के लिए प्रार्थना करें।
  5. झाड़ू को सम्मान के साथ रखें और उसका सही इस्तेमाल करें।

झाड़ू की पूजा के लिए किसी कठिन विधि का पालन करना जरूरी नहीं है। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा कर सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूजा के नाम पर किसी तरह का डर या दबाव महसूस न करें।

झाड़ू रखने के लिए वास्तु के नियम क्या हैं?

वास्तु से जुड़ी कुछ मान्यताओं में झाड़ू को घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखने की सलाह दी जाती है। कुछ लोग इसे ऐसी जगह रखते हैं जहां बाहर से आने वाले लोगों की नजर सीधे उस पर न पड़े। झाड़ू को खड़ा रखने के बजाय लिटाकर रखना भी कुछ घरों में शुभ माना जाता है।

हालांकि, इन नियमों के पक्ष में मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए घर में झाड़ू रखने के लिए ऐसी जगह चुनना बेहतर है जहां सफाई करना आसान हो, झाड़ू सूखी रहे और बच्चों या पालतू जानवरों की पहुंच से सुरक्षित हो।

वास्तु के नियमों का पालन करना आपकी आस्था पर निर्भर करता है। घर की सफाई और सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता दें।

क्या धनतेरस पर झाड़ू खरीदना जरूरी है?

नहीं, धनतेरस पर झाड़ू खरीदना अनिवार्य नहीं है। यह एक परंपरा है, जिसका पालन कई परिवार अपनी श्रद्धा के अनुसार करते हैं। यदि आपके घर में नई झाड़ू की जरूरत नहीं है, तो केवल धार्मिक मान्यता के कारण इसे खरीदना जरूरी नहीं है।

आप धनतेरस पर घर की सफाई कर सकते हैं, पूजा की तैयारी कर सकते हैं या परिवार के साथ त्योहार मना सकते हैं। यदि झाड़ू खरीदते हैं, तो अपनी जरूरत और बजट के अनुसार ही खरीदें।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि झाड़ू खरीदने से धन बढ़ने या परेशानियां दूर होने की कोई गारंटी नहीं है। यह एक पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है, जिसका महत्व लोगों की आस्था से जुड़ा है।

धनतेरस से जुड़ी किसी भी तरह की ज्योतिषीय हेल्प चाहिए? तो अभी बात करें एस्ट्रोयोगी के टॉप एस्ट्रोलॉजर्स से – समाधान सिर्फ एक कॉल दूर।

article tag
Others
Festival
article tag
Others
Festival
नये लेख

आपके पसंदीदा लेख

अपनी रुचि का अन्वेषण करें
आपका एक्सपीरियंस कैसा रहा?
facebook whatsapp twitter
ट्रेंडिंग लेख

ट्रेंडिंग लेख

और देखें

यह भी देखें!